भारतीय सिनेमा जगत में निर्देशक रमेश सिप्पी का एक खास स्थान है। उन्होंने शोले, शान और सागर जैसी यादगार फिल्मों का निर्माण करके फिल्म उद्योग में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके निर्देशन सफर की एक बेहद दिलचस्प बात यह रही कि करियर के एक बड़े दौर में उन्होंने अपनी अधिकांश फिल्मों का नाम अंग्रेजी के 'S' अक्षर से रखा। यह नामकरण उनके लिए एक सफल टोटका साबित हुआ, जिसने बॉक्स ऑफिस पर कई सुपरहिट और कालजयी फिल्में दीं। इस दौरान उन्होंने अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी जैसे दिग्गज कलाकारों के साथ एक लंबी और सफल सिनेमैटिक साझेदारी भी निभाई।
सिनेमाई सफर की शुरुआत और पहला निर्देशन
पद्मश्री सम्मान से नवाजे गए रमेश सिप्पी का जन्म 23 जनवरी 1947 को कराची में हुआ था। वह मशहूर फिल्म निर्माता जी.पी. सिप्पी के बेटे हैं। रमेश सिप्पी ने अपने करियर की शुरुआत साल 1968 में आई फिल्म ब्रह्मचारी से बतौर प्रोड्यूसर की थी। पर्दे के पीछे काम करने का अनुभव हासिल करने के बाद उन्होंने साल 1971 में आई फिल्म अंदाज से बतौर डायरेक्टर डेब्यू किया। इस फिल्म में हेमा मालिनी और शम्मी कपूर मुख्य भूमिका में नजर आए थे। पहली ही फिल्म से रमेश सिप्पी को बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल हुई और एक निर्देशक के रूप में उनका सफर शानदार तरीके से शुरू हुआ।
'S' नाम का सिलसिला और हेमा मालिनी का दोहरा रोल
अपनी पहली फिल्म की सफलता के बाद रमेश सिप्पी ने साल 1972 में फिल्म सीता और गीता का निर्देशन किया। इस फिल्म में उन्होंने एक बार फिर हेमा मालिनी को कास्ट किया, जो इसमें दोहरी भूमिका में दिखाई दी थीं। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट साबित हुई और दर्शकों ने इसे खूब पसंद किया। इस बड़ी सफलता के बाद निर्देशक ने अपनी आने वाली फिल्मों के नाम 'S' अक्षर से रखने का एक अनोखा ट्रेंड शुरू किया, जो आगे चलकर उनकी पहचान बन गया।
ब्लॉकबस्टर शोले से लेकर कल्ट शान और शक्ति की यात्रा
इस नामकरण के सिलसिले में साल 1975 में आई फिल्म शोले उनके करियर का सबसे बड़ा मुकाम बनी। शोले भारतीय सिनेमा के इतिहास की ऑलटाइम ब्लॉकबस्टर और सबसे लोकप्रिय फिल्मों में शुमार हुई। इसके बाद साल 1980 में उन्होंने शान बनाई। हालांकि शान रिलीज के वक्त बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट नहीं हो सकी, लेकिन समय के साथ इसे एक कल्ट फिल्म का दर्जा मिला। इसके बाद रमेश सिप्पी ने साल 1982 में शक्ति और साल 1985 में सागर जैसी फिल्मों का निर्देशन किया। यह दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर औसत कारोबार ही कर सकीं।
कलाकारों का संयोजन और 22 फिल्मों के आंकड़े
रमेश सिप्पी ने अपने निर्देशन करियर में 'S' नाम से कुल 6 फिल्में बनाईं। इन फिल्मों की एक खास बात यह रही कि इनमें से 5 फिल्मों में अमिताभ बच्चन या हेमा मालिनी में से कोई एक कलाकार जरूर मुख्य भूमिका में रहा। इस ट्रेंड में एकमात्र अपवाद साल 1985 में आई फिल्म सागर थी, जिसमें अमिताभ बच्चन या हेमा मालिनी के बजाय ऋषि कपूर और डिंपल कपाड़िया की जोड़ी नजर आई थी। अपने पूरे करियर में रमेश सिप्पी ने बतौर प्रोड्यूसर और डायरेक्टर करीब 22 फिल्मों में काम किया। इनमें से 11 फिल्मों की जिम्मेदारी उन्होंने बतौर प्रोड्यूसर संभाली, जबकि 10 फिल्मों का निर्देशन किया। इसके अलावा साल 1987 में वह जमीन नाम की फिल्म का निर्देशन कर रहे थे, लेकिन यह फिल्म कभी सिनेमाघरों में रिलीज नहीं हो सकी।
नेमिंग पैटर्न टूटना और बाद की फिल्में
सागर फिल्म के बाद रमेश सिप्पी ने 'S' अक्षर से नाम रखने का अपना टोटका तोड़ दिया। साल 1989 में उन्होंने मिथुन चक्रवर्ती के साथ फिल्म भ्रष्टाचार बनाई, लेकिन यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई। इसके बाद बतौर डायरेक्टर उनकी फिल्में अकेला और जमाना दीवाना भी दर्शकों के बीच कोई खास कमाल नहीं दिखा सकीं, जबकि इन दोनों फिल्मों में अमिताभ बच्चन और शाहरुख खान जैसे सुपरस्टार मौजूद थे। लंबे ब्रेक के बाद रमेश सिप्पी ने एक बार फिर 'S' नाम से फिल्म बनाने का फैसला किया और हेमा मालिनी को कास्ट करके शिमला मिर्च बनाई। साल 2014 में बनकर तैयार हुई यह फिल्म 6 साल की देरी से सिनेमाघरों में रिलीज हुई और फ्लॉप रही।


















