सिनेमाघरों में दस्तक देने के साथ ही मिर्जापुर द मूवी ने दर्शकों के बीच खलबली मचा दी है। यह बहुप्रतिक्षित फिल्म 4 सितंबर को रिलीज हुई है और इसके शुरुआती शोज को देखने के बाद फिल्म जगत से पहला बड़ा रिव्यू सामने आ चुका है। जाने-माने ट्रेड एनालिस्ट और फिल्म क्रिटिक तरण आदर्श ने इस क्राइम ड्रामा को 4 स्टार की बेहतरीन रेटिंग दी है। उन्होंने फिल्म को एक स्पष्ट विनर करार दिया है और इसे मास एंटरटेनमेंट का शानदार नमूना बताया है। उनके अनुसार, यह फिल्म ओटीटी के दायरे से बाहर निकलकर बड़े पर्दे पर पूरी तरह से छा जाने का माद्दा रखती है।
ओटीटी से कहीं आगे है बड़े पर्दे का अनुभव
दर्शकों के मन में अक्सर यह सवाल रहता है कि क्या किसी लोकप्रिय वेब सीरीज की फिल्म उसके स्तर को बनाए रख पाएगी या नहीं। इस बारे में फिल्म समीक्षक का कहना है कि यह प्रोजेक्ट किसी सामान्य या लंबे एपिसोड जैसा बिल्कुल महसूस नहीं होता है। इसे थिएटर्स के मिजाज को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है, जिसके चलते यह पहले से ज्यादा भव्य, लाउड और सिनेमैटिक नजर आती है। इसके बावजूद, इसने उस खास देशी अंदाज, रौब और रुतबे को पूरी तरह से बचाकर रखा है जिसने इस फ्रेंचाइजी को घर-घर में मशहूर किया था। सबसे खास बात यह है कि जिन लोगों ने इसकी सीरीज नहीं देखी है, वे भी इस मनोरंजक प्रस्तुति का पूरा लुत्फ उठा सकते हैं, जो इसके बॉक्स ऑफिस कारोबार के लिए एक मजबूत पहलू साबित होने वाला है।
निर्देशन और दमदार एक्शन का तालमेल
इस बड़े प्रोजेक्ट के निर्देशन की कमान गुरमीत सिंह ने संभाली है, जबकि इसकी कहानी और पटकथा को पुनीत कृष्णा ने मिलकर गढ़ा है। समीक्षक ने निर्देशन की सराहना करते हुए बताया है कि फिल्म में ड्रामा, एक्शन, ह्यूमर और जज्बातों का बहुत ही संतुलित मिश्रण देखने को मिलता है। इस क्राइम ड्रामा की असली पहचान हमेशा से इसका रफ-टफ अंदाज रहा है, जिसे सिल्वर स्क्रीन पर और भी धारदार बनाया गया है। पर्दे पर दिखाए गए एक्शन सींस की तीव्रता को बढ़ाया गया है, जो दर्शकों को तालियां और सीटियां बजाने पर मजबूर कर देते हैं। इसके अलावा, फिल्म का बैकग्राउंड स्कोर इसके प्रभाव को कई गुना बढ़ा देता है।
कलाकारों का बेहतरीन अभिनय और परफॉर्मेंस
अभिनय के मोर्चे पर यह फिल्म अपनी विशाल और मजबूत स्टारकास्ट के दम पर मैदान मार ले जाती है। ट्रेड एनालिस्ट ने पंकज त्रिपाठी के काम को असाधारण बताया है, जबकि रवि किशन की भूमिका को शानदार करार दिया गया है। इसके अलावा अली फजल का अभिनय जोरदार और दिव्येंदु का काम उम्दा श्रेणी का बताया गया है। फिल्म में नजर आने वाले अन्य कलाकारों की बात करें तो जितेंद्र कुमार का काम सुपरर्ब, अभिषेक बनर्जी का अभिनय टू गुड और मोहित मलिक की परफॉर्मेंस फर्स्ट-रेट रही है। साथ ही राजेश तैलंग और प्रमोद पाठक के अभिनय को भी सराहा गया है। सुशांत सिंह की भूमिका पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। रसिका दुगल के हिस्से एक बेहद दिलचस्प किरदार आया है, जिसके जरिए कहानी में एक बड़ा मोड़ आता है। इसके अलावा सोनल चौहान, शीबा चड्ढा और श्रिया पिलगांवकर ने भी अपने किरदारों के साथ पूरा न्याय किया है।
कमजोरियां और दूसरे हाफ की रफ्तार
तमाम खूबियों के बावजूद इस फिल्म की कमियों पर भी नजर डाली गई है। क्रिटिक के मुताबिक, फिल्म का दूसरा हिस्सा थोड़ा सुस्त हो जाता है और कुछ सीक्वेंस जरूरत से ज्यादा लंबे महसूस होते हैं। ऐसा लगता है कि एडिटिंग टेबल पर थोड़ी और कड़ाई बरती जा सकती थी ताकि फिल्म की लंबाई को और कसा जा सके। हालांकि, फिल्म का क्लाइमेक्स इतना दमदार है कि वह इन कमियों को काफी हद तक ढक लेता है और दर्शकों को बांधे रखता है।
शानदार एडवांस बुकिंग और बॉक्स ऑफिस की राह
यह बहुप्रतिक्षित फिल्म इस लोकप्रिय फ्रैंचाइजी का पहला नाट्य रूपांतरण है, जिसे लेकर पहले से ही भारी उत्साह देखा जा रहा था। रिलीज से पहले ही इसकी एडवांस बुकिंग के आंकड़े काफी चौंकाने वाले रहे थे, जहां पूरे देश में 1.6 लाख से ज्यादा टिकट एडवांस में बुक हो चुके थे। ऐसे में शुरुआती समीक्षा ने इसकी उम्मीदों को और पंख लगा दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर कितनी लंबी पारी खेल पाती है और ट्रेड एनालिस्ट की यह भविष्यवाणी कितनी सटीक बैठती है।


















