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जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की सख्त चेतावनी, ड्रोन हमले के दोषियों को चुकानी होगी भारी कीमतदुनिया
25 अग॰ 2026, 10:48 pm (2 घंटे पहले)· 2

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज की सख्त चेतावनी, ड्रोन हमले के दोषियों को चुकानी होगी भारी कीमत

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने लीजप एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन हादसे के बाद सुरक्षा को लेकर कड़ा संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे शत्रुतापूर्ण कृत्यों में शामिल लोगों को बख्शा नहीं जाएगा और देश अपनी सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।

जर्मनी के शीर्ष नेतृत्व ने हाल ही में देश के भीतर महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचों को निशाना बनाकर की जा रही ड्रोन गतिविधियों को लेकर बेहद कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि इस तरह के खतरनाक कृत्यों और हमलों के पीछे जो लोग भी हैं, उन्हें इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे और एक बड़ी कीमत चुकानी होगी। हाल ही में पूर्वी जर्मनी स्थित लीजप एयरपोर्ट पर सुरक्षा एजेंसियों को जो संदिग्ध स्थिति का सामना करना पड़ा था, उसने प्रशासन को हिलाकर रख दिया है।

यह पूरा वाकया 4 अगस्त का है जब लीजप-हाले एयरपोर्ट के परिसर में एक ड्रोन बरामद हुआ था, जिसके साथ विस्फोटक सामग्री भी लगी हुई थी। गनीमत यह रही कि इस ड्रोन में लगा डेटोनेटर ठीक से काम नहीं कर सका, जिसकी वजह से समय रहते एक बड़ा धमाका टल गया। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने रोबोट की मदद से इस विस्फोटक को सफलतापूर्वक निष्क्रिय किया। प्रारंभिक जांच-पड़ताल के दौरान सुरक्षा बलों को इस बात के भी संकेत मिले हैं कि इस घटना के आसपास ही शायद एक अन्य ड्रोन किसी कार्गो विमान से टकरा गया था। हालांकि इस पूरे मामले को लेकर अभी तक सरकार की तरफ से सीधे तौर पर किसी देश का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन सुरक्षा मामलों के जानकार यह अंदेशा जता रहे हैं कि इसके तार रूस से जुड़े हो सकते हैं। दूसरी ओर, मास्को ने इन तमाम आरोपों से साफ इनकार किया है।

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लीजिएप-हाले एयरपोर्ट की सामरिक और आर्थिक महत्ता

जिस लीजप-हाले एयरपोर्ट को इस घटना के लिए चुना गया, वह देश की साजो-सामान की आपूर्ति और सामरिक गतिविधियों के लिहाज से बेहद संवेदनशील क्षेत्र है। इस हवाई अड्डे का इस्तेमाल केवल व्यावसायिक उड़ानों तक सीमित नहीं है, बल्कि जर्मनी की सेना और नाटो के सहयोगी देश भी सैन्य सामग्री के परिवहन के लिए इसी स्थान पर निर्भर रहते हैं। इसके अलावा, यह यूक्रेन की प्रसिद्ध एंटोनोव एयरलाइंस का मुख्य परिचालन आधार भी है, जो यूक्रेन के अधिकांश हवाई कार्गो का संचालन संभालती है। इसके साथ ही वैश्विक लॉजिस्टिक्स दिग्गज कंपनी डीएचएल का भी यह एक बहुत बड़ा केंद्र माना जाता है।

सरकारी गठबंधन की एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए फ्रेडरिक मर्ज ने इस बात को रेखांकित किया कि देश के समक्ष ऐसी गंभीर समस्याएं आ रही हैं जिनका उद्गम स्थल देश की सीमा के बाहर है और इनसे आंखें मूंदना नामुमकिन है। उन्होंने कहा कि हमलावर अब किसी भी हद तक जाने को आमादा हैं, जिन्हें न तो संपत्ति के भारी-भरकम नुकसान की परवाह है और न ही वे इंसानी जिंदगियों पर मंडरा रहे जानलेवा खतरों की कोई सुध ले रहे हैं।

जांच का दायरा और हेक्साजेन विस्फोटक के निशान

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस घटना की तह तक जाने के लिए की जा रही छानबीन में अब एक तीसरे ड्रोन की मौजूदगी का भी पता चला है जिसे एयरपोर्ट के नजदीक ही खोज निकाला गया है। देश के प्रमुख सार्वजनिक प्रसारकों एनडीआर, डब्ल्यूडीआर और प्रसिद्ध समाचार पत्र सुएडडॉयचे साइटुंग की साझा रिपोर्टों में यह खुलासा किया गया है कि घटनास्थल के आसपास सैन्य उपयोग में आने वाले खतरनाक विस्फोटक हेक्साजेन के अंश भी बरामद किए गए हैं। नोहरडनबर्ग में चल रहे सरकारी गठबंधन के मंथन शिविर के दौरान बोलते हुए चांसलर ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इस पूरे प्रकरण को लेकर देश की तमाम प्रमुख सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर बहुत गहराई से काम कर रहा है और जल्द ही इससे जुड़ी विस्तृत जानकारियों को सार्वजनिक किया जाएगा।

यूक्रेन को समर्थन और रूस के खिलाफ सख्त रुख

इस संकट के बीच जर्मन नेतृत्व ने यूक्रेन की तरफ से चल रही लड़ाई में अपने सहयोग को जारी रखने का संकल्प दोहराया है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी दृढ़ता के साथ यूक्रेन के पाले में खड़ी रहेगी। आज की तारीख में जर्मनी यूक्रेन का सबसे बड़ा मददगार देश है, और इस मदद का मकसद युद्ध को खींचना कतई नहीं है बल्कि इसके विपरीत दोनों पक्षों को शांति वार्ताओं की मेज पर आने के लिए मजबूर करना है। इस तरह के बाहरी खतरों से निपटने के लिए बर्लिन अब कई नए और कड़े सुरक्षा उपाय शुरू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

इन सुरक्षा उपायों में हवाई क्षेत्र की निगरानी और ड्रोन हमलों को नाकाम करने वाली रक्षा प्रणालियों को और अधिक पुख्ता करना शामिल है। इसके साथ ही सरकार सुरक्षा एजेंसियों को इस बात के लिए भी कानूनी रूप से सशक्त बनाने की योजना पर विचार कर रही है ताकि वे देश के भीतर और जरूरत पड़ने पर विदेशों में भी ऐसे हमलावरों के खिलाफ जवाबी कार्रवाई कर सकें, जिसमें उनके कंप्यूटर सर्वर को हैक करने जैसे कदम भी शामिल हो सकते हैं। पिछले कुछ महीनों के दौरान देश के कई अति-संवेदनशील ठिकानों जैसे कि सैन्य अड्डों, हवाई अड्डों, ऊर्जा टर्मिनलों, समुद्री बंदरगाहों और प्रमुख लॉजिस्टिक्स पार्कों के ऊपर अनाधिकृत ड्रोन उड़ानों का एक लंबा सिलसिला देखा गया है। पुलिस पहले ही चेतावनी जारी कर चुकी है कि इन संदिग्ध उड़ानों के संचालन के पीछे रूसी एजेंटों का हाथ हो सकता है।

सवाल-जवाब

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने क्या चेतावनी दी है?
चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने चेतावनी दी है कि जर्मनी पर ड्रोन हमलों और शत्रुतापूर्ण कृत्यों के पीछे जो लोग भी हैं, उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
लीजप एयरपोर्ट पर कौन सी घटना घटी थी?
4 अगस्त को लीजप-हाले एयरपोर्ट पर विस्फोटक लदा एक ड्रोन मिला था, जिसका डेटोनेटर खराब होने के कारण विस्फोट नहीं हो सका और पुलिस ने उसे निष्क्रिय कर दिया।
लीजप-हाले एयरपोर्ट का सामरिक रूप से क्या महत्व है?
यह एयरपोर्ट जर्मन सेना और नाटो सहयोगियों द्वारा सैन्य सामग्री के परिवहन के लिए इस्तेमाल किया जाता है, और यह यूक्रेन की एंटोनोव एयरलाइंस का भी आधार है।
जांचकर्ताओं को एयरपोर्ट के पास क्या मिला है?
जांचकर्ताओं को एक तीसरा ड्रोन और सैन्य विस्फोटक हेक्साजेन के निशान मिले हैं।
जर्मनी ने अपनी सुरक्षा के लिए क्या योजना बनाई है?
जर्मनी मजबूत ड्रोन रक्षा प्रणाली विकसित करने और सुरक्षा सेवाओं को हमलावरों के सर्वर हैक करने जैसे कदम उठाने के लिए सशक्त बनाने की योजना बना रहा है।
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टिप्पणियाँ 4

Arjun Mehta@arjun-mehta·10 मिनट पहले

लीजप एयरपोर्ट पर हेक्साजेन जैसे सैन्य-ग्रेड विस्फोटक वाले ड्रोन की बरामदगी और नाटो रसद केंद्र के रूप में इसकी संवेदनशीलता यह दर्शाती है कि हाइब्रिड युद्ध अब यूरोपीय धरती पर सीधे बुनियादी ढांचे को निशाना बना रहा है। फ्रेडरिक मर्ज की यह सख्त चेतावनी इस बात का स्पष्ट संकेत है कि बर्लिन आने वाले दिनों में अपनी सुरक्षा नीतियों को कड़ा करेगा और खुफिया तंत्र को और अधिक आक्रामक रुख अपनाना होगा, जिसके भू-राजनीतिक परिणाम दूरगामी होंगे।

Carlos Mendoza@carlos-mendoza·10 मिनट पहले

यह घटना अटलांटिक महापार के साझेदारों और अमेरिकी रणनीतिक योजनाकारों के लिए भी एक गंभीर सबक है। चूंकि यह हवाई अड्डा नाटो के सैन्य परिवहन और यूक्रेन की रसद आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, इसलिए बुनियादी ढांचे पर हुआ यह हाइब्रिड हमला केवल जर्मनी तक सीमित नहीं है। वाशिंगटन और नाटो सहयोगियों को अब यूरोपीय सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए खुफिया और रक्षात्मक रणनीतियों को नए सिरे से परिभाषित करना होगा।

Rohan Verma@rohan-verma·1 घंटे पहले

लीजप एयरपोर्ट पर हेक्साजेन जैसे सैन्य-ग्रेड विस्फोटक वाले ड्रोन की बरामदगी और नाटो आपूर्ति तथा एंटोनोव एयरलाइंस के परिचालन आधार पर इसका असर यह साबित करता है कि यूरोपीय बुनियादी ढांचे अब हाइब्रिड युद्ध के सीधे निशाने पर हैं। यद्यपि जर्मनी ने आधिकारिक तौर पर रूस का नाम नहीं लिया है, लेकिन इस स्तर के सुरक्षा उल्लंघन से यूरोपीय संघ की आंतरिक सुरक्षा और सीमा-पार खुफिया सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, जिससे भविष्य में कड़े नीतिगत बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Ayesha Siddiqui@ayesha-siddiqui·1 घंटे पहले

लीजप एयरपोर्ट की घटना दर्शाती है कि यूरोपीय सुरक्षा ढांचे में महत्वपूर्ण कमजोरियां मौजूद हैं। सैन्य-ग्रेड हेक्साजेन विस्फोटक और नाटो की लॉजिस्टिक्स रीढ़ को निशाना बनाना यह साफ करता है कि हाइब्रिड और ड्रोन युद्ध अब यूरोपीय महाद्वीप के भीतर पहुंच चुका है। भविष्य में जर्मनी और उसके सहयोगी देश कड़े रक्षात्मक कदम उठा सकते हैं, जिससे खुफिया तंत्र और सीमा सुरक्षा नीतियों में बड़े बदलाव देखने को मिलेंगे।

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