बॉलीवुड में पवन मल्होत्रा उन गिने-चुने कलाकारों में गिने जाते हैं, जिनकी एक्टिंग की तारीफ हर कोई करता है, लेकिन उनकी यह पहचान इतनी आसानी से नहीं मिली. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद पवन के सामने एक ऐसा मोड़ आया, जहां उन्हें अपने सपने और परिवार की उम्मीदों में से एक को चुनना था.
दोस्तों संग देखा नाटक, जाग उठा एक्टर
पवन का रुझान एक्टिंग की तरफ अचानक तब मुड़ा, जब वह अपने दोस्तों के साथ एक नाटक देखने पहुंचे. उसी दिन से थिएटर उनके लिए महज शौक नहीं, बल्कि एक जुनून बन गया. दूसरी तरफ उनके पिता की इच्छा थी कि बेटा उनका जमाया हुआ फैमिली बिजनेस आगे बढ़ाए. पिता को खुश रखने के लिए पवन ने कारोबार में हाथ आजमाने की कोशिश भी की, लेकिन उनका मन तो थिएटर की दुनिया में ही अटका रहता था. आखिरकार फैमिली बिजनेस में दिल न लगने के बावजूद उन्होंने थिएटर का साथ कभी नहीं छोड़ा.
'नुक्कड़' के 'सईद' ने रातों-रात बदली किस्मत
पवन की जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साल 1986 में आया, जब उन्हें दूरदर्शन के मशहूर सीरियल 'नुक्कड़' में 'सईद' का किरदार निभाने का मौका मिला. यह रोल लोगों के दिलों में कुछ इस तरह उतरा कि पवन रातों-रात घर-घर में मशहूर हो गए. जब यह सीरियल सुपरहिट साबित हुआ, तो पवन की एक झलक पाने के लिए फैंस उनके पिता के ऑफिस के बाहर भीड़ लगाने लगे. बेटे को मिल रहे इस प्यार को देखकर पिता का दिल भी पिघल गया और उन्हें यकीन हो गया कि बेटे ने जो राह चुनी है, वह बिल्कुल सही है. इसके बाद पवन ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा.
बड़े पर्दे पर बनाई मजबूत और संजीदा पहचान
टीवी पर नाम कमाने के बाद पवन ने फिल्मों का रुख किया. उन्होंने साल 1984 में फिल्म 'अब आएगा मजा' से बड़े पर्दे पर डेब्यू किया था, लेकिन असली पहचान उन्हें 1989 में आई फिल्म 'बाघ बहादुर' से मिली, जिसने उन्हें इंडस्ट्री में एक मजबूत और संजीदा एक्टर के तौर पर स्थापित कर दिया. इसके बाद पवन ने हर तरह के मुश्किल किरदार निभाए. फिल्म 'ब्लैक फ्राइडे' में उनका गहरा और तीखा रोल हो या 'जब वी मेट' में गीत के गुस्सैल चाचाजी का किरदार, पवन हर फ्रेम में पूरी तरह ढल गए.
हालिया प्रोजेक्ट्स भी रहे चर्चा में
पवन ने फिल्म 'उत्तर दा पुत्तर' के ट्रेलर लॉन्च के मौके पर भी खूब सुर्खियां बटोरीं. इसके अलावा उनकी वेब सीरीज 'ग्रहण' को भी दर्शकों ने खासा पसंद किया.
2 जुलाई को मना रहे जन्मदिन
पवन मल्होत्रा का सफर यह सिखाता है कि अगर काम को लेकर दिल में सच्चा जुनून हो, तो कोई भी मुश्किल राह आसान बनाई जा सकती है. आज वह न सिर्फ एक कामयाब एक्टर हैं, बल्कि कई युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा भी बन चुके हैं. 2 जुलाई को यह दिग्गज कलाकार अपना जन्मदिन मना रहे हैं और फैंस उम्मीद कर रहे हैं कि वे अपनी दमदार एक्टिंग से आगे भी दर्शकों का मनोरंजन करते रहेंगे. सच ही कहा गया है कि जो किस्मत में लिखा होता है, वह रास्ता खुद ढूंढ लेता है, पवन के मामले में थिएटर और 'नुक्कड़' ने उनकी तकदीर हमेशा के लिए बदल दी.













