फिल्म ‘काला हिरण’ को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई में दिल्ली हाईकोर्ट ने बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान को अपना पक्ष रखने के लिए चार हफ्ते की मोहलत दी है। फिल्म के निर्माता ने अदालत का रुख करते हुए मांग की थी कि अभिनेता द्वारा फिल्म की रिलीज रोकने के लिए दायर किए गए मुकदमे को वापस लेने का निर्देश दिया जाए। निर्माता पक्ष की दलील है कि सलमान खान की ओर से दायर इस वाद पर सुनवाई करने का दिल्ली की अदालत के पास क्षेत्रीय अधिकार क्षेत्र नहीं है। अदालत ने इस बिंदु पर विचार करते हुए अभिनेता से जवाब दाखिल करने को कहा है, जिसके बाद इस पूरे प्रकरण की अगली सुनवाई 16 दिसंबर को तय की गई है।
पोस्टर और टीजर जारी होने के बाद गहराया विवाद
इस पूरे मामले की शुरुआत तब हुई जब निर्माताओं ने फिल्म ‘काला हिरण’ का पहला पोस्टर और टीजर दर्शकों के सामने रखा। सामग्री सामने आते ही सलमान खान की तरफ से इस पर कड़ी कानूनी आपत्ति दर्ज कराई गई। अभिनेता का आरोप था कि फिल्म के मुख्य किरदार की रूपरेखा और तौर-तरीके काफी हद तक उनसे मिलते-जुलते गढ़े गए हैं। इसके अलावा किरदार के हाथ में सलमान के ट्रेडमार्क बन चुके नीले ब्रेसलेट जैसा ही आभूषण भी साफ तौर पर दिखाया गया। अभिनेता का कहना था कि यह सब उनकी सार्वजनिक पहचान को भुनाने के मकसद से किया गया है और बिना पूर्व अनुमति के उनके व्यक्तित्व और हाव-भाव को पर्दे पर उतारा जा रहा है।
पर्सनैलिटी राइट्स और 1998 के मामले पर ऐतराज
अभिनेता की कानूनी टीम ने अदालत के समक्ष यह दलील भी पेश की कि टीजर में साल 1998 के चर्चित काले हिरण शिकार मामले से जुड़े घटनाक्रम के दृश्य शामिल किए गए हैं। चूंकि सलमान खान का नाम इस पुराने कानूनी मामले से लंबे समय तक जुड़ा रहा है, इसलिए फिल्म की कहानी में उनके निजी जीवन के विवादों को बिना सहमति के शामिल किया जा रहा है। अभिनेता का कहना था कि प्रचार सामग्री में उनके विवादित अतीत की झलक दिखाकर फिल्म को पब्लिसिटी दी जा रही है। सलमान के मुताबिक, इस कदम से न केवल उनकी सामाजिक और पेशेवर छवि को नुकसान पहुंच रहा है, बल्कि यह उनके पर्सनैलिटी राइट्स का भी सीधा उल्लंघन है।
निर्देशक भरत एस. श्रीनेत की सफाई और अदालती रोक
दूसरी तरफ फिल्म के निर्देशक भरत एस. श्रीनेत ने सलमान खान द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह खारिज किया है। निर्देशक का स्पष्ट कहना है कि यह फिल्म किसी भी तरह से सलमान खान के जीवन पर आधारित नहीं है। उनके मुताबिक, फिल्म की कहानी पूरी तरह से काल्पनिक है और इसके केंद्रीय पात्र का नाम ‘अयान खान’ रखा गया है। ब्रेसलेट को लेकर उठाई गई आपत्ति पर निर्देशक ने तर्क दिया कि इस प्रकार का ब्रेसलेट केवल सलमान खान ही नहीं पहनते, बल्कि आम लोग भी इसे धारण करते हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्य अभिनेता को सलमान जैसा दिखाने के लिए किसी खास प्रोस्थेटिक मेकअप का सहारा नहीं लिया गया है। इससे पहले दिल्ली हाईकोर्ट ने 27 जुलाई को सलमान की अर्जी पर संज्ञान लेते हुए फिल्म के टीजर और उससे जुड़े डिजिटल कॉन्टेंट के ऑनलाइन लिंक तत्काल हटाने का अंतरिम निर्देश जारी किया था।



















