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अंबाला में सजे रक्षाबंधन के बाजार, पंजाब तक के व्यापारी पहुंच रहे खरीदारी करनेव्यापार
25 अग॰ 2026, 9:59 pm (1 घंटे पहले)· 2

अंबाला में सजे रक्षाबंधन के बाजार, पंजाब तक के व्यापारी पहुंच रहे खरीदारी करने

अंबाला छावनी के बाजारों में रक्षाबंधन के लिए रंग-बिरंगी और फैंसी राखियां सज चुकी हैं, जिन्हें खरीदने के लिए पंजाब और हरियाणा के विभिन्न जिलों से व्यापारी आ रहे हैं। इस साल कच्चे माल की लागत बढ़ने से राखियों के दाम में 20 से 25 प्रतिशत की तेजी आई है।

रक्षाबंधन का पर्व नजदीक आते ही अंबाला छावनी के बाजार जीवंत हो उठे हैं और चारों तरफ रंग-बिरंगी राखियों की रौनक दिखाई देने लगी है। इस बार अंबाला के बाजारों में केवल स्थानीय ग्राहकों के लिए ही नहीं, बल्कि पंजाब और हरियाणा के अलग-अलग जिलों से थोक में खरीदारी करने आने वाले व्यापारियों के लिए भी खास वैरायटी उपलब्ध कराई गई है। अंबाला छावनी के प्रमुख व्यापारिक केंद्र जैसे सदर बाजार, हलवाई बाजार और राम बाजार पूरी तरह से सज चुके हैं और यहां की रौनक देखते ही बनती है। यहां तैयार होने वाली राखियां अब आसपास के कई शहरों तक अपनी पहुंच बना चुकी हैं, जहां व्यापारी होलसेल रेट पर इन्हें अपनी दुकानों पर बेचने के लिए खरीदकर ले जा रहे हैं।

इस बार अंबाला छावनी की राखियों की सबसे बड़ी खासियत उनके नए और आधुनिक डिजाइन हैं। स्थानीय राखी निर्माताओं ने ग्राहकों की पसंद और बच्चों से लेकर महिलाओं तक की खास मांग को ध्यान में रखते हुए कई तरह की मनमोहक राखियां तैयार करवाई हैं। यही वजह है कि दुकानों पर पारंपरिक और सादगी भरी राखियों के साथ-साथ ऐसी आकर्षक फैंसी राखियां भी बड़े पैमाने पर बिक रही हैं, जो देश के अन्य बड़े शहरों के बाजारों को कड़ी टक्कर दे रही हैं। व्यापारियों का मानना है कि अंबाला में उन्हें कम दाम और बेहतरीन वैरायटी एक साथ मिल जाती है, जिसके चलते वे यहां का रुख कर रहे हैं। पंजाब के लुधियाना और हरियाणा के यमुनानगर समेत कई अन्य जिलों से व्यापारी थोक खरीदारी के लिए अंबाला छावनी पहुंच रहे हैं।

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लुधियाना से अंबाला खरीदारी करने पहुंचे राकेश कुमार ने बताया कि उन्होंने यहां की राखियों की विशिष्ट पहचान और लोकप्रियता के बारे में काफी सुन रखा था। जब वे बाजार पहुंचे तो उन्हें फैंसी राखियों में जबरदस्त वैरायटी और एकदम नए डिजाइन देखने को मिले। बच्चों के बाजार में मोटू-पतलू, सुपरमैन और स्पाइडर-मैन जैसे लोकप्रिय कार्टून कैरेक्टर वाली राखियां मुख्य आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। इसके अलावा साइकिल डिजाइन वाली राखियां और रंग-बिरंगी लाइटिंग वाली राखियां छोटे बच्चों को अपनी ओर बेहद आकर्षित कर रही हैं। इन लाइटिंग वाली राखियों की खासियत यह है कि इनमें लगी छोटी लाइटें अंधेरे में अलग-अलग रंगों से चमकती हैं, जो बच्चों को खूब भा रही हैं। वहीं भाई और भाभी के पवित्र रिश्ते को खास अंदाज में मनाने के लिए कपल राखी के भी कई नए और सुंदर डिजाइन बाजार में उपलब्ध हैं।

यमुनानगर से आए मोहित कुमार ने अपनी दुकान के लिए होलसेल रेट पर खरीदारी करने की बात साझा की। उन्होंने बताया कि इस बार महिलाओं और युवाओं के बीच स्टोन और अमेरिकन डायमंड से सजी डिजाइनर राखियों की भारी मांग बनी हुई है। धार्मिक और पारंपरिक आस्था रखने वाले ग्राहकों के लिए ओम और स्वास्तिक के प्रतीक वाली राखियां विशेष रूप से बाजार में उतारी गई हैं, जबकि गोल्ड चेन और डायमंड लुक वाली राखियां प्रीमियम फैंसी रेंज का हिस्सा बनी हुई हैं। जो लोग सादगी पसंद करते हैं, उनके लिए पारंपरिक मौली और रेशमी धागे से बनी राखियां मात्र 20 रुपये की शुरुआती कीमत पर मिल रही हैं। वहीं दूसरी ओर, शानदार प्रीमियम डिजाइन और आकर्षक गिफ्ट पैक वाली राखियां 1000 रुपये तक की कीमत में उपलब्ध हैं।

इस बार राखियों की पैकिंग ने भी ग्राहकों और व्यापारियों का विशेष ध्यान अपनी ओर खींचा है। बाजार में मोर के डिजाइन वाले सुंदर डिब्बे, संदूक जैसी अनूठी पैकिंग और विभिन्न प्रकार के फैमिली पैक देखने को मिल रहे हैं। कुछ खास पैक्स में पूरे परिवार के सदस्यों के लिए एक साथ अलग-अलग राखियां सुसज्जित की गई हैं। इसके अलावा माथे पर तिलक लगाने के लिए चावल और सिंदूर की छोटी पैकिंग वाली पूजा किट भी आसानी से मिल रही है, जिससे रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पूजन की सभी जरूरी सामग्री एक ही स्थान पर और एक साथ मिल जाती है।

दुकानदारों के अनुसार पिछले साल की तुलना में इस बार राखियों की कीमतों में लगभग 20 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस महंगाई का मुख्य कारण कच्चे माल, प्लास्टिक और प्रीमियम पैकेजिंग मटीरियल की लागत में आया उछाल बताया जा रहा है। उदाहरण के लिए, जो फैंसी डिब्बे वाली राखी पिछले साल 100 रुपये में आसानी से बिक जाती थी, वही इस बार बढ़कर 120 से 130 रुपये तक में बिक रही है। इसके साथ ही, हरियाणा सरकार की ओर से रक्षाबंधन के पावन अवसर पर महिलाओं को एक बड़ा तोहफा दिया गया है, जिसके तहत बहनें एसी बसों में भी मुफ्त सफर का लाभ उठा सकेंगी और यह विशेष सुविधा दोपहर 12 बजे से शुरू होगी।

सवाल-जवाब

अंबाला में राखियों की खरीदारी के लिए मुख्य बाजार कौन से हैं?
अंबाला छावनी के सदर बाजार, हलवाई बाजार और राम बाजार में राखियों की मुख्य दुकानें सजी हैं।
किन-किन पड़ोसी जिलों से व्यापारी अंबाला राखियां खरीदने आ रहे हैं?
पंजाब के लुधियाना और हरियाणा के यमुनानगर समेत कई अन्य जिलों से व्यापारी अंबाला पहुंच रहे हैं।
इस साल राखियों की कीमतों में कितने प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है?
कच्चे माल और पैकेजिंग की लागत बढ़ने के कारण इस साल राखियों के दामों में करीब 20 से 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है।
बच्चों के लिए बाजार में किस तरह की राखियां सबसे ज्यादा लोकप्रिय हैं?
बच्चों के लिए मोटू-पतलू, सुपरमैन, स्पाइडर-मैन, साइकिल डिजाइन और रंग-बिरंगी लाइटिंग वाली राखियां आकर्षण का केंद्र हैं।
हरियाणा सरकार ने रक्षाबंधन पर महिलाओं के लिए क्या विशेष घोषणा की है?
सरकार ने महिलाओं के लिए एसी बसों में भी मुफ्त सफर की सुविधा दी है, जो दोपहर 12 बजे से शुरू होगी।
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