बॉलीवुड में कई ऐसी जोड़ियां रही हैं जिनके पर्दे पर आते ही थिएटर्स में भीड़ उमड़ पड़ती थी, लेकिन कई बार बड़े सितारों का साथ भी दर्शकों को रिझाने में नाकाम साबित होता है। हिंदी सिनेमा की मशहूर अदाकारा माधुरी दीक्षित और दिवंगत एक्टर ऋषि कपूर ने भी अपने करियर में एक साथ तीन फिल्मों में मुख्य भूमिकाएं निभाई थीं। हालांकि, इन दोनों दिग्गज कलाकारों का यह तालमेल टिकट खिड़की पर कोई खास जादू नहीं दिखा सका। बॉक्स ऑफिस पर यह तीनों ही प्रोजेक्ट बुरी तरह असफल रहे और सिनेमाघरों में कब आए और कब उतर गए, दर्शकों को इसका अहसास भी नहीं हुआ। इनमें सामाजिक संघर्ष, थ्रिलर और रोमांटिक ड्रामा जैसे कई विषय शामिल थे, फिर भी फिल्मों का हश्र बेहद कमजोर रहा।
प्रेम त्रिकोण और सामाजिक संघर्ष की कहानी साहिबां
इस सिलसिले की पहली कड़ी के रूप में वर्ष 1993 में फिल्म साहिबां पर्दे पर आई थी। रमेश तलवार के निर्देशन में तैयार हुई इस फिल्म में माधुरी दीक्षित और ऋषि कपूर के अलावा संजय दत्त भी प्रमुख भूमिका में नजर आए थे। फिल्म 16 जुलाई 1993 को रिलीज हुई थी और इसका ताना-बाना प्रेम, सामाजिक रुतबे तथा ताकत के टकराव पर बुना गया था। कथावस्तु के केंद्र में साहिबां नाम की एक सीधे-सादे गांव की लड़की है, जिसका किरदार माधुरी दीक्षित ने निभाया था।
कहानी में साहिबां को गोपी नामक एक बेहद साधारण और गरीब मजदूर से गहरा लगाव हो जाता है, जिसे ऋषि कपूर ने पर्दे पर जीवंत किया था। दोनों के बीच आर्थिक और सामाजिक पृष्ठभूमि की बड़ी खाई होने के बाद भी उनका प्रेम आगे बढ़ता रहता है। इस प्रेम कहानी में नया मोड़ तब आता है जब संजय दत्त का नकारात्मक चरित्र कहानी में प्रवेश करता है। रोमांस, ड्रामा और सामाजिक हैसियत के संघर्ष से भरी यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर औंधे मुंह गिरी थी। जो दर्शक इसे देखना चाहते हैं, उनके लिए यह फिल्म अमेजन प्राइम पर उपलब्ध है।
रोमांटिक थ्रिलर के रूप में सामने आई याराना
ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित की दूसरी संयुक्त फिल्म याराना का मिजाज उनकी बाकी फिल्मों से काफी अलग था। वर्ष 1995 में रिलीज हुई इस रोमांटिक थ्रिलर फिल्म की कमान निर्देशक डेविड धवन के हाथों में थी। इस फिल्म में ऋषि कपूर ने राज की भूमिका अदा की थी, जबकि माधुरी दीक्षित दोहरी पहचान वाले किरदार ललिता और शिखा के रूप में नजर आई थीं। अभिनेता राज बब्बर ने इस फिल्म में मुख्य खलनायक जे.बी. का किरदार निभाया था। यह फिल्म 20 अक्टूबर 1995 को सिनेमाघरों में प्रदर्शित की गई थी।
फिल्म का घटनाक्रम ललिता के इर्द-गिर्द शुरू होता है, जिसकी खूबसूरती पर सनकी मिजाज जे.बी. की नजर पड़ जाती है। जे.बी. किसी भी कीमत पर ललिता से शादी करना चाहता है, परंतु ललिता उसके इस प्रस्ताव को साफ तौर पर ठुकरा देती है और उसके साथ जिंदगी बिताने से मना कर देती है। शादी से इनकार करने के बाद जे.बी. ललिता को जबरन अपनी कैद में रखने और शादी के लिए विवश करने की खौफनाक कोशिशें शुरू कर देता है। बड़े कलाकारों की मौजूदगी के बावजूद यह फिल्म भी दर्शकों को प्रभावित नहीं कर सकी। वर्तमान में यह फिल्म अमेजन प्राइम और गूगल प्ले मूवीज पर स्ट्रीमिंग के लिए मौजूद है।
जातिगत भेदभाव और गंभीर विषय पर केंद्रित प्रेम ग्रंथ
ऋषि कपूर और माधुरी दीक्षित की जोड़ी की तीसरी फिल्म प्रेम ग्रंथ वर्ष 1996 में दर्शकों के सामने आई थी। इस फिल्म का निर्देशन राजीव कपूर ने किया था। यह फिल्म काफी गंभीर और समाज में व्याप्त जातिगत और सामाजिक असमानता के मुद्दों को छूने वाली कहानी पर आधारित थी। इस सामाजिक ड्रामा में ऋषि कपूर ने सोमेन नाम के युवक का किरदार निभाया था, जबकि माधुरी दीक्षित कजरी की भूमिका में नजर आई थीं।
कहानी का सूत्रपात एक धार्मिक उत्सव के दौरान होता है, जहां सोमेन की पहली मुलाकात कजरी से होती है। कजरी एक बेहद साधारण परिवार से आती है और सामाजिक संरचना में निचली जाति से ताल्लुक रखती है। समय बीतने के साथ दोनों एक-दूसरे के करीब आते हैं और उनमें प्यार हो जाता है। हालांकि, जातिगत अंतर और सामाजिक दबाव के कारण इस रिश्ते को सोमेन के परिवार और तत्कालीन समाज के लिए स्वीकार कर पाना बिल्कुल आसान नहीं होता। यह संवेदनशील विषय भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में नाकाम रहा और फिल्म बॉक्स ऑफिस पर महाफ्लॉप साबित हुई। आज इस फिल्म को दर्शक अमेजन प्राइम पर देख सकते हैं।



















