खाड़ी के समुद्री क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाजों पर मंडराता खतरा एक बार फिर गहरा गया है, जब ओमान के पूर्वी तट के समीप बुधवार को भारत की तरफ बढ़ रहे एक मालवाहक पोत पर घातक प्रहार हुआ। एमवी केप डाओ नामक इस वाणिज्यिक जहाज पर कुल 20 भारतीय कर्मी मौजूद थे। हमले की चपेट में आने से चालक दल के एक सदस्य की दुखद मृत्यु हो गई, जबकि सवार 19 अन्य भारतीय नाविकों को सुरक्षित निकाल लिया गया। मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने इस पूरे घटनाक्रम की तस्दीक करते हुए ओमानी प्रशासन के साथ त्वरित संपर्क स्थापित किया है ताकि बचाए गए सभी नाविकों की हिफाजत सुनिश्चित की जा सके।
विदेश मंत्रालय ने जताया कड़ा ऐतराज और कूटनीति की अपील की
नयी दिल्ली में विदेश मंत्रालय ने इस घटना की कड़ी भर्त्सना करते हुए गहरे क्षोभ का इजहार किया है। मंत्रालय ने रेखांकित किया कि समुद्री व्यापार मार्गों पर नागरिक नौवहन, निहत्थे नाविकों और असैन्य जहाजी बुनियादी ढांचे को बार-बार निशाना बनाए जाने की परिपाटी तत्काल प्रभाव से रुकनी चाहिए। विदेश मंत्रालय ने इस अशांत क्षेत्र में तनाव को काबू करने के लिए सभी पक्षों से बातचीत और कूटनीतिक रास्तों पर लौटने का आह्वान किया। साथ ही यह मांग भी दोहराई कि वैश्विक समुद्री मार्गों में जहाजों की निर्बाध आवाजाही तथा व्यापारिक सुरक्षा को शीघ्रातिशीघ्र पूरी तरह बहाल किया जाए।
मस्कट स्थित दूतावास का राहत अभियान और पार्थिव शरीर की व्यवस्था
मस्कट में मौजूद भारतीय राजनयिक मिशन लगातार स्थानीय समुद्री सुरक्षा अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित किए हुए है। दूतावास के अधिकारियों ने बताया कि उनकी पहली प्राथमिकता सुरक्षित बचाए गए सभी 19 नाविकों को जल्द से जल्द सकुशल स्वदेश वापस भेजना है। इसके साथ ही राजनयिक दल ने दिवंगत नाविक के शोक संतप्त परिजनों से भी संपर्क साधा है और उन्हें हरसंभव कूटनीतिक व प्रशासनिक सहायता का भरोसा दिया है। मिशन की टीमें बंदरगाह और स्थानीय अस्पतालों के स्तर पर सभी जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कराने में जुटी हुई हैं।
मृतक नाविक की पहचान और हमले की भीषण प्रकृति
फॉरवर्ड सीमेन यूनियन ऑफ इंडिया (एफएसयूआई) ने इस जानलेवा हमले का ब्योरा साझा करते हुए मृतक नाविक की पहचान वाइपर सूरज यादव के तौर पर की है, जो उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले थे। संगठन ने सोशल मीडिया मंच X पर लिखा कि सूरज यादव की जान एमवी केप डाओ पर प्रहार के दौरान गई। यूनियन ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक और भारतीय नाविक की शहादत बेहद दर्दनाक है।
यूनियन द्वारा दी गई तकनीकी जानकारी के अनुसार, इस जहाज को दो टॉरपीडो के जरिए निशाना बनाया गया था। इनमें से एक टॉरपीडो सी-डेक एकोमोडेशन क्षेत्र के बाईं तरफ यानी पोर्ट साइड में जाकर टकराया, जबकि दूसरा टॉरपीडो इंजन रूम के समीप पोर्ट साइड के हल से टकराया। इस भीषण धमाके के चलते जहाज के भीतरी हिस्से में भारी क्षति पहुंची, जिसके कारण सूरज यादव की मौके पर ही मौत हो गई।
होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर निरंतर मंडराता संकट
नागरिक नाविकों की संस्था एफएसयूआई ने चेतावनी भरे लहजे में आगाह किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य और उसके आसपास के समुद्री गलियारों में आम नाविकों की जिंदगी पर अभूतपूर्व संकट खड़ा हो गया है। संगठन ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि आज की तारीख में सुरक्षा के आश्वासनों का कोई औचित्य नहीं रह गया है क्योंकि इस पूरे समुद्री क्षेत्र में बेकसूर आम नाविकों का कत्लेआम किया जा रहा है।
यह घटना कोई अकेली त्रासदी नहीं है, बल्कि इससे ठीक पहले 13 सितंबर को भी ओमान तट के समीप भारतीय पोत एमटी एल गैया पर इसी तरह का हमला अंजाम दिया गया था। उस जहाज पर कुल 14 भारतीय चालक दल के सदस्य मौजूद थे। उनमें से 13 कर्मियों को सुरक्षाबलों ने रेस्क्यू कर लिया था, जबकि एक नाविक लापता हो गया था जिसकी तलाश के लिए तलाशी अभियान चलाया गया। भारत सरकार ने उस हमले को लेकर भी सख्त राजनयिक विरोध दर्ज कराया था। लगातार हो रही इन वारदातों ने पूरे पश्चिमी हिंद महासागर और खाड़ी के जलक्षेत्र में मर्चेंट नेवी के सुरक्षित संचालन पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं।
























