उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने पाकिस्तान और देश से जुड़े कई समसामयिक मुद्दों पर तीखे बयान देकर सियासी सरगर्मी बढ़ा दी है। जम्मू-कश्मीर के राजनेता फारूक अब्दुल्ला के पाकिस्तान को लेकर दिए गए हालिया बयान और दिल्ली के जामिया कॉलेज परिसर में कथित तौर पर सामने आए आपत्तिजनक नारों के मामले पर अपनी बात रखते हुए मंत्री ने दो टूक कहा कि देश के प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह पाकिस्तान को भारत का शत्रु समझे। उन्होंने पड़ोसी देश के प्रति किसी भी प्रकार की नरमी या सहानुभूति दिखाए जाने का पुरजोर विरोध किया है और देश विरोधी हरकतों में संलिप्त पाए जाने वाले तत्वों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई किए जाने की पुरजोर मांग उठाई है।
बलिया में फारूक अब्दुल्ला के बयान पर कड़ी आपत्ति
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में मीडियाकर्मियों के साथ बातचीत करते हुए दानिश आजाद अंसारी ने फारूक अब्दुल्ला के उस बयान पर कड़ी असहमति प्रकट की जिसमें उन्होंने पाकिस्तान को कश्मीरियों का संरक्षक बताया था। मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पाकिस्तान ने हमेशा से भारत के खिलाफ गुप्त साजिशें रची हैं और देश को कमजोर करने की हरसंभव कोशिश की है। ऐसी स्थिति में उसके समर्थन में खड़ा होना या उसके पक्ष में बयानबाजी करना सरासर गलत है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के हर नागरिक के लिए देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि होनी चाहिए। पाकिस्तान के प्रति हमदर्दी दिखाने के बजाय राष्ट्रीय हितों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए और इसी आधार पर उन्होंने फारूक अब्दुल्ला के बयान को सिरे से खारिज करते हुए उसकी निंदा की।
जामिया कॉलेज के नारों पर निष्पक्ष जांच की मांग
दिल्ली स्थित जामिया कॉलेज में कथित तौर पर लिखे गए आपत्तिजनक नारों के प्रकरण पर भी मंत्री ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता और उसकी अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखना देश के हर एक नागरिक और छात्र का कर्तव्य है। राजनीतिक विचारधाराएं भले ही एक-दूसरे से भिन्न हो सकती हैं, लेकिन देश हम सबका साझा है और इसकी गरिमा का पूरा सम्मान किया जाना चाहिए।
दानिश आजाद अंसारी ने मांग की कि जामिया कॉलेज के परिसर में जो कुछ भी घटा है, उसकी पूरी निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए। इस बात का भी पता लगाया जाना बेहद जरूरी है कि इस तरह के आपत्तिजनक नारे लिखने के पीछे कौन लोग सक्रिय थे और इस प्रकार की गतिविधियों को बढ़ावा देने में किस-किस की संलिप्तता रही है। उन्होंने कहा कि जांच के दौरान जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, उसे चिन्हित करके उसके खिलाफ कड़ा एक्शन लिया जाना चाहिए। मंत्री ने इस बात पर भी बल दिया कि देश के किसी भी हिस्से में यदि राष्ट्रविरोधी गतिविधियां सिर उठाती हैं, तो संबंधित प्रशासनिक एजेंसियों को कानून के दायरे में रहकर अपनी कार्रवाई करनी चाहिए और ऐसी घटनाओं को प्रश्रय देने वालों की भूमिका की भी थाह ली जानी चाहिए।
म मल्लिकार्जुन खड़गे से माफी की मांग
अपने बयानों की इस कड़ी में मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिता को लेकर दिए गए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भी कड़ा एराज जताया। दानिश आजाद अंसारी ने खड़गे से यह मांग की कि उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपने इस बयान के लिए माफी मांगनी चाहिए। मंत्री का कहना था कि प्रधानमंत्री के पिता के संदर्भ में की गई टिप्पणी कतई उचित नहीं है और इसके लिए कांग्रेस अध्यक्ष को सार्वजनिक तौर पर माफी मांगनी चाहिए।
























