भारतीय त्योहारों पर अभिनेत्रियों के पहनावे को लेकर सोशल मीडिया पर एक बार फिर तीखी बहस शुरू हो गई है। हाल ही में एक मशहूर ज्वैलरी ब्रांड के रक्षाबंधन विज्ञापन में कृति सेनन के कपड़ों को लेकर शुरू हुआ विवाद अभी पूरी तरह थमा भी नहीं था कि अब अभिनेत्री सेलिना जेटली ट्रोल्स के निशाने पर आ गई हैं। अपने आधिकारिक अकाउंट से साझा किए गए एक नए वीडियो में सेलिना के पहनावे पर कई सोशल मीडिया प्रयोक्ताओं ने आपत्ति जताई है।
सेलिना जेटली के रक्षाबंधन वीडियो पर उठे सवाल
सेलिना जेटली ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर किया एक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें वह रक्षाबंधन का पर्व मनाती दिख रही हैं। इस वीडियो में अभिनेत्री ने फ्लोरल प्रिंट की साड़ी के साथ गहरे गले का लाल रंग का ब्लाउज पहन रखा है। त्योहार मनाने के साथ ही सेलिना ने इस खास मौके पर अपने भाई विक्रांत कुमार जेटली को याद किया। उनके भाई संयुक्त अरब अमीरात यानी यूएई की जेल में बंद हैं और पूर्व मेजर रह चुके हैं। वीडियो सामने आते ही कई लोगों का ध्यान उनके पहनावे की तरफ चला गया और त्योहार के अवसर पर इस तरह के वस्त्र पहनने पर सवाल उठाए जाने लगे।
सोशल मीडिया पर प्रयोक्ताओं की आलोचनात्मक प्रतिक्रियाएं
वीडियो इंटरनेट पर आते ही सोशल मीडिया प्रयोक्ताओं की टिप्पणियों की बाढ़ आ गई। कई लोगों ने सेलिना के कपड़े चुनने के तरीके पर अपनी नाराजगी जताई। एक प्रयोक्ता ने लिखा, "सब कुछ ठीक है, लेकिन इतना डीप नेक ब्लाउज पहनने की क्या जरूरत थी? कम से कम साड़ी का पल्लू संभालना चाहिए था।" वहीं एक अन्य व्यक्ति ने सलाह देते हुए कहा, "कृपया त्योहारों पर तो प्रोपर कपड़े पहनें।"
एक और प्रयोक्ता ने तंज कसते हुए टिप्पणी की कि कम से कम कपड़े तो ढंग के पहन लेते। इसके अलावा एक प्रयोक्ता ने सांस्कृतिक मूल्यों का हवाला देते हुए लिखा, "इन तथाकथित स्टार्स को त्योहारों से जुड़ी सांस्कृतिक परंपराओं को बचाने की कोई परवाह नहीं होती। उनकी सोच ऐसी है कि वे किसी भी चीज को नापसंद करने या उसका विरोध करने को तुरंत व्यक्तिगत आजादी से जोड़ देते हैं। उन्हें सामूहिक मूल्यों की कोई समझ नहीं होती, जिन्हें व्यक्तिगत आजादी से ज्यादा महत्व और प्राथमिकता दी जानी चाहिए।" हालांकि, इस आलोचना के बीच कुछ प्रशंसकों ने सेलिना का समर्थन भी किया और उनके व्यक्तिगत चुनाव का बचाव किया।
कृति सेनन के विज्ञापन से शुरू हुआ था विवाद
पहनावे से जुड़ा यह पूरा मुद्दा दरअसल कृति सेनन के एक हालिया विज्ञापन से शुरू हुआ था। एक प्रमुख ज्वैलरी ब्रांड के रक्षाबंधन से जुड़े विज्ञापन में कृति सेनन को ब्रालेट पहने और कुत्ते को राखी बांधते दिखाया गया था। इस विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया पर व्यापक विरोध हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि राजनीति और सिनेमा जगत की हस्तियां भी इसमें कूद पड़ीं।
अभिनेत्री और भारतीय जनता पार्टी की सांसद कंगना रनौत ने भी कृति का सीधा नाम लिए बिना एक पोस्ट साझा किया था। उन्होंने सवाल उठाया था कि जब महिलाओं के पास कपड़ों के तमाम विकल्प उपलब्ध हैं, तो फिर इतने रिवीलिंग वस्त्र पहनकर राखी बांधने का क्या औचित्य है। बढ़ते विरोध और विवाद के मद्देनजर संबंधित ज्वैलरी कंपनी ने कृति सेनन वाले उस विज्ञापन को वापस ले लिया और उसे सभी प्लेटफॉर्म से हटा दिया था।
सांस्कृतिक परंपरा बनाम व्यक्तिगत पसंद की बहस
कृति सेनन के विज्ञापन को वापस लिए जाने के बाद माना जा रहा था कि यह बहस शांत हो जाएगी, लेकिन सेलिना जेटली के इस ताजा वीडियो ने मुद्दे को फिर से हवा दे दी है। एक तरफ जहां पारंपरिक मूल्यों के समर्थक त्योहारों पर मर्यादित और पारंपरिक पहनावे पर जोर दे रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ आधुनिक विचारों वाले लोग इसे व्यक्तिगत स्वतंत्रता और पसंद का मामला बता रहे हैं। फिलहाल सोशल मीडिया पर यह चर्चा गर्म है कि सार्वजनिक जीवन में रहने वाली हस्तियों को पारंपरिक अवसरों पर किस तरह का पहनावा चुनना चाहिए।



















