देशभर में हाल के दिनों में चीनी की खुदरा कीमतों में तेजी देखने को मिली है, जिससे आम जनता के बीच किसी संभावित कमी या संकट को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। इस बढ़ती महंगाई के बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भी स्थिति से निपटने के लिए नेफेड के माध्यम से रियायती दरों पर चीनी उपलब्ध कराने और विभिन्न बाजारों में वितरण की पुख्ता तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। ऐसे माहौल में उत्तर प्रदेश के मोर्चे से चीनी के स्टॉक को लेकर एक बहुत ही राहत भरी और अहम जानकारी सामने आई है, जिसने बाजार की अटकलों पर विराम लगाने का काम किया है।
उत्तर प्रदेश में मौजूद है सात महीने का पर्याप्त चीनी भंडार
मंगलवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित एक आधिकारिक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य में चीनी की उपलब्धता पर खुलकर बात की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देश में भले ही चीनी के संकट को लेकर चर्चाएं चल रही हों, लेकिन उत्तर प्रदेश के भीतर इसकी कोई कमी नहीं है। उन्होंने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि यूपी में हर महीने कुल 4 लाख टन चीनी की खपत होती है, जबकि राज्य के गोदामों और मिलों में इस समय 28 लाख टन का बड़ा स्टॉक सुरक्षित रखा हुआ है। इस हिसाब से देखा जाए तो वर्तमान स्टॉक से राज्य की करीब सात महीने की जरूरतें आसानी से पूरी की जा सकती हैं।
15 अक्टूबर से फिर शुरू होंगी चीनी मिलें और बढ़ेगा उत्पादन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार आगामी 15 अक्टूबर से उत्तर प्रदेश की सभी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने जा रही है। इन मिलों के संचालन के जरिए राज्य में लगभग 90 लाख टन यानी करीब 900 लाख क्विंटल अतिरिक्त चीनी का उत्पादन किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि उत्तर प्रदेश की क्षमता और सामर्थ्य इतने बड़े स्तर पर है कि यह केवल अपनी 25 करोड़ की आबादी की मांग ही नहीं पूरी कर सकता, बल्कि जरूरत पड़ने पर पूरे देश की 140 करोड़ आबादी का पेट भरने की भी पूरी ताकत रखता है। इस पूरी प्रक्रिया से जुड़े अपडेट्स और घटनाक्रम को एक्स पर साझा भी किया गया है।
इस्मा ने भी दी देश में चीनी की भरपूर उपलब्धता की जानकारी
दूसरी तरफ, चीनी के दामों में अचानक आए उछाल के बीच प्रमुख उद्योग संगठन इस्मा ने सोमवार को एक अहम बयान जारी किया था। इस्मा का कहना था कि देश के भीतर चीनी का कोई टोटा या कमी नहीं है। संगठन के मुताबिक, सरकार द्वारा शुल्क-मुक्त आयात को मंजूरी देने और कारोबारियों तथा थोक खरीदारों पर स्टॉक सीमा लागू करने जैसे कदमों से आने वाले दिनों में खुदरा कीमतों में गिरावट आने की प्रबल संभावना है। इस बीच, समाचार एजेंसी पीटीआई के आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को खुदरा बाजारों में चीनी के दाम लगभग एक रुपये बढ़कर करीब 64 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर पहुंच गए हैं, जिससे उपभोक्ता लगातार राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं।



















