तापसी पन्नू अक्सर पैपराजी के साथ अपनी तीखी बहसों और बेबाक रवैये के कारण चर्चा में रहती हैं। सोशल मीडिया पर कई बार उन्हें 'दूसरी जया बच्चन' या 'जया बच्चन लाइट' का टैग दिया जाता है। इस तरह के तंज और ट्रॉलिंग के बीच अब तापसी ने सार्वजनिक रूप से अपनी चुप्पी तोड़ी है। एक हालिया साक्षात्कार के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि वे जया बच्चन के साथ अपनी तुलना को कोई अपमान नहीं, बल्कि एक बड़ा सम्मान मानती हैं। इसके साथ ही उन्होंने पैपराजी के साथ होने वाली अनबन, कैमरे के सामने चिल्लाने के चलन और मशहूर हस्तियों की व्यक्तिगत प्राइवेसी पर विस्तार से बात की है।
जया बच्चन से तुलना को बताया बड़ा कॉम्प्लिमेंट
बॉलीवुड में जब भी किसी अभिनेत्री के कड़े रुख या पैपराजी पर नाराजगी की बात होती है, तो वरिष्ठ अभिनेत्री जया बच्चन का नाम सबसे पहले लिया जाता है। तापसी पन्नू को अक्सर सोशल मीडिया पर उपयोगकर्ताओं द्वारा जया बच्चन से जोड़ा जाता रहा है। हालांकि, तापसी का कहना है कि जब लोग उनकी तुलना जया बच्चन से करते हैं, तो वे इसे गलत तरीके से नहीं देखतीं। उनके अनुसार जया बच्चन एक बेहद प्रतिभाशाली अभिनेत्री होने के साथ-साथ एक बेहद मजबूत और स्वतंत्र विचारों वाली महिला हैं। तापसी ने कहा कि किसी महान और सशक्त व्यक्तित्व के साथ तुलना किया जाना उनके लिए बहुत मेहरबानी की बात है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस बात से जरा भी असहज या बुरा महसूस नहीं करती हैं, क्योंकि वे जया बच्चन के काम और उनके व्यक्तित्व का बेहद सम्मान करती हैं।
पैपराजी के चिल्लाने और व्यवहार पर उठाये सवाल
पैपराजी के साथ अपनी बार-बार होने वाली अनबन पर सफाई देते हुए तापसी पन्नू ने अपना रुख बिल्कुल साफ रखा। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी भी किसी के साथ अपनी आवाज तेज करके बात नहीं की है और न ही वे कभी किसी को अपशब्द या गाली देती हैं। उनका मानना है कि जब कोई महिला अपनी मर्यादा और सीमाओं के बारे में पूरी तरह से स्पष्ट होती है, तो लोगों को उनका यह अंदाज डरावना या सख्त लग सकता है। तापसी ने बताया कि उन्हें बचपन से लेकर अब तक उनके माता-पिता के अलावा किसी ने इस तरह चिल्लाकर बात नहीं की है। ऐसे में जब पैपराजी सार्वजनिक स्थानों पर उनके बेहद करीब आकर जोर-जोर से उनका नाम चिल्लाते हैं, तो उन्हें यह व्यवहार बेहद अजीब और अनुचित लगता है। उनका सवाल था कि जब कोई व्यक्ति हाथ में कैमरा लेकर ठीक सामने खड़ा हो, तो इतनी तेज आवाज में नाम पुकारने का क्या औचित्य है।
2022 का 'दोबारा' विवाद और सोशल मीडिया का माहौल
तापसी पन्नू और पैपराजी के बीच टकराव का मामला नया नहीं है। वर्ष 2022 में आई फिल्म 'दोबारा' के प्रचार अभियान के दौरान एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर प्रसारित हुआ था। उस दौरान एक कार्यक्रम स्थल पर फोटोग्राफर्स ने तापसी पर देर से आने का आरोप लगाया था। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए तापसी ने कहा था कि वे ठीक उसी समय पर पहुंची थीं जो समय उन्हें आयोजकों द्वारा दिया गया था। उन्होंने मौके पर मौजूद फोटोग्राफर्स से शालीनता और तमीज से बात करने का अनुरोध किया था। इस घटना के बाद तापसी को सोशल मीडिया पर काफी ट्रॉलिंग का सामना करना पड़ा था और लोगों ने उन्हें घमंडी करार दिया था। हालांकि, तापसी ने इस बात को बार-बार दोहराया है कि सही और गलत को लेकर उनकी अपनी सोच एकदम स्पष्ट है और जब वे किसी गलत बात का विरोध करती हैं तो उसे गलत रंग दे दिया जाता है।
क्लिकबैट कैप्शन और 'पब्लिक प्रॉपर्टी' का भ्रम
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल करने के खेल पर बात करते हुए तापसी ने बताया कि इंटरनेट पर दिखने वाले अधिकांश वीडियो केवल सनसनी फैलाने के लिए बनाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि वास्तविक जीवन में जब वे किसी बात से बेहद गुस्सा या नाराज होती हैं, तो वे चिल्लाने के बजाय एकदम शांत हो जाती हैं। वे उस व्यक्ति से बात करना ही बंद कर देती हैं जिससे वे असहज महसूस करती हैं। इसलिए सोशल मीडिया पर उनके वीडियो के साथ लगाए जाने वाले 'गुस्सा हो गईं' या 'पैप्स पर भड़क गईं' जैसे कैप्शन सिर्फ क्लिकबैट के लिए होते हैं। तापसी ने कहा कि अगर कोई वीडियो 'तापसी प्यार से मिलीं' शीर्षक के साथ पोस्ट किया जाएगा तो शायद लोग उस पर क्लिक नहीं करेंगे, लेकिन 'तापसी का फूटा गुस्सा' जैसे थंबनेल और कैप्शन तुरंत लोगों का ध्यान खींच लेते हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि एक पब्लिक फिगर होने का मतलब यह कतई नहीं है कि कोई व्यक्ति 'पब्लिक प्रॉपर्टी' बन जाता है। हर सेलिब्रिटी की अपनी निजी जिंदगी, आत्मसम्मान और व्यक्तिगत स्थान की सीमाएं होती हैं जिनका सम्मान किया जाना चाहिए।
वर्कफ्रंट: 'गांधारी' में दिखी थीं जबरदस्त अदाकारी
अगर काम की बात करें तो तापसी पन्नू हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'गांधारी' में नजर आई थीं। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसी मां की चुनौतीपूर्ण भूमिका निभाई है, जो अपनी बेटी की सुरक्षा और उसे बचाने के लिए किसी भी सीमा तक जाने को तैयार रहती है। फिल्म में उनके अभिनय और एक मां के संघर्षपूर्ण किरदार को काफी सराहा गया है। तापसी हमेशा से ही ऐसी भूमिकाएं चुनने के लिए जानी जाती हैं जो सामाजिक संदेश देने के साथ-साथ एक मजबूत महिला के दृष्टिकोण को सामने लाती हैं।



















