बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन के एक हालिया रक्षाबंधन विज्ञापन को लेकर सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर बहस जारी है। ज्वेलरी ब्रांड के इस व्यावसायिक प्रचार में कृति सेनन द्वारा पहने गए परिधान को लेकर कई लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई थी, जिसके बाद ब्रांड को विज्ञापन वापस लेना पड़ा। अब इस पूरे मामले पर प्रियंका चोपड़ा की मां मधु चोपड़ा की सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने आई है। हाल ही में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने परिधानों के चयन, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और सामाजिक मर्यादाओं के बीच संतुलन साधने पर अपनी स्पष्ट राय साझा की।
मर्यादा और व्यक्तिगत पसंद पर मधु चोपड़ा का बयान
गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए मधु चोपड़ा ने कहा कि जीवन और समाज के हर क्षेत्र में एक तय सीमा और मर्यादा का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि 'माय बॉडी, माय चॉइस' (मेरा शरीर, मेरी पसंद) का नियम भी समाज में बनी मर्यादाओं के दायरे में रहकर ही काम करता है। उनके अनुसार किसी भी व्यक्ति के लिए अपनी गरिमा को बनाए रखना और दूसरों की सांस्कृतिक मान्यताओं का सम्मान करना बहुत मायने रखता है।
अपनी बात को विस्तार से समझाते हुए मधु चोपड़ा ने उल्लेख किया कि कपड़ों का चयन उस स्थान के माहौल के अनुकूल होना चाहिए जहां उनका उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने स्वीकार किया कि आजकल के बच्चे भी काम के सिलसिले में या अपने निजी शौक के तहत आधुनिक वस्त्र पहनते हैं। हालांकि, उनका कहना था कि ऐसी पोशाकें उन विशिष्ट स्थानों पर ही उपयुक्त और स्वीकार्य मानी जाती हैं जहां का माहौल उस तरह के परिधानों के अनुकूल होता है।
रक्षाबंधन विज्ञापन और कपड़ों को लेकर छिड़ा विवाद
यह पूरा विवाद 25 अगस्त को तब शुरू हुआ जब ज्वेलरी ब्रांड का रक्षाबंधन विशेष विज्ञापन जारी किया गया। इस विज्ञापन में कृति सेनन ऑफ-व्हाइट रंग के बिकिनी स्टाइल ब्लाउज, केप और ड्रेप्ड स्कर्ट में नजर आ रही थीं। विज्ञापन के दृश्यों में वह रक्षाबंधन का त्यौहार मनाते हुए राखी बांधती दिखाई दीं। हालांकि, इस पारंपरिक और पवित्र अवसर पर इस तरह के आधुनिक वस्त्र पहनने को लेकर कई लोगों ने सोशल मीडिया पर विरोध जताया और इसे त्यौहार की गरिमा के अनुकूल नहीं माना।
विवाद बढ़ने के बाद कृति सेनन ने 25 अगस्त को अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर एक संदेश साझा कर इस पर अपनी सफाई दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी त्यौहार की असली खूबसूरती उसमें निहित पवित्र भावनाओं में होती है, न कि इस बात में कि किसी व्यक्ति ने किस तरह के वस्त्र पहने हैं।
ब्रांड का फैसला और सार्वजनिक बयान
सोशल मीडिया पर बढ़ती आलोचनाओं को ध्यान में रखते हुए संबंधित ज्वेलरी ब्रांड ने उक्त विज्ञापन को सभी प्लेटफॉर्म्स से पूरी तरह से वापस लेने का फैसला किया। ब्रांड ने एक आधिकारिक वक्तव्य जारी करते हुए कहा कि वे भारतीय संस्कृति, परंपराओं और त्यौहारों का दिल से सम्मान करते हैं।
कंपनी ने स्पष्ट किया कि एक ब्रांड के रूप में उनका प्रयास हमेशा पूरे परिवार के साथ खुशियां मनाने का रहा है। इस बार के रक्षाबंधन अभियान में उनकी सोच परिवार के प्यार में पालतू जानवरों को भी शामिल करने की थी। ब्रांड ने आगे कहा कि यदि उनके इस विज्ञापन से अनजाने में समाज के किसी हिस्से की भावनाएं आहत हुई हैं, तो उनका ऐसा कोई इरादा नहीं था। सभी के सम्मान को सर्वोपरि रखते हुए उन्होंने विज्ञापन हर जगह से हटा लिया है।



















