टनल बोरिंग मशीनों की आपूर्ति में रुकावट के बाद भारत ने उठाया घरेलू विनिर्माण का कदम, पीयूष गोयल ने दी जानकारीकानपुर में चचेरे भाई की जान लेने वाला रवि प्रजापति चढ़ा पुलिस के हत्थेतुला, धनु, मकर और कुंभ पर रहती है शनि देव की विशेष कृपा, कर्म और अनुशासन से खुलते हैं तरक्की के रास्तेबहादुरगढ़ हाईवे पर दो लग्जरी कारों से 25 हजार गोलियां बरामद, महिला समेत पांच तस्कर धरे गएबाइनेंस पर रिजर्व 2021 के बाद सबसे निचले स्तर पर पहुंचे, 1.25 डॉलर के सपोर्ट पर टिकी एक्सआरपीमिजोरम ने 2047 तक राष्ट्रीय जीडीपी में 1 प्रतिशत हिस्सेदारी का रखा लक्ष्य, युवाओं के लिए विशेष आर्थिक पैकेजसैफ चैंपियनशिप 2026 में भारत और पाकिस्तान की भिड़ंत, बिना शुल्क ऑनलाइन देख सकेंगे मुकाबलाउत्तराखंड में तारकोल संकट से ठप पड़े सड़क प्रोजेक्ट, ठेकेदारों ने उठाई राहत पैकेज की मांगओडिशा तट पर प्रलय का नया परीक्षण, हवा में रास्ता बदलकर दुश्मन के रडार को चकमा देने में सक्षमहवाई सेवा शुरू करने की योजना नहीं, ग्राहकों से मुकाबला करना सही रणनीति नहीं: अडाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स
ठंड बढ़ते ही आगरा के जूता उद्योग में विंटर बूट्स और क्लोज्ड-टो फुटवियर का उत्पादन तेजउत्तर प्रदेश
3 नव॰ 2026, 6:05 pm (3 मिनट पहले)· 0

ठंड बढ़ते ही आगरा के जूता उद्योग में विंटर बूट्स और क्लोज्ड-टो फुटवियर का उत्पादन तेज

सर्दियों की दस्तक के साथ ही आगरा की फुटवियर इकाइयों ने घरेलू और विदेशी बाजारों के लिए विशेष गर्म बूट्स व क्लोज्ड-टो जूतों का निर्माण बड़े पैमाने पर बढ़ा दिया है।

मौसम का मिजाज बदलते ही देश और दुनिया के बाजारों में फुटवियर की प्राथमिकताएं तेजी से बदलने लगी हैं। विश्व पटल पर अपनी खास कारीगरी के लिए पहचाने जाने वाले आगरा के जूता उद्योग में इस बदलाव का सीधा असर देखा जा रहा है। ठंड के आगमन के साथ ही स्थानीय जूता फैक्ट्रियों ने अपने पारंपरिक ढर्रे से हटकर गर्म जूतों, विशेष बूट्स और विंटर फुटवियर का उत्पादन बड़े पैमाने पर शुरू कर दिया है। आगरा के विनिर्माता हर बदलते मौसम और उपभोक्ताओं की व्यावहारिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अपने उत्पादों की गुणवत्ता और डिजाइनों को नया रूप देने में जुटे हैं।

घरेलू बाजार में क्लोज्ड-टो जूतों की बढ़ी पूछ

जूता निर्माण क्षेत्र से जुड़े एक निजी कारखाने के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) आशीष जैन के अनुसार, ठंड का असर दिखते ही फुटवियर की खरीद का रुख पूरी तरह बदल जाता है। इस अवधि में सबसे ज्यादा बिक्री क्लोज्ड-टो जूतों की दर्ज की जाती है। इस बनावट के जूते पैरों की उंगलियों, पंजों और एड़ियों के पूरे हिस्से को अच्छी तरह से ढककर रखते हैं, जिससे बाहर की ठंडी हवा अंदर नहीं पहुंचती और पैरों को पर्याप्त गर्माहट व सुरक्षा मिलती है।

ये भी पढ़ें

आशीष जैन ने स्पष्ट किया कि सर्दियों के दौरान चप्पल, सैंडल और फ्लिप-फ्लॉप जैसे खुले फुटवियर की बिक्री लगभग नगण्य हो जाती है। इसके विपरीत, उत्तर भारत और पूर्वी भारत के राज्यों में जहां कड़ाके की ठंड पड़ती है, वहां के बाजारों से विंटर फुटवियर के बड़े ऑर्डर आगरा की इकाइयों को मिल रहे हैं। घरेलू मांग को पूरा करने के लिए निर्माता नित नए डिजाइन और विभिन्न मूल्य श्रेणियों में उत्पाद पेश कर रहे हैं।

महिला फैशन में लंबे बूट्स का बढ़ता दबदबा

सर्दियों के महीनों में फुटवियर सिर्फ ठंड से बचाव का जरिया नहीं रहता, बल्कि यह पहनावे और व्यक्तिगत शैली का प्रमुख हिस्सा बन जाता है। युवतियों और कामकाजी महिलाओं के बीच घुटनों और पिंडलियों तक आने वाले लंबे बूट्स का चलन लगातार बढ़ रहा है। उपभोक्ता खरीदारी करते समय इस बात को प्राथमिकता देते हैं कि जूता देखने में आधुनिक और स्टाइलिश लगे, साथ ही पैरों को पूरा आराम और सुरक्षा प्रदान करे। इसी संतुलन को साधने के लिए आगरा के डिजाइनर ऐसे बूट्स तैयार कर रहे हैं जो फैशन के साथ उपयोगिता पर भी पूरी तरह खरे उतरें।

माइनस तापमान वाले देशों में विशेष बूट्स का निर्यात

आगरा के जूता उद्योग का बड़ा हिस्सा अंतरराष्ट्रीय निर्यात पर निर्भर करता है। जिन वैश्विक क्षेत्रों में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस या उससे भी नीचे चला जाता है, वहां के लिए बेहद उन्नत तकनीक वाले गर्म फुटवियर बनाए जा रहे हैं। यूरोप के विभिन्न देशों, संयुक्त राज्य अमेरिका (यूएसए) और कनाडा जैसे अत्यधिक ठंडे इलाकों में अंतरराष्ट्रीय खरीदार आगरा के बने विंटर बूट्स को प्रमुखता दे रहे हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए तैयार होने वाले ये जूते सामान्य बूट्स की तुलना में बिल्कुल अलग होते हैं। शून्य से नीचे के तापमान को झेलने के लिए इनके अंदरूनी हिस्से में विशेष थर्मल लाइनिंग और गर्माहट को रोककर रखने वाले तकनीकी मटेरियल की परत लगाई जाती है। विदेशों में ग्राहक गुणवत्ता, मजबूती, इन्सुलेशन और डिजाइन के मानकों पर कोई समझौता नहीं करते, जिसके चलते आगरा की निर्यातक इकाइयां अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप उत्पादन क्षमता को पूरी रफ्तार से संचालित कर रही हैं।

सवाल-जवाब

सर्दियों में किस तरह के जूतों की मांग सबसे अधिक बढ़ जाती है?
सर्दियों में क्लोज्ड-टो जूते और अंदरूनी थर्मल लाइनिंग वाले विशेष विंटर बूट्स की मांग सबसे ज्यादा रहती है।
क्लोज्ड-टो जूते सामान्य फुटवियर से किस प्रकार भिन्न होते हैं?
ये जूते पैरों की उंगलियों, एड़ी और पूरे पंजे को पूरी तरह ढककर रखते हैं, जिससे पैर ठंडी हवाओं से सुरक्षित रहते हैं।
आगरा के विंटर बूट्स किन प्रमुख विदेशी देशों में निर्यात किए जाते हैं?
आगरा के बने विंटर बूट्स मुख्य रूप से यूरोप के विभिन्न देशों, अमेरिका (यूएसए) और कनाडा जैसे ठंडे इलाकों में भेजे जाते हैं।
शून्य से नीचे तापमान वाले देशों के लिए बनने वाले बूट्स में क्या खासियत होती है?
इन बूट्स के अंदर विशेष इंसुलेटिंग लाइनिंग और गर्माहट रोकने वाले तकनीकी मटेरियल का इस्तेमाल किया जाता है।
सर्दियों के दौरान किस तरह के फुटवियर की बिक्री सबसे कम हो जाती है?
सर्दियों के महीनों में सैंडल, चप्पल और फ्लिप-फ्लॉप जैसे खुले फुटवियर की मांग सबसे कम हो जाती है।
भारत के किन क्षेत्रों में सर्दियों के फुटवियर की मांग सबसे अधिक दर्ज की जाती है?
उत्तर भारत और पूर्वी भारत के बाजारों में विंटर फुटवियर और बंद जूतों की मांग सबसे ज्यादा देखी जाती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp