बॉलीवुड अभिनेत्री नगमा हाल ही में महाराष्ट्र के ठाणे शहर में आयोजित एक दही हांडी उत्सव में मेहमान के तौर पर शामिल हुईं। इस सार्वजनिक आयोजन में उनके नए रूप को देखकर वहां मौजूद लोग और प्रशंसक हैरान रह गए। सोशल मीडिया पर उनके बढ़े हुए वजन और बदले हुए हुलिया को लेकर यूजर्स ने विभिन्न प्रकार की प्रतिक्रियाएं दीं। इस कार्यक्रम में उन्होंने अपनी पुरानी फिल्मों और सह-कलाकारों के दिनों को भी याद किया, जिनमें शाहरुख खान और अक्षय कुमार जैसे बड़े नाम शामिल हैं। इसके अलावा, उन्होंने सार्वजनिक मंच पर मराठी भाषा में संवाद करने के मुद्दे पर भी खुलकर अपनी बात रखी, जो इन दिनों काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
सोशल मीडिया पर लुक और वजन को लेकर बहस
कार्यक्रम के दौरान नगमा के भाषण के साथ-साथ उनके शारीरिक बदलाव ने भी इंटरनेट यूजर्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कई लोगों ने सोशल मीडिया पर उनके बदले हुए स्वरूप पर टिप्पणियां कीं और कहा कि उन्हें पहचान पाना बेहद मुश्किल हो रहा है। एक यूजर ने उनके बढ़े वजन पर टिप्पणी करते हुए लिखा कि वजन काफी बढ़ गया है, लेकिन उनका आकर्षण अब भी बरकरार है। वहीं, एक अन्य यूजर ने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा कि उन्हें देखकर उनकी पुरानी फिल्मों के दिन याद आ गए जिन्हें देखना वह बहुत पसंद करते थे। इसके विपरीत, कुछ समझदार यूजर्स ने यह भी सवाल उठाया कि लोग हमेशा तुलना क्यों करते हैं। उनका कहना था कि उम्र के बढ़ने के साथ इंसानों, पौधों और जानवरों में बदलाव होना प्रकृति का एक सामान्य नियम है, जिसे स्वीकार किया जाना चाहिए। इस पूरे वाकये का एक वीडियो इंस्टाग्राम पर ManoranjanKatta अकाउंट पर भी साझा किया गया था।
मराठी भाषा और स्कूल के दिनों की यादें
कार्यक्रम के दौरान बातचीत में नगमा ने अपने मराठी बोलने के अनुभव के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि जब वह स्कूल में पढ़ती थीं, तब पाठ्यक्रम में एक अतिरिक्त भाषा जोड़ी गई थी, जिसके कारण उन्हें महाराष्ट्र में रहते हुए मराठी सीखनी पड़ी। उनके अनुसार, स्कूल के पाठ्यक्रम में यह भाषा शामिल थी और उनकी मां भी महाराष्ट्र से ताल्लुक रखती हैं, जिसकी वजह से उन्हें इस भाषा की अच्छी समझ है। उनके आसपास रहने वाले लोगों के साथ निरंतर बातचीत ने उनकी मराठी को और भी बेहतर बना दिया। उन्होंने साझा किया कि उनके घर में काम करने वाली महिला भी महाराष्ट्र से थीं, जिनसे वह हमेशा मराठी में ही संवाद करती थीं। इसके अलावा, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वह अपने करियर में एक मराठी फिल्म में काम कर चुकी हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के विषय पर उनका मानना था कि इस पर अनावश्यक टिप्पणी करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
संजय दत्त के विवाद से जुड़ा पुराना फिल्मी सफर
नगमा का यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब अभिनेता संजय दत्त अपनी एक हालिया टिप्पणी को लेकर काफी चर्चा में घिरे हुए हैं। कुछ समय पहले संजय दत्त ठाणे में शिवसेना द्वारा आयोजित एक दही हांडी उत्सव में शामिल होने पहुंचे थे। उस कार्यक्रम के दौरान जब उन्होंने उपस्थित भीड़ को हिंदी में संबोधित करना शुरू किया, तो वहां मौजूद शिवसेना नेता प्रताप सरनाईक ने उनसे मराठी में बोलने का आग्रह किया। उपलब्ध जानकारियों के अनुसार, संजय दत्त ने इस अनुरोध पर हंसते हुए मराठी में बात करने से साफ इनकार कर दिया और कहा कि उन्होंने यरवदा जेल में छह साल काटे हैं, लेकिन फिर भी वह मराठी नहीं सीख पाए। संजय दत्त के इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई, जहां कुछ लोगों ने उनके इस रुख पर सवाल उठाए तो कुछ ने इसे उनकी व्यक्तिगत पसंद करार दिया। इसी पूरे विवाद के बीच नगमा का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उनका संजय दत्त के साथ एक पुराना और गहरा फिल्मी नाता रहा है। दोनों कलाकारों ने अपने अभिनय करियर के दौरान कई फिल्मों में एक साथ स्क्रीन साझा की है।
परदे पर संजय दत्त के साथ पुरानी यादें
नगमा और संजय दत्त की जोड़ी पहली बार बड़े परदे पर साल 1992 में रिलीज हुई फिल्म 'यलगार' में एक साथ नजर आई थी। फिरोज खान के निर्देशन में बनी इस एक्शन से भरपूर फिल्म में संजय दत्त ने विशाल सिंघल नाम का किरदार निभाया था, जबकि नगमा ने उनकी पत्नी अनु सिंघल की भूमिका अदा की थी। इस फिल्म का गाना 'आखिर तुम्हें आना है' दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुआ था और आज भी लोगों को याद है। इसके बाद, दोनों कलाकारों ने साल 2000 में निर्देशक डेविड धवन की रोमांटिक कॉमेडी फिल्म 'चल मेरे भाई' में भी साथ काम किया था। हालांकि उस फिल्म में नगमा की भूमिका एक स्पेशल अपीयरेंस के रूप में थी, जिसमें उन्होंने सोनिया का किरदार निभाया था। इन तमाम पुरानी यादों और मौजूदा बयानों के बीच नगमा की इस उपस्थिति ने एक बार फिर उन्हें चर्चा के केंद्र में ला दिया है।


















