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ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका के सामने रखी युद्ध समाप्ति की बात, डोनाल्ड ट्रंप को है नीयत पर संदेहदुनिया
22 अग॰ 2026, 3:43 pm (62 दिन पहले)· 4

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका के सामने रखी युद्ध समाप्ति की बात, डोनाल्ड ट्रंप को है नीयत पर संदेह

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका के साथ जारी संघर्ष को समाप्त करने की अपील की है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि तेहरान सही समझौते के लिए अभी तैयार नहीं है।

ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका के साथ महीनों से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की वकालत की है। ओमान के अधिकारियों और तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत बहाल करने के प्रयासों के बीच यह बात सामने आई है। राजधानी तेहरान में चिकित्सकों के साथ एक हालिया बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि देश को अब इस टकराव को रोक देना चाहिए।

ताकत की स्थिति से शांति की अपील

मसूद पेज़ेश्कियान ने अपने संबोधन में ज़ोर देकर कहा कि मौजूदा समय में ईरान शक्ति और सम्मान के मुकाम पर है। उनके अनुसार पूरी दुनिया इस बात को स्वीकार करती है कि किस प्रकार अमेरिका ने अंतरराष्ट्रीय नियमों को ताक पर रखकर स्कूलों, अस्पतालों और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया, जिससे वैश्विक स्तर पर उसकी छवि खराब हुई है। इसके बावजूद, ईरान के सैन्य अधिकारियों ने अपनी रक्षात्मक तैयारियों को लेकर कोई ढील नहीं दी है। सशस्त्र बलों के चीफ ऑफ़ स्टाफ़ मेजर-जनरल अली अब्दुल्लाही ने चेतावनी दी है कि थल, जल, वायु, एयर डिफेंस और साइबरस्पेस हर मोर्चे पर देश की सेना किसी भी संभावित खतरे का मुंहतोड़ और विनाशकारी जवाब देने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

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जून के समझौते पर संसद में घमासान

जून माह में अमेरिका के साथ हुए एक समझौते को लेकर मसूद पेज़ेश्कियान को घरेलू मोर्चे पर तीखी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है। ईरानी संसद में मौजूद कट्टरपंथी गुटों ने उन पर वाशिंगटन के आगे समर्पण करने का आरोप मढ़ा है, क्योंकि राजनीतिक हलकों में उन्हें एक सुधारवादी नेता के रूप में देखा जाता है। इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए उन्होंने सफाई दी कि इस समझौते में ऐसा कुछ भी नहीं है जिससे यह साबित हो कि ईरान ने हथियार डाल दिए हैं। उनका कहना था कि इस व्यवस्था के तहत सभी प्रमुख शर्तें और वादे दूसरी यानी अमेरिकी पक्ष से जुड़े हुए हैं।

वॉशिंगटन का रुख और ट्रंप की प्रतिक्रिया

दूसरी ओर, अमेरिकी राजधानी वॉशिंगटन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की मंशा पर खुलकर सवाल उठाए हैं। संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि तेहरान के नेता समझौता करना तो चाहते हैं, लेकिन उनकी नीयत सही डील तक पहुँचने की नहीं दिखती है। सैन्य विकल्पों और रणनीतिक बढ़त के सवाल पर ट्रंप ने दावा किया कि स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज सहित आसपास के संपूर्ण समुद्री और भूभाग क्षेत्रों पर अमेरिका का पूर्ण नियंत्रण बना हुआ है। इस बीच, ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र बताने वाला एक नया नक्शा भी साझा किया जा चुका है, जिससे कूटनीतिक तनाव और अधिक गहरा गया है।

सवाल-जवाब

ईरान के राष्ट्रपति ने क्या अपील की है?
मसूद पेज़ेश्कियान ने अमेरिका के साथ चल रहे युद्ध को तुरंत खत्म करने की अपील की है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया दी है?
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि तेहरान समझौता तो करना चाहता है, लेकिन वे सही डील करने के लिए तैयार नहीं हैं।
ईरान के सैन्य नेतृत्व का क्या रुख है?
मेजर-जनरल अली अब्दुल्लाही ने कहा है कि ईरान की सेना किसी भी नई धमकी का कड़ा और विनाशकारी जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।
जून के समझौते को लेकर ईरान में क्या विवाद है?
ईरानी संसद के कट्टरपंथियों ने जून के समझौते को लेकर राष्ट्रपति पर अमेरिका के सामने झुकने का आरोप लगाया है, जिसे उन्होंने खारिज कर दिया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·62 दिन पहले

मसूद पेज़ेश्कियान की शांति अपील और घरेलू कट्टरपंथियों का विरोध यह दर्शाता है कि ईरान दो मोर्चों पर उलझा हुआ है। एक तरफ ओमान के जरिए कूटनीति की कोशिश है, तो दूसरी तरफ ट्रंप का होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिकी क्षेत्र बताने वाला नया नक्शा और सैन्य दबाव तनाव को और बढ़ा रहा है। यदि यह कूटनीतिक संवाद विफल होता है, तो क्षेत्र में आर्थिक और सुरक्षा संकट तेज़ी से गहरा सकता है, जिसका असर पूरे दक्षिण एशिया और वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर पड़ना तय है।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·62 दिन पहले

मसूद पेज़ेश्कियान की शांति की यह पहल और दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का अविश्वास इस बात का संकेत है कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच आपसी अविश्वास की खाई बहुत गहरी है। ओमान के माध्यम से चल रही बातचीत और होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नियंत्रण जैसे रणनीतिक कदम यह तय करेंगे कि आने वाले दिनों में कूटनीति सफल होती है या क्षेत्रीय तनाव और अधिक गंभीर रूप लेता है।

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