भारतीय सिनेमा में नब्बे का दशक एक ऐसा दौर था जब फिल्मों के गानों की धुनें रेडियो से लेकर शादी-समारोहों तक गूंजा करती थीं। साल 1997 में रिलीज हुई फिल्म 'साजन चले ससुराल' का चर्चित गाना 'तुम तो धोखेबाज हो' इस दौर की सबसे लोकप्रिय संगीत रचनाओं में गिना जाता है। पर्दे पर गोविंदा और करिश्मा कपूर की चुलबुली जोड़ी ने अपनी ऑनस्क्रीन केमिस्ट्री से दर्शकों का दिल जीत लिया था।
नदीम-श्रवण और समीर का संगीतमय जादू
इस यादगार गीत की धुन प्रख्यात संगीतकार जोड़ी नदीम-श्रवण ने तैयार की थी। इसके मनोरंजक और मजेदार बोल गीतकार समीर ने लिखे थे। गाने की धुन और बोल इतने सरल तथा आकर्षक थे कि रिलीज होते ही यह संगीत प्रेमियों की जुबान पर चढ़ गया। अलका याग्निक और कुमार सानू की सुरीली आवाज ने इस गीत में जान फूंक दी, जिससे यह 90 के दशक का एक बड़ा चार्टबस्टर बन गया।
गोविंदा और करिश्मा कपूर की डांस जुगलबंदी
गाने के दृश्य में गोविंदा और करिश्मा कपूर के बीच का तालमेल देखने लायक था। दोनों कलाकारों के हाव-भाव, चुलबुले एक्सप्रेशन्स और बेहतरीन डांस स्टेप्स ने इस गाने को विजुअली बेहद आकर्षक बना दिया। डांस फ्लोर पर गोविंदा की ऊर्जा के साथ कदम मिलाना आसान नहीं था, फिर भी करिश्मा कपूर ने उनके साथ शानदार तालमेल बैठाया। इस जोड़ी ने उस दौर में कई सुपरहिट गानों में एक साथ काम किया और दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
आज भी बरकरार है गाने की लोकप्रियता
समय बीतने के बाद भी 'तुम तो धोखेबाज हो' की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं आई है। आज भी जब यह गाना बजता है, लोग खुद को थिरकने से रोक नहीं पाते। 90 के दशक के इस ब्लॉकबस्टर संगीत ने गोविंदा और करिश्मा कपूर की जोड़ी को बॉलीवुड के इतिहास में सबसे सफल और पसंदीदा जोड़ियों में से एक के रूप में स्थापित कर दिया।


















