फिल्म निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित सिनेमाई परियोजना 'रामायण' को लेकर सिनेमाप्रेमियों और दर्शकों के बीच उत्सुकता लगातार नए शिखर छू रही है। हाल ही में फिल्म के बहुप्रतीक्षित झलक यानी ट्रैलर के सार्वजनिक होने के बाद से ही इस पौराणिक महागाथा पर चर्चाओं का बाजार गर्म है। एक ओर जहां फिल्म निर्माण के भव्य सेट्स और अद्भुत विजुअल्स की चौतरफा सराहना हो रही है, वहीं दूसरी ओर मुख्य नायक भगवान श्रीराम के पावन किरदार के लिए अभिनेता रणबीर कपूर के चयन को लेकर सोशल मीडिया पर विभिन्न प्रकार के सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कुछ वर्ग उनके पिछले फिल्मी किरदारों के कारण इस कास्टिंग पर संशय जता रहे हैं। इस पूरे विषय पर अब रामानंद सागर के कालजयी धारावाहिक 'रामायण' में माता सीता का स्मरणीय किरदार निभाने वाली वरिष्ठ अभिनेत्री दीपिका चिखलिया खुलकर रणबीर कपूर के पक्ष में आ गई हैं और उन्होंने आलोचकों को करारा जवाब दिया है।
पुराने किरदारों से अभिनेता को आंकना अनुचित: दीपिका चिखलिया
एक विशेष बातचीत के दौरान जब दीपिका चिखलिया से रणबीर कपूर की कास्टिंग को लेकर हो रही ट्रॉलिंग पर प्रतिक्रिया मांगी गई, तो उन्होंने बेबाकी से अभिनेता का बचाव किया। दर्शकों द्वारा यह सवाल उठाए जाने पर कि 'एनिमल' जैसी हिंसक या डार्क पृष्ठभूमि वाली फिल्में करने वाले कलाकार को मर्यादा पुरुषोत्तम राम का पवित्र रूप कैसे दिया जा सकता है, दीपिका ने स्पष्ट किया कि विविध प्रकार की भूमिकाएं निभाना ही एक समर्पित कलाकार की असली पहचान होती है। उन्होंने कहा कि किसी भी अभिनेता को उसके अतीत के किरदारों के आधार पर अंतिम रूप से जज करना सर्वथा अनुचित है। उनका मानना है कि अभिनय के क्षेत्र में बने रहने वाले लोग कोई ऊपर से उतरी हुई अलौकिक हस्तियां नहीं होते, बल्कि वे भी अपनी कला के जरिए अलग-अलग जीवन शैलियों को पर्दे पर जीवंत करते हैं।
दीपिका चिखलिया ने रणबीर कपूर की बहुमुखी अभिनय क्षमता की प्रशंसा करते हुए उन्हें काफी सौभाग्यशाली करार दिया। उन्होंने कहा कि एक ही कलाकार के लिए अपनी अभिनय यात्रा में बिल्कुल अलग स्वभाव की भूमिकाएं चुनना बहुत बड़ी उपलब्धि है। जो अभिनेता 'बर्फी' जैसी मासूमियत से भरी फिल्म कर सकता है, वह 'एनिमल' जैसा उग्र किरदार भी निभा सकता है। ठीक उसी तरह जो कलाकार 'एनिमल' में अभिनय की गहराई दिखा सकता है, वह भगवान राम का पावन रूप भी सहजता से पर्दे पर उतार सकता है। उन्होंने कहा कि रणबीर कपूर बेहद लकी हैं कि उन्हें अपने करियर में इतने विविधतापूर्ण और शानदार अवसर मिल रहे हैं, और उनका इस ऐतिहासिक भूमिका को निभाना भारतीय सिनेमा के लिए एक बेहतरीन कदम है।
सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में रणबीर कपूर का स्वीकारोक्ति भरा बयान
भगवान श्रीराम की भूमिका मिलने के बाद पैदा हुए अपने व्यक्तिगत अनुभवों और मनोभावों को खुद रणबीर कपूर ने भी हाल ही में साझा किया था। अमेरिका के प्रतिष्ठित सैन डिएगो कॉमिक-कॉन समारोह के मंच से बोलते हुए रणबीर कपूर ने स्वीकार किया था कि जब इस प्रतिष्ठित प्रोजेक्ट का प्रस्ताव उनके सामने रखा गया था, तो उनके मन में सबसे पहला विचार अपनी योग्यता को लेकर ही आया था। उन्होंने खुद से यह सवाल किया था कि क्या वे इस महान चरित्र को प्रस्तुत करने के लायक हैं और उन्हें इतनी बड़ी सांस्कृतिक जिम्मेदारी क्यों दी जा रही है।
हालांकि, रणबीर कपूर ने आगे बताया कि जब उन्होंने निर्देशक नितेश तिवारी और निर्माण टीम के दृष्टिकोण को समझा, तो उन्हें अहसास हुआ कि लगभग 4000 वर्षों से भारतीय जनमानस के हृदय में रची-बसी इस पावन महागाथा को आधुनिक पर्दे पर लाने के पीछे निर्माताओं का विचार कितना पवित्र और निश्छल है। उन्होंने रेखांकित किया कि रामकथा हर भारतीय की सांस्कृतिक चेतना और रग-रग में समाई हुई है। अभिनेता का मानना है कि इतनी महान पौराणिक छवि को पर्दे पर रूपायित करने के लिए कोई भी इंसान पूर्ण या परिपूर्ण नहीं हो सकता, लेकिन सच्ची नीयत और निष्ठा के साथ प्रयास करना ही सबसे महत्वपूर्ण बात है।
सितारों से सजी स्टार कास्ट और दो किस्तों में दिवाली पर रिलीज
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस महत्वाकांक्षी फिल्म 'रामायण' में भारतीय सिनेमा के कई बड़े चेहरे एक साथ बड़े पर्दे पर नजर आने वाले हैं। फिल्म की मुख्य स्टार कास्ट में रणबीर कपूर के साथ दक्षिण भारतीय सिनेमा की प्रसिद्ध अभिनेत्री साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में दिखेंगे। इसके अलावा कन्नड़ सुपरस्टार यश लंकापति रावण का किरदार निभा रहे हैं, जबकि दिग्गज अभिनेता सनी देओल भगवान हनुमान के रूप में दिखाई देंगे। फिल्म के अन्य महत्वपूर्ण पात्रों में अभिनेत्री रकुल प्रीत सिंह और अभिनेता रवि दुबे भी अपनी प्रमुख भूमिकाओं में शामिल हैं।
निर्माताओं ने इस विशालकाय पौराणिक गाथा को दो बड़े भागों में दर्शकों के सामने पेश करने का निर्णय लिया है। योजना के अनुसार फिल्म का पहला भव्य अध्याय दिवाली 2026 के पावन अवसर पर देशभर के सिनेमाघरों में दस्तक देगा। वहीं इस महागाथा का दूसरा अंतिम भाग ठीक एक वर्ष बाद यानी दिवाली 2027 को बड़े पर्दे पर प्रदर्शित किया जाएगा। इस बड़े ऐलान के बाद से ही दुनिया भर के भारतीय दर्शकों में फिल्म को लेकर उत्सुकता चरम पर पहुंच चुकी है।



















