वैश्विक विदेशी मुद्रा बाजार में अमेरिकी मुद्रा अपनी हालिया मजबूती को बरकरार रखे हुए है। अमेरिकी डॉलर इंडेक्स (DXY), जो दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं की एक टोकरी के मुकाबले डॉलर के मूल्य को मापता है, लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में अपनी रिकवरी का दायरा बढ़ाते हुए 102.00 के मनोवैज्ञानिक स्तर के आसपास कारोबार कर रहा है। पिछले गुरुवार को तीन सप्ताह के निचले स्तर को छूने के बाद से डॉलर में लगातार खरीदारी देखी जा रही है। एशियाई व्यापार सत्र के दौरान इंडेक्स लगभग दो सप्ताह के उच्च स्तर तक पहुंच गया, हालांकि दो दिवसीय फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) नीति बैठक शुरू होने के कारण कारोबारी फिलहाल कोई बड़ा आक्रामक दांव लगाने से बच रहे हैं। ताजा बाजार आंकड़ों के अनुसार यह सूचकांक 101.96 के पिछले बंद स्तर के मुकाबले 0.12 प्रतिशत की बढ़त के साथ 102.08 पर टिका हुआ है।
मैक्रोइकोनॉमिक कारक और सुरक्षित निवेश की मांग
अमेरिकी डॉलर में जारी इस ताजा तेजी के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक काम कर रहे हैं। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में गिरावट का दौर थमने के बाद आई हल्की रिकवरी ने डॉलर को मजबूत सहारा दिया है। इसके साथ ही, लगातार बने हुए भू-राजनीतिक जोखिमों ने वैश्विक निवेशकों को सुरक्षित विकल्प के तौर पर ग्रीनबैक की ओर आकर्षित किया है। बाजार सहभागियों के बीच फेडरल रिजर्व द्वारा आगामी बैठकों में ब्याज दरें ऊंची बनाए रखने या और बढ़ाने की अटकलें भी अमेरिकी मुद्रा को मजबूती प्रदान कर रही हैं। हालांकि, केंद्रीय बैंक की औपचारिक घोषणा से पहले कारोबारी अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं, जिससे शुरुआती तेजी के बाद बाजार में सीमित दायरे की चाल देखी गई है।
वैश्विक केंद्रीय बैंकों की नीतियां और ऊर्जा संकट का दबाव
यह हफ्ता वैश्विक मौद्रिक नीतियों के लिहाज से बेहद निर्णायक साबित होने वाला है, क्योंकि दुनिया के पांच बड़े केंद्रीय बैंक अपनी ब्याज दरों पर फैसलों की घोषणा करने जा रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ऊर्जा संकट के चलते महंगाई के आंकड़े केंद्रीय बैंकों के तय लक्ष्यों से काफी ऊपर बने हुए हैं। इस अनियंत्रित मुद्रास्फीति पर काबू पाने के लिए नीति निर्माताओं पर उधार लागत को और सख्त करने का दबाव बढ़ रहा है। निवेशक यह आकलन करने में जुटे हैं कि कौन सा केंद्रीय बैंक महंगाई से निपटने के लिए कितनी आक्रामकता दिखाएगा। फेडरल रिजर्व के रुख के अलावा बैंक ऑफ जापान (BoJ) और रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) की आगामी घोषणाओं पर भी बाजार की गहरी नजर बनी हुई है।
प्रमुख करेंसी जोड़ों में हलचल
सप्ताह के दौरान विभिन्न मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर का प्रदर्शन मिला-जुला रहा है, जिसमें ग्रीनबैक ने स्विस फ्रैंक के खिलाफ सबसे अधिक मजबूती दर्ज की है। दूसरी ओर, जापानी येन के मुकाबले डॉलर (USD/JPY) एशियाई सत्र में 157.00 के मध्य स्तर से ऊपर कारोबार करता नजर आया। यह जोड़ी अपने एक महीने से अधिक समय के निचले स्तर से उबरने की कोशिश कर रही है। येन पर मुख्य रूप से उन अटकलों का दबाव बना हुआ है कि बैंक ऑफ जापान आक्रामक दर वृद्धि से पीछे हट सकता है। हालांकि, बुधवार को एफओएमसी के फैसले और शुक्रवार को बैंक ऑफ जापान के नीतिगत अपडेट से पहले डॉलर-येन के खरीदार भी सतर्क हैं।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर के मोर्चे पर, AUD/USD जोड़ी एशियाई सत्र के दौरान 0.7000 के स्तर के पास नए खरीदारों को आकर्षित करने में सफल रही। इस खरीदारी ने पिछले कारोबारी दिन एक महीने के उच्च स्तर से आई गिरावट को रोक दिया। ऑस्ट्रेलियाई केंद्रीय बैंक द्वारा नवंबर में ब्याज दरों में संभावित वृद्धि की उम्मीदें ऑस्ट्रेलियाई डॉलर को समर्थन दे रही हैं। इसके साथ ही, फेड बैठक से पहले अमेरिकी डॉलर के दो दिनों की तेजी के बाद स्थिर होने से भी इस जोड़ी को सहारा मिला है।
सोने की कीमतों पर दबाव
डॉलर और बॉन्ड यील्ड में आई मजबूती का सीधा असर कमोडिटी बाजार पर भी पड़ा है। एशियाई व्यापार के दौरान सोने में नई बिकवाली देखी गई, जिससे पीली धातु अपने तीन महीने के निचले स्तर से पिछले सत्र में दर्ज की गई हल्की रिकवरी को पूरी तरह बरकरार नहीं रख सकी। तीन सप्ताह के निचले स्तर से अमेरिकी बॉन्ड यील्ड के पलटवार ने गैर-उपज वाले सोने की चमक को सीमित कर दिया है। इसके बावजूद, सोना 4,000 डॉलर के स्तर से ऊपर टिकने में सफल रहा है, क्योंकि बुधवार के फेड फैसले से पहले मंदड़िए भी बड़े सौदे खोलने में झिझक रहे हैं।
तकनीकी स्तर और चार्ट विश्लेषण
तकनीकी मोर्चे पर, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स के लिए कई महत्वपूर्ण स्तर सक्रिय हैं। हाल ही में हासिल किए गए 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट स्तर 101.92 से नीचे किसी भी तरह की फिसलन को 38.2 प्रतिशत रिट्रेसमेंट के 101.28 और 200-अवधि के एसएमए (SMA) के 101.26 पर मजबूत संरचनात्मक सहारा मिल सकता है। यदि बिकवाली का दबाव अधिक गहराता है, तो 50.0 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 100.77 और 61.8 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 100.26 परीक्षण के दायरे में आ सकते हैं। यदि मौजूदा बुलिश रुझान टूटता है, तो 78.6 प्रतिशत रिट्रेसमेंट स्तर 99.52 और 98.59 का क्षेत्र मंदड़ियों के लिए दूरगामी लक्ष्य बन सकते हैं।
वर्तमान तकनीकी संकेतक बताते हैं कि दैनिक 14-दिवसीय आरएसआई (RSI) 58 पर स्थित है, जो सकारात्मक गति को दर्शाता है। एमएसीडी (MACD) 0.30 पर है जबकि इसकी सिग्नल लाइन 0.40 पर है, जिससे हिस्टोग्राम -0.10 की नकारात्मक स्थिति में है। मूविंग एवरेज के संदर्भ में, इंडेक्स का 20-दिवसीय ईएमए (EMA) 101.75, 50-दिवसीय ईएमए 101.12 और 200-दिवसीय ईएमए 99.83 पर है। इसके साथ ही 50-दिवसीय एसएमए 100.64 और 200-दिवसीय एसएमए 99.59 पर बना हुआ है, जहां 50-दिवसीय ईएमए का 200-दिवसीय ईएमए से ऊपर होना गोल्डन क्रॉस के जरिए दीर्घकालिक अपट्रेंड की पुष्टि करता है। 20-दिवसीय बोलिंगर बैंड्स 101.46 से 102.56 के दायरे में हैं, जिसके मध्य स्तर 102.01 के पास मूल्य टिका है। ट्रेंड स्ट्रेंथ को दर्शाने वाला एडीएक्स (ADX) 35 पर ट्रेंडिंग मोड में है। निकट अवधि के प्रमुख स्तरों में पिवट पॉइंट 102.06, पहला प्रतिरोध R1 102.14 और R2 102.19 है, जबकि पहला समर्थन S1 102.01 और दूसरा समर्थन S2 101.93 पर देखा जा रहा है। इंडेक्स का 52-सप्ताह का दायरा 95.55 से 102.95 के बीच रहा है।
राजनीतिक परिदृश्य और लंबी अवधि का दृष्टिकोण
अमेरिकी डॉलर आने वाले समय में 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनावों से पहले एक अत्यंत निर्णायक दौर का सामना कर रहा है। जहां वित्तीय बाजार दिसंबर में फेड द्वारा एक और ब्याज दर वृद्धि का अनुमान लगा रहे हैं, वहीं अमेरिकी कांग्रेस के नियंत्रण के लिए होने वाला राजनीतिक मुकाबला देश की राजकोषीय नीति की दिशा को बदल सकता है। कांग्रेस के संतुलन में आने वाले किसी भी बड़े बदलाव का अप्रत्यक्ष असर 2027 में अमेरिकी मौद्रिक नीति के मार्ग पर भी पड़ सकता है, जिससे लंबी अवधि के नीतिगत अनुमानों पर नए सिरे से विचार करना होगा।






















