पौराणिक गाथा के नायक के रूप में बड़े पर्दे पर उतरना किसी भी मुख्यधारा के कलाकार के सफर में एक नया अध्याय जोड़ता है। भगवान राम के पावन किरदार में नजर आने की तैयारी कर रहे अभिनेता रणबीर कपूर अपने 19 साल लंबे फिल्मी सफर में पहली बार किसी महाकाव्य का केंद्रीय चेहरा बनने जा रहे हैं। लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति में बातचीत के दौरान उन्होंने स्वीकार किया था कि जब यह भूमिका उनके पास आई थी, तब मन में एक स्वाभाविक हिचक और डर मौजूद था। अब 5 नवंबर की तारीख उनके अभिनय जीवन में क्या नया मोड़ लेकर आती है, यह देखना दिलचस्प होगा। दिलचस्प बात यह भी है कि कैलेंडर का यही ग्यारहवां महीना उनके करियर की नींव से सीधे जुड़ा हुआ है, क्योंकि इसी दौरान उन्होंने पहली बार सिनेमा की दुनिया में कदम रखा था।
सांवरिया का भव्य कैनवास और बॉक्स ऑफिस का कड़वा अनुभव
सिनेमा प्रेमियों के बीच अपनी खास पहचान बना चुके इस कलाकार का सफर ठीक 19 वर्ष पूर्व 9 नवंबर 2007 को शुरू हुआ था। विख्यात फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली ने अपनी भव्य और नीले टोन वाली रूमानी दास्तान सांवरिया के जरिए रणबीर के साथ अभिनेत्री सोनम कपूर को दर्शकों के सामने पेश किया था। एक मिस्टीरियस युवती के प्यार में गिरफ्त नौजवान की यह दास्तान अपनी विशाल प्रोडक्शन डिजाइन, कलात्मक सिनेमैटोग्राफी और मनमोहक धुनों के दम पर खूब चर्चा बटोरने में कामयाब रही। बावजूद इसके, कहानी दर्शकों के बड़े वर्ग को थिएटर्स तक खींचने में असफल साबित हुई और निर्देशक का जाने-माने अंदाज भी इसे डूबने से नहीं बचा सका।
कमाई और लागत के नजरिए से देखें तो सांवरिया एक बहुत बड़ा झटका साबित हुई थी। तकरीबन 45 करोड़ रुपये की लागत में तैयार हुई इस बहुचर्चित पेशकश ने घरेलू टिकट खिड़की पर सिर्फ 20.92 करोड़ रुपये का नेट कारोबार किया। वहीं अंतरराष्ट्रीय बाजारों को जोड़कर इसका कुल वर्ल्डवाइड ग्रॉस कलेक्शन 39.13 करोड़ रुपये के आसपास ही सिमट कर रह गया। व्यावसायिक कसौटी पर पहली ही कोशिश को पूरी तरह नाकामी का सामना करना पड़ा और ट्रेड गलियारों में इसे बड़ी असफलता करार दिया गया।
रोम-कॉम से वापसी और चॉकलेटी हीरो की मजबूत पहचान
शुरुआती नाकामी के दो साल बाद अभिनेता ने एक हल्की-फुल्की मनोरंजक दिशा पकड़ी। निर्देशक राजकुमार संतोषी की कॉमेडी-रोमांस पेशकश अजब प्रेम की गजब कहानी ने सिनेमाघरों में दस्तक दी, जिसमें उनके साथ मुख्य किरदार में कैटरीना कैफ नजर आई थीं। नौजवान दर्शकों को दोनों कलाकारों की ऑन-स्क्रीन ट्यूनिंग बेहद पसंद आई, और फिल्म के सभी संगीत ट्रैक सीधे चार्टबस्टर बन गए। यह वह दौर था जिसने युवा पीढ़ी के बीच उनकी इमेज को एक प्यारे चॉकलेटी हीरो के रूप में पूरी मजबूती से खड़ा कर दिया।
इस एंटरटेनर ने टिकट खिड़की पर अपनी लागत की तुलना में बेहतरीन मुनाफा दर्ज कराया। तकरीबन 44 करोड़ रुपये के खर्च पर बनी इस फिल्म ने घरेलू बाजार में करीब 62.85 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन दर्ज किया। वैश्विक स्तर पर इसका सकल कारोबार लगभग 99.74 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। बॉक्स ऑफिस के ट्रेड विश्लेषण में इसे सुपरहिट का दर्जा मिला, जिसने करियर की शुरुआती लड़खड़ाहट को पूरी तरह भुला दिया।
रॉकस्टार का जनून और कल्ट क्लासिक का दर्जा
अभिनय की सीमाओं को विस्तार देने वाली सबसे चर्चित कृतियों में इम्तियाज अली द्वारा निर्देशित म्यूजिकल रोमांटिक ड्रामा रॉकस्टार का नाम सबसे आगे आता है। यह पेशकश 11 नवंबर 2011 को सिनेमाघरों में उतारी गई थी। इसमें मुख्य महिला भूमिका में नरगिस फाखरी थीं, जबकि भारतीय सिनेमा के दिग्गज कलाकार शम्मी कपूर भी एक महत्वपूर्ण उपस्थिति में नजर आए थे। जनून, प्रेम और संगीत के दर्द को समेटे इस किरदार ने मुख्य अभिनेता की अभिनय क्षमता को एक नए स्तर पर पहुंचाया।
व्यावसायिक मोर्चे पर 66 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत में बनी इस फिल्म ने भारतीय सिनेमाघरों में लगभग 68.62 करोड़ रुपये का नेट कारोबार किया। दुनिया भर के बॉक्स ऑफिस को मिलाकर इसका ग्रॉस आंकड़ा तकरीबन 108.70 करोड़ रुपये तक जा पहुंचा। तत्कालीन ट्रेड एनालिस्ट्स ने इसे व्यावसायिक रूप से हिट घोषित किया। हालांकि समय के साथ इस कृति को दर्शकों का बेपनाह प्यार मिला और आज यह भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित कल्ट क्लासिक कृतियों की सूची में शुमार की जाती है।
तमाशा की भावनात्मक उलझन और ओटीटी पर मिला सम्मान
निर्देशक इम्तियाज अली के साथ उनकी जोड़ी एक बार फिर पर्दे पर लौटी, जब 27 नवंबर 2015 को तमाशा रिलीज हुई। इस बार उनके सामने अभिनेत्री दीपिका पादुकोण थीं। वेद और तारा नामक किरदारों के जरिए इस कहानी ने समाज की बनाई लीक पर चलने के दबाव, अपने वास्तविक सपनों की तलाश और आंतरिक द्वंद्व को बहुत ही संवेदनशील ढंग से दर्शकों के समक्ष पेश किया। हालांकि विषय की गंभीरता हर दर्शक वर्ग को तुरंत पसंद नहीं आ सकी।
लागत के पैमाने पर लगभग 87 करोड़ रुपये के बड़े बजट के साथ आई यह फिल्म घरेलू बॉक्स ऑफिस पर महज 68.56 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन ही जुटा पाई। दुनिया भर से इसका कुल ग्रॉस कारोबार 136.64 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। भारी बजट को देखते हुए ट्रेड ने इसे फ्लॉप की श्रेणी में रखा, क्योंकि यह अपनी लागत के अनुपात में पर्याप्त मुनाफा नहीं कमा पाई। इसके बावजूद, सिनेमाघरों के दौर के बाद जब यह डिजिटल और ओटीटी माध्यमों पर पहुंची, तो नई पीढ़ी के दर्शकों ने इसके दार्शनिक पहलुओं की भरपूर सराहना की। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि 5 नवंबर को आने वाली रामायण के साथ नवंबर के महीने का यह सफर किस नए मुकाम पर पहुंचता है।



















