डिजिटल कंटेंट और वीडियो व्लॉगिंग की दुनिया में अपनी पहचान बना चुके सौरव जोशी अपने पारिवारिक पलों और सादगी भरे वीडियो के लिए जाने जाते हैं। यूट्यूब पर करीब 4.2 करोड़ सब्सक्राइबर्स वाले सौरव के जीवन की एक भव्य और आलीशान झलक हाल ही में सामने आई। मशहूर बॉलीवुड फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान अपने कुक दिलीप के साथ उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित सौरव के निवास पर पहुंचीं। इस मुलाकात के दौरान सौरव जोशी और उनकी पत्नी अवंतिका जोशी ने अपने बहुमंजिला और आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस बंगले की सैर कराई, जिसमें पहाड़ की वादियों और लग्जरी जीवनशैली का बेहतरीन मेल देखने को मिला।
सड़क के सामने तैयार हो रहा एक और हरा-भरा आशियाना
हल्द्वानी स्थित आवास पर पहुंचते ही फराह खान का ध्यान सड़क के ठीक दूसरी तरफ मौजूद एक खाली प्लॉट की ओर गया। इस पर बात करते हुए सौरव ने साझा किया कि वहां उनके एक और नए बंगले का निर्माण कार्य चल रहा है। इस आगामी प्रोजेक्ट की योजना इस तरह तैयार की गई है कि उसमें पेड़-पौधों और हरियाली को मुख्य प्राथमिकता दी जाए। इसका प्राथमिक उद्देश्य यह है कि वर्तमान घर की बालकनी और कमरों से सामने का नजारा और भी ज्यादा प्राकृतिक और मनोरम दिखाई दे सके। घर में प्रवेश करते ही मेहमानों का परिचय सौरव के बड़े संयुक्त परिवार से कराया गया, जिसमें सभी सदस्य एक साथ मिल-जुलकर रहते हैं। इस विशाल आवास की बनावट में समकालीन वास्तुकला के साथ-साथ एक बड़े परिवार की हर छोटी-बड़ी जरूरत का ख्याल रखा गया है।
डबल हाइट सीलिंग और सादगी भरा लिविंग एरिया
घर के मुख्य ड्रॉइंग रूम का इंटीरियर भव्यता और शांति का अहसास कराता है। यहां दीवारों और फर्नीचर पर न्यूट्रल और सौम्य रंगों का चुनाव किया गया है। छत की डबल हाइट सीलिंग इस बड़े हॉल को काफी खुला और राजसी स्वरूप प्रदान करती है। लिविंग रूम की एक प्रमुख दीवार पर लकड़ी का एक बड़ा डिस्प्ले कैबिनेट तैयार किया गया है, जिसके खानों में अलग-अलग कलात्मक चीजें और कलाकृतियां सजाकर रखी गई हैं। बैठक व्यवस्था में ऑफ-व्हाइट रंग के आरामदायक सोफे और जगह-जगह सजे इनडोर पौधे कमरे के वातावरण को तरोताजा बनाए रखते हैं। इस पूरे हिस्से की आंतरिक साज-सज्जा में अत्यधिक तड़क-भड़क के बजाय सुरुचिपूर्ण सादगी और आधुनिक लग्जरी का संतुलित समन्वय दिखाई देता है।
तहखाने में निजी जिम और करोड़ों की गाड़ियों का काफिला
बंगले के बेसमेंट में विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं। यहां परिवार के लिए एक पूर्ण सुसज्जित निजी जिम मौजूद है, जिसके साथ वाहनों की पार्किंग के लिए एक विस्तृत क्षेत्र भी बना हुआ है। सौरव जोशी ऑटोमोबाइल के बेहद शौकीन हैं और उनके पास कई मशहूर ऑटो कंपनियों की महंगी गाड़ियां मौजूद हैं। उनके गैरेज में फेरारी, महिंद्रा थार और मर्सिडीज-बेंज जी-क्लास यानी जी-वैगन जैसी ताकतवर गाड़ियां शामिल हैं। अपने इसी शौक को आगे बढ़ाते हुए सौरव ने मस्टर्ड और ब्लैक रंग वाली लिमिटेड ट्रॉफी एडिशन लैंड रोवर डिफेंडर भी अपने बेड़े में शामिल की है। इस खास मॉडल की ऑन-रोड कीमत लगभग 1.6 करोड़ रुपये आंकी गई है। बेसमेंट में खड़ी इन गाड़ियों का संग्रह उनकी सफल यात्रा और लग्जरी पसंद को दर्शाता है।
घर के शीर्ष तल पर पारंपरिक मंदिर और भक्ति का माहौल
आधुनिक सुविधाओं और वेस्टर्न इंटीरियर के बीच बंगले के ऊपरी तल पर एक भव्य और शांत पूजा स्थल स्थापित किया गया है। इस सुंदर मंदिर को पीले और नारंगी गेंदे के ताजे फूलों की मालाओं से सजाया गया है। मंदिर की पृष्ठभूमि में लकड़ी की नक्काशीदार पैनलिंग की गई है, जिसके केंद्र में एक विशाल ओम का पवित्र प्रतीक चिन्ह उकेरा गया है। देवी-देवताओं की पावन मूर्तियों को एक ऊंचे चबूतरे पर सम्मानपूर्वक स्थापित किया गया है। सौरव ने बताया कि उनकी माताजी को भजन और कीर्तन करना अत्यंत प्रिय है, जिसके चलते परिवार के सभी सदस्य नियमित रूप से संध्या वंदना और आध्यात्मिक आयोजनों के लिए इसी पवित्र स्थान पर एकत्र होते हैं।
दो रसोइयों की व्यवस्था और पुरानी फिल्मों की याद
खान-पान के प्रबंधन के लिए घर में दो अलग-अलग किचन बनाए गए हैं। पहला बड़ा खुला किचन सफेद रंग के मॉडर्न थीम पर तैयार किया गया है, जहां बड़े कांच की खिड़कियों से सीधी धूप और प्राकृतिक रोशनी अंदर आती है। इसमें मॉड्यूलर कैबिनेट, चिकने स्लैब और एक सुविधाजनक ब्रेकफास्ट बार शामिल है। इसके अलावा घर के भीतरी भाग में एक दूसरी पारंपरिक रसोई भी मौजूद है, जिसका इस्तेमाल परिवार के रोजमर्रा के भोजन पकाने के लिए किया जाता है। घर के इस बड़े आकार, कई कमरों और संयुक्त पारिवारिक माहौल को देखकर फराह खान ने इसकी तुलना सूरज बड़जात्या के पारिवारिक सिनेमा से की और कहा कि यह घर उन्हें फिल्म 'मैंने प्यार किया' के मशहूर पारिवारिक बंगले की याद दिलाता है।
युवाओं के लिए समर्पित मंजिल, गेमिंग जोन और इनडोर स्टूडियो
मकान के निचले तल पर परिवार के वरिष्ठ सदस्यों के लिए अलग कमरे बनाए गए हैं। यहां कुल तीन से चार शयनकक्ष हैं, जो माता-पिता, दादा-दादी, चाचा-चाची और आने वाले अतिथियों के लिए निर्धारित हैं। सौरव और अवंतिका, जिनका विवाह पिछले वर्ष नवंबर माह में संपन्न हुआ था, बंगले की पहली मंजिल पर निवास करते हैं। बहुमंजिला इमारत होने के कारण इसमें एक निजी लिफ्ट की सुविधा भी दी गई है, जिससे किसी भी तल पर आसानी से पहुंचा जा सकता है। ऊपर का एक तल विशेष रूप से घर के बच्चों, सौरव के भाइयों और चचेरे भाइयों के लिए आरक्षित है, जहां उनके लिए अलग रसोई, गेमिंग रूम और मनोरंजन की व्यवस्थाएं की गई हैं।
पहाड़ों का विस्तार, आधुनिक तकनीक और रूफटॉप दृश्य
बंगले की बालकनी से बाहर देखने पर नैनीताल और भीमताल की हरी-भरी पर्वत श्रृंखलाओं का विहंगम दृश्य दिखाई पड़ता है। पूरा घर अत्याधुनिक स्मार्ट होम ऑटोमेशन से जुड़ा हुआ है, जिसकी मदद से बिजली की लाइटें, पंखे और अन्य घरेलू उपकरण उंगलियों के इशारे पर नियंत्रित किए जाते हैं। सौरव और अवंतिका ने अपना निजी वॉक-इन क्लोजेट भी दिखाया, जिसे देखकर फराह खान ने टिप्पणी की कि यह कर्दाशियन बहनों के वॉर्डरोब की याद दिलाता है। इसके अतिरिक्त घर की सबसे ऊपरी छत पर सनरूफ वाला एक समर्पित शूटिंग स्टूडियो और खुला टेरेस है। हल्द्वानी का यह विशाल बंगला सौरव जोशी की डिजिटल कामयाबी के साथ-साथ पारंपरिक संयुक्त परिवार के मूल्यों को एक साथ समेटे हुए है।

















