अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने वेनेजुएला के विदेश मंत्री ओलिवर ब्लैंको के साथ सोमवार को हुई उच्चस्तरीय बैठक में दक्षिण अमेरिकी देश की जेलों में बंद सभी शेष राजनीतिक कैदियों को अविलंब रिहा करने की स्पष्ट मांग रखी है। अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार इस कूटनीतिक चर्चा का मुख्य उद्देश्य देश में स्वतंत्र, निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनावों की बुनियाद तैयार करने के लिए आवश्यक सुधारों पर विचार करना था। वेनेजुएला में राजनीतिक बंदियों की रिहाई का मुद्दा लंबे समय से प्रमुख राजनीतिक विमर्श का केंद्र बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पर लगातार नजर बनाए हुए है।
सैकड़ों कैदी अब भी सलाखों के पीछे
अमेरिकी सैन्य बलों द्वारा 3 जनवरी को कराकस में एक सैन्य अभियान चलाकर तत्कालीन वेनेजुएला के नेता निकोलस मादुरो को पकड़े जाने और फिर उन्हें ड्रग तस्करी व प्रताड़ना के आरोपों में मुकदमे का सामना करने के लिए न्यूयॉर्क ले जाए जाने के बाद से अब तक 1,000 से अधिक राजनीतिक बंदियों को आजादी मिल चुकी है। इसके बावजूद मानवाधिकारों और कैदियों के अधिकारों के लिए सक्रिय वेनेजुएला के स्थानीय समूह फोरो पेनाल का कहना है कि 322 लोग अब भी विभिन्न हिरासत केंद्रों में कैद हैं। हिरासत में मौजूद इन लोगों में से अधिकांश को 2024 के विवादित राष्ट्रपति चुनाव के बाद पैदा हुए विरोध प्रदर्शनों और कार्रवाई के दौरान बंदी बनाया गया था।
विपक्ष का दबाव और मारिया कोरिना माचाडो का अभियान
राजनीतिक बंदियों को पूरी तरह रिहा करने की मांग वेनेजुएला की प्रमुख विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो लगातार उठाती रही हैं। वर्ष 2025 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित माचाडो लगभग एक वर्ष तक निर्वासन में रहने के बाद 25 अक्टूबर को अपने वतन लौटी थीं। वेनेजुएला वापस कदम रखते ही उन्होंने जिन शुरुआती बैठकों में भाग लिया, उनमें राजनीतिक रूप से बंदी बनाए गए लोगों के परिजन शामिल थे। माचाडो ने हिरासत में बंद सभी नागरिकों की बिना शर्त रिहाई को लोकतांत्रिक प्रक्रिया की बहाली के लिए एक बुनियादी शर्त बताया है।
2024 चुनाव विवाद और सत्ता परिवर्तन की पृष्ठभूमि
वेनेजुएला का वर्तमान संकट मुख्य रूप से 2024 के राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ा हुआ है। उस समय सरकारी समर्थकों के वर्चस्व वाली नेशनल इलेक्टोरल काउंसिल (CNE) ने पदस्थ राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को विजेता घोषित कर दिया था। इसके विपरीत, विपक्ष द्वारा जुटाए गए मतदान के आंकड़ों और स्वतंत्र मीडिया द्वारा सत्यापित की गई प्रतियों से यह स्पष्ट संकेत मिला था कि वास्तव में विपक्षी उम्मीदवार ने चुनाव जीता था। इसके अतिरिक्त, वेनेजुएला में स्वतंत्र पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद कार्टर सेंटर ने भी अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट कहा था कि उस चुनाव को किसी भी रूप में लोकतांत्रिक नहीं माना जा सकता। मादुरो के पकड़े जाने के बाद उनकी उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने अंतरिम राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली।
अमेरिकी योजना और चुनावी व्यवस्था में सुधार की शर्त
सोमवार को जारी अपने आधिकारिक बयान में अमेरिकी विदेश विभाग ने दोहराया कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तीन चरणों वाली योजना को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस योजना में मुख्य रूप से स्थिरता, आर्थिक सुधार और राजनीतिक सुलह, तथा लोकतांत्रिक परिवर्तन शामिल हैं। अंतरिम राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज को ट्रंप प्रशासन का समर्थन हासिल है, लेकिन वेनेजुएला के भीतर विपक्षी राजनीतिक दल सुधारों की बेहद धीमी गति पर अपनी गंभीर नाराजगी और अधीरता जता रहे हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने पत्रकारों से स्पष्ट शब्दों में कहा था कि नए और मान्य चुनाव कराने के लिए वेनेजुएला के चुनावी ढांचे को पूरी तरह बदलना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा था कि यह बदलाव दस साल, पांच साल या दो साल में नहीं, बल्कि तय की गई समय सीमा के तहत जल्द से जल्द होना चाहिए।
चुनाव की तारीखों को लेकर असमंजस
अमेरिकी रुख के बाद डेल्सी रोड्रिग्ज ने देश के नाम एक टेलीविजन संबोधन में घोषणा की थी कि एक नवीनीकृत चुनावी प्राधिकरण के तहत चुनाव अवश्य कराए जाएंगे। हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि मतदान किस तारीख या वर्ष में संपन्न होगा। दूसरी ओर, विपक्षी नेता मारिया कोरिना माचाडो ने जल्द चुनाव कराए जाने की जोरदार वकालत की है। एक समय पर उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी सिमोन बोलिवर की जयंती के अवसर पर 24 जुलाई 2027 को चुनाव कराने का प्रस्ताव रखा था, लेकिन बाद में उन्होंने अपने रुख में संशोधन करते हुए अगले वर्ष के दौरान ही मतदान संपन्न कराने की मांग दोहराई है। वेनेजुएला में राजनीतिक स्थिरता और लोकतांत्रिक संस्थाओं की बहाली अब पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगी कि चुनावी तंत्र में सुधार और बंदियों की रिहाई किस गति से आगे बढ़ती है।



















