भारतीय आध्यात्मिक और पौराणिक कथाओं के विशाल संसार को अब एक बिल्कुल नए रूप में बड़े पर्दे पर जीवंत करने की तैयारी चल रही है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट ने प्राचीन ग्रंथों में से एक श्रीमद्भागवत पर आधारित एक विशालकाय लाइव-एक्शन फिल्म फ्रेंचाइजी को लाने का आधिकारिक ऐलान किया है। इस पवित्र ग्रंथ की विशालता को देखते हुए मेकर्स ने इसे एक अकेली फिल्म में समेटने के बजाय सात अलग-अलग फिल्मों के माध्यम से दर्शकों के सामने रखने का बड़ा फैसला किया है। इस भव्य सात-भाग वाली सिनेमाई श्रृंखला की शुरुआत 'श्रीमद्भागवत पार्ट 1: विष्णुरत' से होने जा रही है, जिसका पहला टीजर पोस्टर भी जारी कर दिया गया है। इस पहली घोषणा के साथ ही इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का सफर आधिकारिक तौर पर शुरू हो चुका है और इसे साल 2027 के दौरान वैश्विक स्तर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने की योजना है, जिसे प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट में भी दिखाया जाएगा।
'विष्णुरत' से होगी इस सिनेमाई गाथा की शुरुआत
इस सात फिल्मों की श्रृंखला के पहले अध्याय का नाम 'विष्णुरत' तय किया गया है। यह खास नाम भगवान विष्णु का संरक्षण पाने वाले व्यक्ति के गहरे आध्यात्मिक अर्थ को दर्शाता है। फिल्म का यह शीर्षक इस बात का स्पष्ट संकेत देता है कि आगे की कहानी भारतीय दर्शन और भगवान विष्णु से जुड़े विराट आख्यानों के इर्द-गिर्द बुनी जाएगी। हालांकि प्रोडक्शन हाउस ने अभी तक कथानक के अंदरूनी और विस्तृत पहलुओं को पूरी तरह उजागर नहीं किया है। लेकिन सात अलग-अलग फिल्मों की घोषणा इस बात की गवाही देती है कि दर्शकों को श्रीमद्भागवत का एक बेहद व्यापक और विस्तृत सिनेमाई अनुभव मिलने वाला है। कहानी को कई भागों में बांटने की वजह से फिल्मकारों को इसके तमाम पात्रों, महत्वपूर्ण घटनाओं और गहरे आध्यात्मिक प्रसंगों को पर्दे पर विस्तार से दिखाने के लिए पर्याप्त समय और अवसर मिलेगा।
एक फिल्म की बजाय सात अध्यायों की लंबी यात्रा
श्रीमद्भागवत की कथा का दायरा बेहद व्यापक और गहरा माना जाता है। इसी वजह से इसे महज एक फिल्म में समेटने के स्थान पर सात अलग-अलग हिस्सों में विभाजित करने का निर्णय लिया गया है, जो इसे एक लंबी और यादगार सिनेमाई यात्रा में बदल देता है। 'विष्णुरत' इस लंबी कथा का पहला पड़ाव साबित होगा और इसके बाद आने वाली अन्य फिल्में इस महागाथा को अलग-अलग चरणों के जरिए आगे बढ़ाएंगी। इस फ्रेंचाइजी के पीछे मेकर्स का मुख्य उद्देश्य केवल पौराणिक कथाओं को मंच देना नहीं, बल्कि एक ऐसा विस्तृत सिनेमाई ब्रह्मांड तैयार करना है जहां कहानी को बड़े पैमाने पर विकसित होने का पूरा मौका मिले। आने वाले समय में श्रृंखला के हर एक भाग से जुड़ी पटकथा और प्रमुख किरदारों को लेकर और अधिक खुलासे होने की पूरी उम्मीद है।
आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा संभाल रहे हैं कमान
इस मेगा बजट और बेहद महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट की बागडोर आकाश सागर चोपड़ा और अमृत सागर चोपड़ा के सक्षम हाथों में सौंपी गई है। सागर पिक्चर्स एंटरटेनमेंट लंबे समय से भारतीय पौराणिक और धार्मिक कथाओं को अपनी कला के माध्यम से दर्शकों तक पहुंचाने के लिए अपनी एक खास पहचान रखता है। इसी समृद्ध अनुभव के बल पर यह प्रोडक्शन हाउस अब श्रीमद्भागवत को सात फिल्मों की एक भव्य सिनेमाई कृति के रूप में प्रस्तुत करने जा रहा है। हालांकि अभी तक फिल्म की स्टार कास्ट यानी कलाकारों के नाम को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इसके अलावा रिलीज की पक्की तारीख और निर्माण से जुड़े अन्य जरूरी विवरण भी फिलहाल गोपनीय रखे गए हैं, और आने वाले दिनों में मेकर्स 'विष्णुरत' के संबंध में नई घोषणाएं कर सकते हैं।
साल 2027 में सिनेमाघरों में होगा भव्य आगाज
आने वाले साल 2027 में 'श्रीमद्भागवत पार्ट 1: विष्णुरत' को दुनिया भर के सिनेमाघरों में बेहद भव्य तरीके से रिलीज किया जाएगा। इस फिल्म को प्रीमियम लार्ज फॉर्मेट में भी प्रदर्शित करने की पूरी तैयारी है, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि मेकर्स इसे केवल विषय वस्तु के स्तर पर ही नहीं, बल्कि विजुअल स्केल के मामले में भी एक अभूतपूर्व अनुभव बनाना चाहते हैं। सामने आए पहले पोस्टर के साथ ही इस बड़ी घोषणा ने पौराणिक और ऐतिहासिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता पैदा कर दी है। अब हर किसी के मन में यही सवाल है कि 'विष्णुरत' श्रीमद्भागवत की इस असीम दुनिया को पर्दे पर कैसे उतारेगी और सात फिल्मों की यह श्रृंखला भारतीय सिनेमा के इतिहास में किस तरह की एक नई और अनूठी मिसाल कायम करेगी।



















