मुख्यमंत्री लालदुहोमा की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में मिजोरम सरकार ने एक स्वायत्त विकास वित्त निगम स्थापित करने का निर्णय लिया है। बुधवार को सामने आई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस नए संस्थान का मुख्य उद्देश्य राज्य की फ्लैगशिप 'बाना काइह' हैंडहोल्डिंग योजना के लाभार्थियों और स्थानीय उद्यमियों के लिए संस्थागत ऋण की पहुंच को आसान बनाना है।
मिजोरम डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन की स्थापना
प्रस्तावित मिजोरम डेवलपमेंट फाइनेंस कॉर्पोरेशन का गठन सरकार के चुनावी घोषणापत्र में एक विकास बैंक स्थापित करने के वादे को पूरा करता है। हैंडहोल्डिंग कार्यक्रम के लाभार्थियों और नए व्यवसाय शुरू करने वाले उद्यमियों को वित्तीय सहायता देने के इरादे से बनाई जा रही यह संस्था पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से काम करेगी और यह सीधे तौर पर सरकारी नियंत्रण के अधीन नहीं होगी।
वित्तीय निकाय के गठन से जुड़े प्रारंभिक कार्यों की देखरेख के लिए कैबिनेट ने एक अंतरिम समिति के गठन को भी हरी झंडी दी है। इस समिति की मुख्य जिम्मेदारियां निम्नलिखित होंगी
- निगम की स्थापना के लिए आवश्यक सभी व्यवस्थाओं और प्रक्रियाओं की गहन जांच करना।
- संस्थान को औपचारिक रूप से स्थापित करने के लिए उठाए जाने वाले जरूरी कदमों पर अपनी सिफारिशें प्रस्तुत करना।
स्कूलों के प्रांतीयकरण नियमों की समीक्षा
बैठक में वित्तीय सुधारों के अलावा, राज्य में सरकारी नियंत्रण में आने वाले स्कूलों (प्रांतीयकरण प्रक्रिया) से जुड़े मौजूदा नियमों की समीक्षा करने और उन्हें सरल बनाने पर भी सहमति बनी। प्रांतीयकरण का तात्पर्य निजी या सामुदायिक स्कूलों का पूर्ण सरकारी अधिग्रहण करना है।
मंत्रिमंडल के समक्ष इस प्रस्ताव को अंतिम निर्णय के लिए रखने से पहले, सरकार प्रस्तावित बदलावों के वित्तीय प्रभावों का विस्तृत आकलन करेगी ताकि बजट पर पड़ने वाले बोझ को समझा जा सके।
ग्रामीण रोजगार मिशन VB: GRAM-G के नियम मंजूर
मंत्रिपरिषद की इस बैठक में मिजोरम विकसित भारत: गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) यानी VB: GRAM-G के तहत कई महत्वपूर्ण नियमों को भी मंजूरी दी गई। इन अनुमोदित नियमों में ग्रामीण रोजगार से जुड़े निम्नलिखित प्रमुख प्रावधान शामिल हैं
- शिकायत निवारण प्रणाली और उससे संबंधित कानूनी प्रक्रियाएं।
- मिशन फंड का सुचारू प्रबंधन और उपयोग।
- स्टेट ग्रामीण रोजगार गारंटी काउंसिल का गठन और उसके अधिकार।
- मजदूरी भुगतान में देरी होने पर श्रमिकों को मुआवजा देने के नियम।
- पात्र व्यक्तियों को बेरोजगारी भत्ता दिए जाने के स्पष्ट प्रावधान।



















