असम के डिमा हसाओ जिले में वाहन चेकिंग के दौरान सब इंस्पेक्टर नवजीत दास की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। लाइसोंग पुलिस चौकी के प्रभारी नवजीत दास को स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर नाका चेकिंग के समय एक गाड़ी ने जोरदार टक्कर मार दी थी। इस दर्दनाक हादसे में अधिकारी की जान जाने के बाद पुलिस ने एक बड़े ड्रग नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
मुख्य आरोपी और नशीले पदार्थों के कारोबार से जुड़ाव
घटना के तुरंत बाद पुलिस टीमों ने विभिन्न ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की और पांचों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया। मामले में मुख्य आरोपी की पहचान सलीम उद्दीन के रूप में हुई है। सलीम उद्दीन पर नगांव जिले के जुरिया इलाके में नशीले पदार्थों के थोक व्यापार और एक संगठित ड्रग सिंडिकेट का संचालन करने का गंभीर आरोप है। पुलिस अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही है कि क्या पुलिस अफसर को जानबूझकर निशाना बनाया गया था।
गिरफ्तार किए गए परिजन और अन्य सहयोगी
सलीम उद्दीन के अलावा पुलिस हिरासत में लिए गए चार अन्य लोगों में उसके परिवार के सदस्य और करीबी सहयोगी शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों में सलीम का भाई मोहीदुल इस्लाम और उसका पिता अब्दुल कुद्दुस फराजी शामिल हैं। इनके अलावा जुरिया के बोरीगुड़ी निवासी मुफ़ज्जल इस्लाम और कदमोनी पठार निवासी रुकसाना खातून उर्फ पिंकी को भी गिरफ्तार किया गया है। इन सभी पांचों आरोपियों से पुलिस नेटवर्क के काम करने के तरीके और घटना की कड़ियों को जोड़ने के लिए पूछताछ कर रही है।
अस्पताल की समयसीमा और जानबूझकर हमले की आशंका
38 वर्षीय सब इंस्पेक्टर नवजीत दास मूल रूप से उदलगुड़ी जिले के रहने वाले थे और डिमा हसाओ के माहुर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत लाइसोंग पुलिस गश्ती चौकी पर तैनात थे। 14 अगस्त की रात जब वे नाका चेकिंग ड्यूटी पर तैनात थे, तभी एक तेज रफ्तार वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी और चालक गाड़ी लेकर मौके से फरार हो गया। नवजीत दास को गंभीर हालत में हाफलोंग सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। जांच अधिकारियों का मानना है कि नवजीत दास द्वारा की जा रही सख्त चेकिंग से ड्रग तस्करों का नेटवर्क प्रभावित हो रहा था, जिसके चलते उन पर हमला किए जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।





















