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ऑस्ट्रेलिया में रोजगार के सुस्त आंकड़ों से RBA की नीति पर लगा ब्रेक, बिटकॉइन और वैश्विक करेंसी बाजारों में तेजीबाज़ार
20 अग॰ 2026, 4:55 pm (1 दिन पहले)· 1

ऑस्ट्रेलिया में रोजगार के सुस्त आंकड़ों से RBA की नीति पर लगा ब्रेक, बिटकॉइन और वैश्विक करेंसी बाजारों में तेजी

जुलाई में ऑस्ट्रेलिया की जॉब्स रिपोर्ट उम्मीद से कमजोर रहने के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर स्थिर बना हुआ है। वहीं अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बॉन्ड बायबैक की सीमा दोगुनी करने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों और बिटकॉइन में जबरदस्त हलचल देखी जा रही है।

गुरुवार को ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) में पिछले दिन की बढ़त बरकरार रही, जिसे अमेरिकी डॉलर (USD) में व्यापक सुस्ती से समर्थन मिला। हालांकि, ऑस्ट्रेलिया के जुलाई महीने के रोजगार आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहे हैं। जारी किए गए आंकड़ों के मुताबिक, देश के जॉब मार्केट में अनपेक्षित गिरावट दर्ज की गई है। इसके चलते वित्तीय बाजारों में यह धारणा मजबूत हो गई है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) आने वाले समय में अपनी ब्याज दरों को स्थिर रखेगा। दूसरी ओर, अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा अपने बॉन्ड बायबैक कार्यक्रम को दोगुना करने के फैसले के बाद अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार, कीमती धातुओं और क्रिप्टो एसेट्स में हलचल तेज हो गई है।

जुलाई में ऑस्ट्रेलियाई लेबर मार्केट में अचानक दिखी गिरावट

ऑस्ट्रेलिया के जुलाई श्रम बल (लेबर फोर्स) आंकड़ों ने अर्थव्यवस्था की कमजोर होती स्थिति को उजागर किया है। जुलाई में देश में कुल 15,800 नौकरियों का नुकसान हुआ, जबकि बाजार विश्लेषकों ने 12,000 नई नौकरियों के जुड़ने का अनुमान जताया था। यह गिरावट जून महीने के शानदार प्रदर्शन के बिल्कुल विपरीत है, जब अर्थव्यवस्था में संशोधित आंकड़ों के अनुसार 80,200 नई नौकरियां जुड़ी थीं।

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आंकड़ों का बारीकी से विश्लेषण करने पर पता चलता है कि जुलाई में आई इस गिरावट की मुख्य वजह पार्ट-टाइम नौकरियों में कमी रही। जुलाई के दौरान पार्ट-टाइम रोजगार में 32,200 की कमी आई, जबकि जून में 31,400 पार्ट-टाइम नौकरियां जुड़ी थीं। हालांकि, फुल-टाइम रोजगार के मोर्चे पर राहत भरी खबर रही, जहां जुलाई में 16,300 नए पद जुड़े। इसके अलावा, जून महीने के फुल-टाइम रोजगार आंकड़ों को भी 20,000 से संशोधित कर 48,900 कर दिया गया है।

लेबर फोर्स पार्टिसिपेशन रेट में कमी आने के बावजूद देश की कुल बेरोजगारी दर 0.1 प्रतिशत बढ़कर 4.5 प्रतिशत पर पहुंच गई, जो 4.4 प्रतिशत के अनुमान से थोड़ी अधिक है। इसके साथ ही, काम के कुल मासिक घंटों में भी महीने-दर-महीने (m/m) आधार पर 0.6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि काम के घंटों में कमी और बढ़ती बेरोजगारी दर यह दर्शाती है कि बाजार में श्रम की आपूर्ति बढ़ने के बजाय नियोक्ताओं की ओर से श्रम की मांग में सुस्ती आई है।

आरबीआई (RBA) का नीतिगत रुख और ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मजबूत पहलू

रोजगार बाजार में जारी सुस्ती इस विचार को पुख्ता करती है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) अपनी आगामी मौद्रिक नीतियों में ब्याज दरों में बदलाव से बच सकता है। केंद्रीय बैंक के अधिकारियों द्वारा आर्थिक वृद्धि और मुद्रास्फीति के दबावों का आकलन करने के लिए दरों को लंबे समय तक मौजूदा स्तर पर बनाए रखने की संभावना है।

घरेलू स्तर पर रोजगार में कमजोरी के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय बाजारों में ऑस्ट्रेलियन डॉलर को कई सकारात्मक कारकों से सहारा मिल रहा है। विश्लेषकों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया का आकर्षक कैरी ट्रेड और ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) व रक्षा क्षेत्रों से जुड़े प्रमुख कमोडिटीज का रणनीतिक निर्यात ऑस्ट्रेलियन डॉलर के लिए मजबूत सहारा बना हुआ है, जिससे करेंसी को अतिरिक्त समर्थन मिल रहा है।

अमेरिकी ट्रेजरी ने लिक्विडिटी बढ़ाने के लिए बॉन्ड बायबैक को किया दोगुना

एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने बुधवार को जीएमटी (GMT) समय अनुसार दोपहर 12:32 बजे अपने नियमित शेड्यूल से हटकर लिक्विडिटी सहायता बॉन्ड बायबैक संचालन के आकार को दोगुना करने की घोषणा की। सरकारी प्राधिकरणों ने स्पष्ट किया है कि लंबी अवधि के सॉवरेन बॉन्ड्स के लिए बायबैक सीमा को बढ़ाया जा रहा है।

इस फैसले के तहत 10-वर्ष से 20-वर्षीय और 20-वर्ष से 30-वर्षीय परिपक्वता वाले बॉन्ड सेक्टरों में प्रति ऑपरेशन अधिकतम बायबैक सीमा को 2 अरब डॉलर (USD) से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह नया बायबैक ढांचा 9 सितंबर से प्रभावी होगा और 4 नवंबर तक जारी रहेगा। इस कदम का उद्देश्य द्वितीयक बॉन्ड बाजार में तरलता बढ़ाना और वित्तीय स्थिति को सुगम बनाना है।

वैश्विक मुद्रा और क्रिप्टोकरेंसी बाजारों में दिखी बड़ी हलचल

अमेरिकी बॉन्ड बायबैक के इस फैसले से वैश्विक वित्तीय बाजारों में लिक्विडिटी की स्थिति में सुधार हुआ है, जिससे शॉर्ट स्क्वीज की स्थिति बनी है। क्रिप्टो बाजार ने इस खबर का सकारात्मक स्वागत किया, जिसके चलते गुरुवार को बिटकॉइन (BTC) की कीमतें 72,000 डॉलर के स्तर के करीब पहुंच गईं।

विदेशी मुद्रा बाजार (Forex Market) में प्रमुख मुद्राओं ने अमेरिकी डॉलर में आई गिरावट का लाभ उठाया

  • EUR/USD: गुरुवार को यूरोपीय ट्रेडिंग सत्र के दौरान यूरो तीन महीने के उच्चतम स्तर 1.1700 के पार पहुंच गया। निवेशक अमेरिका के आगामी बेरोजगारी दावों (Jobless Claims) के आंकड़ों और ईरान से जुड़े भू-राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।
  • GBP/USD: ब्रिटिश पाउंड गुरुवार को 1.3650 के करीब कारोबार करता नजर आया, जो मई महीने में दर्ज किए गए अपने उच्च स्तर के करीब है।
  • गोल्ड (XAU/USD): सोना अंतरराष्ट्रीय बाजार में मामूली गिरावट के साथ 4,500 डॉलर प्रति औंस के स्तर से थोड़ा नीचे बना रहा। मध्य पूर्व में तनाव के बावजूद डॉलर के तीन महीने के निचले स्तर पर खिसकने से सर्राफा बाजार में हलचल बनी हुई है।

सवाल-जवाब

जुलाई में ऑस्ट्रेलिया में कितनी नौकरियां कम हुईं?
जुलाई में ऑस्ट्रेलिया में कुल 15,800 नौकरियां कम हुईं, जबकि बाजार में 12,000 नई नौकरियां जुड़ने का अनुमान था।
रोजगार के इन आंकड़ों का आरबीआई (RBA) की दरों पर क्या असर पड़ेगा?
रोजगार बाजार में सुस्ती के कारण रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा अपनी ब्याज दरों को फिलहाल स्थिर बनाए रखने की उम्मीद है।
अमेरिकी ट्रेजरी ने बॉन्ड बायबैक को लेकर क्या घोषणा की?
अमेरिकी ट्रेजरी ने 10-20 साल और 20-30 साल की अवधि वाले बॉन्ड बायबैक की सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर प्रति ऑपरेशन कर दिया है, जो 9 सितंबर से 4 नवंबर तक लागू रहेगा।
बॉन्ड बायबैक खबर के बाद बिटकॉइन का क्या स्तर रहा?
अमेरिकी ट्रेजरी के फैसले के बाद लिक्विडिटी में सुधार की उम्मीद से गुरुवार को बिटकॉइन 72,000 डॉलर के स्तर के करीब पहुंच गया।
ऑस्ट्रेलियन डॉलर को कौन से कारक सहारा दे रहे हैं?
कमजोर रोजगार आंकड़ों के बावजूद ऑस्ट्रेलिया का आकर्षक कैरी ट्रेड और ऊर्जा, AI व रक्षा क्षेत्रों से जुड़ी कमोडिटीज का निर्यात ऑस्ट्रेलियन डॉलर को मजबूती दे रहा है।
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