बॉलीवुड में साल 2015 में आई फिल्म हीरो से सूरज पंचोली और अथिया शेट्टी ने अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। बड़े पर्दे पर यह फिल्म दर्शकों को खींचने में भले ही सफल न हो सकी, लेकिन इसके संगीत ने लोगों के दिलों में एक खास जगह बनाई। विशेष रूप से फिल्म का भावुक रोमांटिक गीत ओ खुदा रिलीज के 11 साल बीत जाने के बाद भी संगीत प्रेमियों के बीच प्यार और भावनाओं की एक मिसाल बना हुआ है।
पर्दे पर नाकामी के बावजूद संगीत में सुपरहिट
फिल्म हीरो में सूरज पंचोली ने सूरज और अथिया शेट्टी ने राधा का किरदार निभाया था। कहानी और पटकथा भले ही बॉक्स ऑफिस पर गहरा असर न छोड़ पाई हो, पर दोनों कलाकारों की ऑन स्क्रीन केमिस्ट्री को इस गाने में बेहद सुरीले ढंग से प्रस्तुत किया गया था। गाने के दृश्यों में प्यार, दूरी और रिश्ते में आने वाले उतार-चढ़ाव की गहरी भावनाओं को बहुत खूबसूरती से दिखाया गया था। यही वजह है कि फिल्म का व्यावसायिक परिणाम जो भी रहा हो, यह गाना आज भी सदाबहार रोमांटिक गानों की सूची में गिना जाता है।
अमाल मलिक और पलक मुच्छल की सुरीली जुगलबंदी
गीत ओ खुदा की सफलता के पीछे इसके संगीतकार और गायकों का महत्वपूर्ण योगदान है। इस खूबसूरत नगमे का संगीत अमाल मलिक ने तैयार किया था, जबकि इसे अपनी आवाज अमाल मलिक और पलक मुच्छल ने मिलकर दी थी। अमाल और पलक की गायकी ने गाने में छुपी तड़प और मोहब्बत के अहसास को और ज्यादा प्रभावी बना दिया। इसके दिल को छू लेने वाले बोल गीतकार कुमार ने लिखे थे, जो सीधे सुनने वालों के दिल तक पहुंचते हैं।
11 साल बाद भी क्यों खास है यह रोमांटिक ट्रैक
किसी भी फिल्म के गाने का सालों तक लोकप्रिय बने रहना उसकी संगीत रचना और भावनात्मक जुड़ाव पर निर्भर करता है। ओ खुदा की धुन में एक खास किस्म का सुकून और कशिश है, जो आज भी युवाओं को आकर्षित करती है। यही कारण है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से लेकर संगीत प्रेमियों की प्लेलिस्ट तक, 2015 की इस फिल्म का यह गाना मोहब्बत और जुदाई को बयां करने के लिए आज भी पहली पसंद बना हुआ है।



















