अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में अमेरिकी डॉलर की चौतरफा कमजोरी का सीधा फायदा यूरो को मिला है। यूरोपीय कारोबारी सत्र के दौरान EUR/USD की विनिमय दर तीन महीने के अपने उच्चतम स्तर को पार करते हुए 1.1700 के ऊपर पहुंच गई। डॉलर सूचकांक में आई इस गिरावट से न केवल यूरोपीय साझा मुद्रा को समर्थन मिला है, बल्कि ब्रिटिश पाउंड और बिटकॉइन जैसी जोखिम भरी संपत्तियों में भी तेज बढ़त देखी जा रही है।
यूरोपीय मुद्रास्फीति के आंकड़े और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें
यूरोपीय संघ के सांख्यिकी निकाय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार यूरोज़ोन की जुलाई महीने की उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) दर बाजार के अनुमानों के बिल्कुल अनुरूप रही है। मुख्य मुद्रास्फीति दर 2.9% वार्षिक और कोर मुद्रास्फीति 2.5% वार्षिक दर्ज की गई। इन आंकड़ों से वित्तीय बाजारों में यह धारणा और मजबूत हुई है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) आगामी सितंबर की नीतिगत बैठक में ब्याज दरें बढ़ा सकता है। डेरिवेटिव बाजारों में सितंबर में 26 बेसिस प्वाइंट्स की दर वृद्धि की संभावना 90 प्रतिशत से अधिक जताई जा रही है।
अमेरिकी ट्रेजरी का बड़ा फैसला और लिक्विडिटी में बढ़ोतरी
दूसरी तरफ, अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। अमेरिका में हाल ही में सामने आए कमजोर आर्थिक आंकड़ों और नवंबर में होने वाले मध्यवादि चुनावों के कारण दरों के भविष्य पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इसी बीच, अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने अपने निर्धारित कैलेंडर से इतर बुधवार को दोपहर 12:32 GMT पर एक महत्वपूर्ण घोषणा की। ट्रेजरी ने 10 साल से 20 साल और 20 साल से 30 साल की अवधि वाले ऋण क्षेत्रों में तरलता सहायता बायबैक संचालन का आकार दोगुना करने का निर्णय लिया है। इसके तहत प्रति ऑपरेशन अधिकतम सीमा को 2 अरब डॉलर से बढ़ाकर कम से कम 4 अरब डॉलर कर दिया गया है। यह व्यवस्था 9 सितंबर से लागू होगी और 4 नवंबर तक प्रभावी रहेगी।
बिटकॉइन, ब्रिटिश पाउंड और सोने का बाजार रुझान
अमेरिकी ट्रेजरी द्वारा बाजार में लिक्विडिटी बढ़ाने के इस कदम से वित्तीय परिसंपत्तियों का माहौल सकारात्मक हुआ है। इसका सबसे अधिक प्रभाव क्रिप्टोकरेंसी बाजार में देखने को मिला, जहां बिटकॉइन की कीमत 72,000 डॉलर के करीब पहुंच गई। लिक्विडिटी की स्थिति सुधरने से बाजार में शॉर्ट स्क्वीज की स्थिति बनी, जिसने तेजी को और हवा दी। इसी प्रकार GBP/USD भी यूरोपीय सत्र के दौरान 1.3650 के करीब कारोबार करते हुए अपने मई महीने के उच्च स्तर की ओर बढ़ता दिखा। हालांकि, सोने की कीमतों में मामूली इंट्राडे गिरावट दर्ज की गई और वह 4,500 डॉलर के स्तर के नीचे बना रहा। विश्लेषकों का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी भू-राजनीतिक अनिश्चितता और ईरान से जुड़े जोखिमों के बीच निवेशक आगामी अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं।



















