फिल्म उद्योग में ऐतिहासिक और भव्य किरदारों के परिधानों को जीवंत रूप देने वाले मशहूर कॉस्ट्यूम डिजाइनर रिम्पल और हरप्रीत इन दिनों अपने निजी आशियाने की अद्भुत सजावट को लेकर चर्चा के केंद्र में हैं। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बनी भव्य फिल्म ‘पद्मावत’ और चर्चित वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ के लिए आकर्षक पोशाकें तैयार कर चुके इस रचनात्मक जोड़े के घर का दौरा जब कोरियोग्राफर और फिल्म निर्देशक फराह खान ने किया, तो वे वहां की कलात्मक भव्यता देखकर चकित रह गईं। यह डिजाइनर जोड़ी इन दिनों नमित मल्होत्रा की महत्वाकांक्षी सिनेमैटिक परियोजना ‘रामायण’ के लिए वेशभूषा तैयार करने में व्यस्त है, जिसका निर्माण बजट करीब 4,000 करोड़ रुपये आंका गया है। नई दिल्ली स्थित इस आवास में प्रवेश करते ही प्राचीन धरोहरों, दुर्लभ कलाकृतियों और अंतरराष्ट्रीय शिल्पकारी का ऐसा संसार नजर आता है, जिसने फराह खान का ध्यान पूरी तरह खींच लिया।
ग्रीन एवेन्यू में 10,800 वर्ग फीट का शिल्प संसार
राजधानी नई दिल्ली के प्रतिष्ठित वसंत कुंज स्थित ग्रीन एवेन्यू में बना यह घर करीब 10,800 वर्ग फीट के विशाल क्षेत्र में फैला हुआ है। इस आलीशान बंगले को वर्तमान स्वरूप देने और दुनिया भर से दुर्लभ कलाकृतियों का नायाब संग्रह जुटाने में रिम्पल और हरप्रीत को लगभग पांच साल का लंबा वक्त लगा। बाहर से लेकर भीतर तक यह आवास किसी आधुनिक घर के बजाय एक प्राचीन शाही महल या उच्चस्तरीय कला संग्रहालय की अनुभूति कराता है। इस बहुमंजिला आवास में अलग-अलग तलों को आपस में जोड़ने के लिए आधुनिक लिफ्ट की सुविधा मौजूद है। ऊंची छतें, शांत स्विमिंग पूल, बेशकीमती कलाकृतियां और दुनिया के विभिन्न कोनों से बेहद संजीदगी से चुनी गई एंटीक वस्तुएं इस पूरे परिसर को असाधारण गरिमा प्रदान करती हैं। इस जगह की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसके प्रत्येक कोने को किसी सोची-समझी कलात्मक योजना के तहत तराशा गया है।
करोड़ों रुपये की मास्टरपीस पेंटिंग्स और कला का नायाब संग्रह
घर की मुख्य गैलरी और दीवानखाने में कदम रखते ही फराह खान का सामना आधुनिक भारतीय कला के महारथियों की दुर्लभ कृतियों से हुआ। दीवारों पर सजी इन कलाकृतियों में प्रख्यात भारतीय आधुनिक कलाकार एफएन सूजा की एक बहुचर्चित पेंटिंग विशेष आकर्षण का केंद्र बनी। इस पेंटिंग को देखकर फराह खान ने सहज टिप्पणी की कि इस उत्कृष्ट कलाकृति को वास्तव में किसी प्रतिष्ठित सार्वजनिक संग्रहालय में रखा जाना चाहिए। आधुनिक भारतीय चित्रकला में शीर्ष स्थान रखने वाले एफएन सूजा के चित्रों की अंतरराष्ट्रीय नीलामी अक्सर करोड़ों रुपये के आंकड़े छूती है। रिम्पल और हरप्रीत के निजी संग्रह में मौजूद सूजा की एक अनटाइटल्ड पेंटिंग को लेकर जानकारी सामने आई कि साल 2023 में एक सार्वजनिक नीलामी के दौरान इसकी कीमत 1.08 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी।
इस संग्रह की भव्यता केवल एक पेंटिंग तक सीमित नहीं है। इस घर की दीवारों पर थोथा वैकुंठम और शक्ति बर्मन जैसे दिग्गज चित्रकारों की कृतियां भी बेहद सलीके से सजाई गई हैं। कमरे के विभिन्न कोनों में स्थापित प्राचीन मूर्तियां, हाथ से तराशी गई धातु और लकड़ी की कृतियां तथा दुर्लभ कलात्मक वस्तुएं पूरे माहौल को ऐतिहासिक गहराई देती हैं। इस पूरे संग्रह का बारीकी से मुआयना करने के बाद फराह खान ने कहा कि एक सच्चा कलाकार ही दूसरे कलाकार की कलात्मक तपस्या और साधना को सही मायनों में समझ सकता है। वहीं इस दौरे के दौरान उनके साथ मौजूद दिलीप ने भी चुटकी लेते हुए कहा कि यहां कदम रखते ही ऐसा महसूस होने लगा है मानो वे किसी प्राचीन राजमहल के भीतर आ गए हों।
भारतीय रजवाड़ा विरासत और यूरोपीय विंटेज शैली का संतुलन
रिम्पल और हरप्रीत के इस आवास का इंटीरियर भारतीय शाही परंपरा और यूरोपीय विंटेज स्थापत्य कला का एक संतुलित और सुरुचिपूर्ण संगम प्रस्तुत करता है। कमरों के फर्श पर बिछी रेशमी फारसी कालीन, गुजरे जमाने का विंटेज लकड़ी का फर्नीचर, चुनिंदा सजावटी सामान और शीशे की सतह से सजी कॉफी टेबल बरबस ही आंखें बांध लेती हैं। टेबल पर करीने से सजाए गए कांच के फल देखकर फराह खान का कौतूहल बढ़ गया। उन्होंने जिज्ञासावश पूछा कि क्या कांच के ये फल वेनिस से मंगाए गए हैं। इस सवाल पर हरप्रीत ने स्पष्ट किया कि ये फल दरअसल इटली के प्रसिद्ध द्वीप मुरानो से लाए गए हैं, जो अपनी सदियों पुरानी कांच शिल्पकारी और हस्तकला के लिए दुनिया भर में मशहूर है।
घर का एक विशेष हिस्सा पूरी तरह से पारंपरिक भारतीय पिछवाई कला को समर्पित किया गया है, जो राजस्थान की सदियों पुरानी सांस्कृतिक धरोहर और आध्यात्मिक कला का जीवंत प्रतिनिधित्व करता है। इसके विपरीत, मुख्य लिविंग रूम का स्थापत्य आधुनिक वास्तुकला के सिद्धांतों पर आधारित है। यहां की ऊंची छत, छत में लगी लकड़ी की प्राकृतिक खुली बीम, रोशनी से भरपूर बड़ी खिड़कियां, प्राकृतिक पत्थर से बना फर्श और मिट्टी के रंगों का संयोजन इसे सुकूनदेह बनाता है। आधुनिक न्यूनतम डिजाइन के फर्नीचर के बीच जब सदियों पुरानी भारतीय मूर्तियां और क्लासिक पेंटिंग्स रखी जाती हैं, तो पूरा दृश्य किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर की इंटीरियर डिजाइन पत्रिका के मुख्य पृष्ठ जैसा नजर आने लगता है।
हाथ से तराशा गया डाइनिंग टेबल और विंटेज झूमर
इस आलीशान घर का भोजन कक्ष यानी डाइनिंग एरिया भी अपनी अनूठी बनावट के कारण खास चर्चा में रहा। यहां स्थापित बड़ा डाइनिंग टेबल और उसके ठीक ऊपर लटका शानदार झूमर किसी दुकान से खरीदा हुआ नहीं, बल्कि हरप्रीत द्वारा खुद डिजाइन किया गया है। हरप्रीत ने इस कलात्मक टुकड़े के निर्माण का ब्योरा साझा करते हुए बताया कि उन्होंने कई टूटे और पुराने क्लासिक झूमरों के अलग-अलग हिस्सों को एकत्र किया और उन्हें जोड़कर एक सर्वथा नया, भव्य लाइटिंग पीस तैयार किया।
डाइनिंग टेबल की रचना प्रक्रिया भी उतनी ही रोचक और परंपरा से प्रेरित रही है। हरप्रीत के अनुसार, इस टेबल की मूल प्रेरणा कश्मीर के सदियों पुराने जामावर शॉल की बारीक बनावट और बुनाई शैली से ली गई थी। इसे साकार करने के लिए उन्होंने डाइनिंग रूम के फर्श के प्राकृतिक रंग से पूरी तरह मेल खाने वाले दुर्लभ पत्थर का चुनाव किया। इस प्रकार पारंपरिक वस्त्र शिल्प की सदियों पुरानी विरासत और कल्पनाशीलता को आधुनिक आवासीय इंटीरियर में एक नया जीवन और स्थान मिल गया।
विशाल कैनोपी बेड वाला गेस्ट रूम और मॉड्यूलर किचन
घर के विभिन्न हिस्सों का चक्कर लगाते हुए फराह खान जब गेस्ट बेडरूम में पहुंचीं, तो कमरे की शाही व्यवस्था देखकर उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में इसे अपना कमरा करार दे दिया। इस अतिथि कक्ष के केंद्र में चार खंभों वाला पारंपरिक कैनोपी बेड रखा गया है, जिस पर भव्य भारी पर्दे, आकर्षक नक्काशीदार डिजाइनर फर्नीचर, कलात्मक पार्टिशन स्क्रीन और दुर्लभ विंटेज वस्तुएं सजी हैं। कमरे की भव्यता किसी हेरिटेज पैलेस होटल के प्रेसिडेंशियल सुइट की बराबरी करती दिखती है। माहौल को और हल्का बनाते हुए रिम्पल ने फराह से कहा कि फराह जब भी उनके घर आती हैं, तो वे उनकी खातिरदारी में उनके पैर तक दबाती हैं।
इसके बाद फराह खान ने घर के भोजन निर्माण क्षेत्र यानी आधुनिक मॉड्यूलर किचन का अवलोकन किया। रसोई का यह हिस्सा अत्याधुनिक और विलासितापूर्ण सुविधाओं से युक्त है। यहां गहरे टील ब्लू रंग की आकर्षक कैबिनेट्स, साफ-सुथरा सफेद काउंटरटॉप, ज्यामितीय पैटर्न वाला फर्श और मध्य में तैयार किया गया आइलैंड इसे पूरी तरह समकालीन लुक देते हैं। दीवारों में लगी बड़ी-बड़ी शीशे की खिड़कियों के जरिए बाहर से आने वाली भरपूर प्राकृतिक रोशनी और शुद्ध हवा पूरे किचन को खुला और तरोताजा बनाए रखती है।
फैशन बनाम शादी का कारोबार और सिनेमाई महत्वाकांक्षा
घर के इस व्यापक भ्रमण के दौरान बातचीत केवल वास्तुकला तक सीमित नहीं रही, बल्कि धीरे-धीरे भारतीय फैशन उद्योग और इसके कारोबारी मॉडल्स पर भी केंद्रित हो गई। रिम्पल और हरप्रीत ने खुलकर स्वीकार किया कि उनके डिजाइनर परिधानों के पूरे कारोबार का सबसे बड़ा और प्रमुख हिस्सा भारत में शादी के सीजन से उत्पन्न होता है। भारतीय परिधान बाजार की हकीकत पर चर्चा करते हुए हरप्रीत ने दो टूक शब्दों में कहा कि भारत में मुख्यधारा की फैशन इंडस्ट्री से कहीं ज्यादा दबदबा और पैमाना दरअसल वेडिंग इंडस्ट्री का है।
फराह खान ने भी हरप्रीत की इस बात पर पूरी सहमति जताई और माना कि भारत के समूचे फैशन क्षेत्र में सबसे बड़ा पूंजी प्रवाह शादियों और उत्सवों की खरीदारी के जरिए ही होता है। भव्य ऐतिहासिक फिल्म ‘पद्मावत’ और संजय लीला भंसाली की वेब सीरीज ‘हीरामंडी’ के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपने शिल्प का लोहा मनवा चुकी यह जोड़ी अब 4,000 करोड़ रुपये के बजट वाली महाकाव्य फिल्म ‘रामायण’ के पात्रों की वेशभूषा रच रही है। जहां सिनेमा प्रेमी फिल्म के किरदारों के लुक को लेकर उत्सुक हैं, वहीं दिल्ली स्थित इस डिजाइनर जोड़ी का घर कला, इतिहास, वास्तुकला और शाही विलासिता के अद्भुत तालमेल की वजह से चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।



















