चेक गणराज्य की 20 वर्षीय गैर-वरीय खिलाड़ी सारा बेजलेक ने सिंसिनाटी ओपन में अपना शानदार अभियान जारी रखते हुए पहली बार WTA 1000 टूर्नामेंट के सेमीफ़ाइनल में जगह बना ली है। एक सेट से पिछड़ने के बाद ज़बरदस्त वापसी करते हुए उन्होंने अमेरिका की मैडिसन कीज़ को 3-6, 6-4, 7-6 (7-5) से पराजित किया। दो घंटे और 37 मिनट तक चले इस मैराथन क्वार्टर फ़ाइनल मुकाबले में जीत दर्ज करने के बाद अब अंतिम चार में उनका सामना चौथी वरीयता प्राप्त अमेरिका की कोको गॉफ से होगा, जिन्होंने यूक्रेन की मार्ता कोस्त्युक को हराकर सेमीफ़ाइनल में प्रवेश किया है।
दिग्गज खिलाड़ियों को हराकर बेजलेक ने रचा इतिहास
विश्व रैंकिंग में 35वें स्थान पर काबिज सारा बेजलेक का इस प्रतियोगिता में यह लगातार तीसरा मुकाबला था जिसमें उन्होंने किसी ग्रैंड स्लैम चैंपियन खिलाड़ी को शिकस्त दी है। इससे पहले उन्होंने चौथे दौर में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी एरिना सबालेंका को हराकर तहलका मचाया था, जबकि टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में बारबोरा क्रेजसीकोवा को भी बाहर का रास्ता दिखाया था। फरवरी में क्वालीफायर के रूप में अबू धाबी ओपन जीतकर अपना पहला WTA खिताब हासिल करने वाली बेजलेक अब अपने करियर की दूसरी ट्रॉफ़ी की तलाश में हैं।
मैडिसन कीज़ के खिलाफ मुकाबले की शुरुआत बेजलेक के लिए आसान नहीं रही। पहला सेट 3-6 से गंवाने के बाद वह दूसरे सेट में भी 1-3 से पीछे चल रही थीं। लेकिन इसके बाद उन्होंने बेमिसाल जुझारूपन का परिचय दिया और अगले छह में से पांच गेम जीतकर दूसरे सेट को 6-4 से अपने नाम कर लिया। तीसरे और निर्णायक सेट के टाई-ब्रेक में भी बेजलेक 2-4 से पिछड़ रही थीं, लेकिन उन्होंने धैर्य बनाए रखा और आखिरी सात में से पांच अंक हासिल करते हुए मैच अपने नाम कर लिया।
आत्मविश्वास और फिटनेस में सुधार का परिणाम
अपनी इस शानदार सफलता पर बात करते हुए बेजलेक ने बताया कि कुछ सप्ताह पहले अपनी कोचिंग टीम के साथ हुई बातचीत ने उनके दृष्टिकोण को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने स्वीकार किया कि उस चर्चा के बाद से उनका खुद पर भरोसा बढ़ा है और कोर्ट पर शारीरिक क्षमता में भी सुधार हुआ है।
बेजलेक ने अपने प्रदर्शन पर कहा, "उस समय के बाद से मुझे लगता है कि चीज़ें काफी अच्छी चल रही हैं और मेरा खुद पर विश्वास बढ़ा है।"
कोको गॉफ ने नेट प्ले से सुधारा अपना खेल
दूसरी तरफ, चौथी वरीयता प्राप्त कोको गॉफ ने यूक्रेन की 10वीं वरीयता प्राप्त मार्ता कोस्त्युक को एकतरफा मुकाबले में 6-2, 6-2 से हराकर सेमीफ़ाइनल में कदम रखा। इस महीने की शुरुआत में विंबलडन और कनाडाई ओपन के सेमीफ़ाइनल तक पहुंचने के बाद यह गॉफ का लगातार तीसरा अंतिम चार मुकाबला होगा।
गॉफ ने खुलासा किया कि उनकी हालिया सफलता के पीछे रणनीतिक बदलाव का बड़ा हाथ है, जिसमें उन्होंने रैलियों के दौरान नेट पर जाकर आक्रामक खेलने की रणनीति अपनाई है। गॉफ ने बताया कि दिग्गज टेनिस खिलाड़ी क्रिस एवर्ट उन्हें अक्सर मैसेज करके नेट पर अधिक आने की सलाह देती थीं। विंबलडन में इस रणनीति को आजमाने के बाद उन्हें अहसास हुआ कि इससे अंक जल्दी और आसानी से हासिल किए जा सकते हैं।
नेट प्ले पर बात करते हुए गॉफ ने कहा, "जब आप नेट पर जाकर पॉइंट खत्म करने में सक्षम होते हैं तो खेल में बड़ा अंतर आ जाता है।"
यूएस ओपन से पहले कड़ा मुकाबला
अब सेमीफ़ाइनल में सारा बेजलेक और कोको गॉफ के बीच एक बेहद रोमांचक भिड़ंत देखने को मिलेगी। साल का आखिरी ग्रैंड स्लैम, यूएस ओपन, 30 अगस्त से न्यूयॉर्क में शुरू होने जा रहा है। ऐसे में सिंसिनाटी ओपन में जीत दर्ज करना दोनों खिलाड़ियों के लिए यूएस ओपन से पहले आत्मविश्वास और लय हासिल करने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा।



















