हिंदी सिनेमा की मशहूर अभिनेत्री पूनम ढिल्लों को डेंगू होने के कारण मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 80 और 90 के दशक में 'नूरी', 'सोहनी माहीवाल', 'ये वादा रहा' और 'नाम' जैसी चर्चित फिल्मों से दर्शकों के दिलों में अपनी खास जगह बनाने वाली अभिनेत्री पिछले कुछ दिनों से अस्पताल में अपना इलाज करवा रही हैं। उनकी सेहत बिगड़ने की खबर सामने आते ही प्रशंसकों और फिल्म उद्योग के साथियों ने सोशल मीडिया के जरिए उनके जल्द स्वस्थ होने की प्रार्थना शुरू कर दी है।
स्वास्थ्य में सुधार और विक्की लालवानी का सोशल मीडिया पोस्ट
अस्पताल में भर्ती होने के बाद पूनम ढिल्लों की सेहत को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मनोरंजन पत्रकार विक्की लालवानी ने सोशल मीडिया पर उनकी सेहत से जुड़ा एक महत्वपूर्ण अपडेट साझा किया। उन्होंने बताया कि सुबह के समय जब उन्होंने मैसेज के जरिए अभिनेत्री से उनका हालचाल पूछा, तो पूनम ढिल्लों ने जवाब में बताया कि वह अब धीरे-धीरे रिकवर कर रही हैं। डॉक्टरों की देखरेख में उनकी स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है, जिससे उनके प्रशंसकों को बड़ी राहत मिली है।
CINTAA में जारी आंतरिक खींचतान के बीच बिगड़ी तबीयत
पूनम ढिल्लों के अस्पताल में भर्ती होने की यह खबर ऐसे समय में आई है, जब सिने एंड टीवी आर्टिस्ट्स एसोसिएशन (CINTAA) के भीतर नेतृत्व को लेकर गंभीर विवाद चल रहा है। संगठन के भीतर चल रही अंदरूनी कलह के कारण कई वरिष्ठ सदस्यों ने मौजूदा कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। अगस्त महीने की शुरुआत में कार्यकारिणी समिति के 11 सदस्यों ने एक साथ अपने इस्तीफे सौंप दिए थे, जिनमें 8 निर्वाचित सदस्य भी शामिल थे। इन सभी सदस्यों ने संस्था में पारदर्शिता की कमी और सामूहिक निर्णय प्रक्रिया की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए नए सिरे से चुनाव कराने की मांग रखी थी।
उपासना सिंह के आरोप और तानाशाही का दावा
विवाद के इस माहौल में CINTAA की जनरल सेक्रेटरी उपासना सिंह ने पूनम ढिल्लों और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद्मिनी कोल्हापुरे के खिलाफ बेहद कड़े आरोप लगाए थे। विक्की लालवानी के एक पॉडकास्ट के दौरान उपासना सिंह ने दावा किया था कि संगठन के भीतर लोकतंत्र खत्म हो चुका है। उन्होंने कहा कि जो भी सदस्य नेतृत्व के फैसलों से असहमत होता था या उनकी बातों में सहमति नहीं जताता था, उसे तुरंत कारण बताओ नोटिस भेज दिया जाता था। उपासना सिंह के अनुसार, इसी रवैये से तंग आकर समिति के 11 सदस्यों ने इस्तीफा देने का फैसला लिया था।
पूनम ढिल्लों की सफाई और निष्पक्ष चुनाव की मांग
उपासना सिंह द्वारा लगाए गए इन गंभीर आरोपों पर पूनम ढिल्लों ने अस्पताल जाने से पहले अपनी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने साफ किया था कि वह किसी भी तरह के आरोप-प्रत्यारोप या कीचड़ उछालने वाले खेल का हिस्सा नहीं बनना चाहती हैं। पूनम ढिल्लों का कहना था कि ऐसे बेबुनियाद बयान सिर्फ उस व्यक्ति की हताशा को दर्शाते हैं, जिसे संगठन में मनमुताबिक तवज्जो नहीं मिली। दूसरी तरफ, इस्तीफा देने वाले सदस्यों और उपासना सिंह ने इस मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए FWICE और रजिस्ट्रार से CINTAA के लिए नए और निष्पक्ष चुनाव कराने की अपील की है।


















