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बहराइच की माया देवी का स्मार्ट खेती मॉडल: गेहूं से एकमुश्त कमाई, लोबिया से रोज़ की आमदनीव्यापार
16 जून 2026, 1:36 pm (133 दिन पहले)· 3

बहराइच की माया देवी का स्मार्ट खेती मॉडल: गेहूं से एकमुश्त कमाई, लोबिया से रोज़ की आमदनी

बहराइच के गांव कटरा बहादुरगंज की किसान माया देवी गेहूं और मक्के के साथ नेट हाउस में जैविक लोबिया उगाकर हर दिन कमाई कर रही हैं, वो भी न के बराबर लागत में।

खेती को अगर सोच-समझकर और सही तकनीक से किया जाए तो यह किसान की किस्मत बदल सकती है। बहराइच जिले की एक महिला किसान ने ठीक यही कर दिखाया है। उन्होंने अपनी आमदनी बढ़ाने के लिए ऐसा तरीका अपनाया है, जिसमें एक तरफ गेहूं से मोटी एकमुश्त कमाई होती है और दूसरी तरफ लोबिया की सब्जी से हर रोज़ कुछ न कुछ पैसा हाथ में आता रहता है।

कौन हैं माया देवी

बहराइच जिले के ग्राम कटरा बहादुरगंज में रहने वाली माया देवी लंबे समय से गेहूं और मक्के की खेती करती आ रही हैं। इसी खेती के दम पर जिले में उनकी अलग पहचान बनी है और तरह-तरह की फसलें उगाने के लिए वो जानी जाती हैं।

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रोज़ की ज़रूरत ने दी नई सोच

TrendKia से खास बातचीत में माया देवी ने बताया कि गेहूं की खेती से आमदनी तो होती है, मगर वह एकमुश्त मिलती है। जबकि घर-गृहस्थी चलाने के लिए हर दिन पैसों की ज़रूरत पड़ती है। इसी ज़रूरत को पूरा करने के लिए उन्होंने नेट हाउस में लोबिया की खेती कर रखी है। साथ ही भिंडी और कुछ दूसरी फसलें भी लगा रखी हैं, जो उनके अपने खाने के काम आती हैं। फसल तैयार होने पर दूसरे-तीसरे दिन व्यापारी खुद आकर माल ले जाते हैं, जिससे हर रोज़ कुछ न कुछ कमाई बनी रहती है।

लोबिया से अच्छी कमाई

इस सीजन में अब तक माया देवी लोबिया से अच्छी कमाई कर चुकी हैं। वो बताती हैं कि गेहूं की कटाई के बाद खेत कुछ दिनों के लिए खाली पड़ जाता है। ऐसे में खेत खाली होते ही अगर किसान तुरंत लोबिया की बुवाई कर दें, तो एक महीने के भीतर ही आसानी से फलन शुरू हो जाता है। इसी तरीके से धान की रोपाई तक उन्हें लोबिया से तीन बार तक फायदा मिल जाता है। गेहूं और धान की फसलों के बीच के इसी खाली समय में माया देवी हज़ारों रुपए कमा लेती हैं।

जैविक तरीके से न के बराबर लागत

इस खेती की सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें लागत न के बराबर आती है, क्योंकि माया देवी लोबिया की खेती पूरी तरह जैविक विधि से करती हैं। उन्होंने दो गाय पाल रखी हैं और उन्हीं के गोबर तथा मूत्र से खेत की खाद और पानी की ज़रूरत पूरी कर लेती हैं।

सवाल-जवाब

माया देवी कौन हैं और कहां की रहने वाली हैं?
माया देवी बहराइच जिले के ग्राम कटरा बहादुरगंज की महिला किसान हैं, जो लंबे समय से गेहूं और मक्के की खेती करती आ रही हैं।
वो रोज़ की कमाई कैसे करती हैं?
वो नेट हाउस में लोबिया की खेती करती हैं, जिसे दूसरे-तीसरे दिन व्यापारी आकर ले जाते हैं, जिससे हर रोज़ कुछ न कुछ कमाई होती रहती है।
एक सीजन में लोबिया से कितनी बार फायदा मिलता है?
गेहूं की कटाई के बाद और धान की रोपाई तक के बीच उन्हें लोबिया से तीन बार तक फायदा मिल जाता है।
इस खेती की लागत क्यों कम है?
क्योंकि वो जैविक विधि से खेती करती हैं और अपनी दो गायों के गोबर तथा मूत्र से ही खाद-पानी की ज़रूरत पूरी कर लेती हैं।
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