नई दिल्ली। सौर ऊर्जा के क्षेत्र में सक्रिय कंपनी बोरोसिल रिन्यूएबल्स के शेयरों में पिछले पाँच साल से लगातार सुस्ती और गिरावट का रुख देखने को मिला है, लेकिन अब प्रबंधन ने कारोबार को नई दिशा देने के लिए एक बड़ी योजना तैयार की है। कंपनी को पूरी उम्मीद है कि इस नई रणनीति के बलबूते आने वाले दिनों में निवेशकों को शानदार मुनाफा मिल सकेगा। बोरोसिल रिन्यूएबल्स ने अब सीधे ग्राहकों से जुड़ने वाले यानी बिजनेस टू कंज्यूमर सेगमेंट में अपने कदम बढ़ाते हुए रूफटॉप सोलर कारोबार में उतरने की आक्रामक योजना बनाई है। अब तक केवल सोलर ग्लास बनाने तक सीमित रहने वाली यह कंपनी अब ब्रांडेड और डिस्ट्रीब्यूटेड सोलर सॉल्यूशंस के बाजार में भी विस्तार कर रही है। कंपनी का अनुमान है कि शुरुआती पायलट चरण के पहले ही साल में यह नया कारोबार कंपनी के राजस्व में 100 करोड़ रुपये का भारी योगदान देगा।
बढ़ती मांग और सरकारी योजनाओं का फायदा
बोरोसिल रिन्यूएबल्स के चेयरमैन प्रदीप कुमार खेरुका ने इस बारे में विस्तार से बताते हुए कहा है कि देश भर में सोलर रूफटॉप की मांग में जबरदस्त तेजी बनी हुई है। केंद्र सरकार के नेशनल सोलर मिशन और फरवरी 2024 में देश में लागू की गई पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की वजह से आम नागरिकों के घरों में रूफटॉप सोलर प्रणालियाँ लगवाने का रुझान तेजी से बढ़ा है। सरकार ने अगले साल मार्च तक देश के करीब 1 करोड़ घरों को सोलर ऊर्जा के नेटवर्क से जोड़ने का बहुत बड़ा और महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है। कंपनी का मानना है कि इस बढ़ती हुई मांग के एक बहुत बड़े हिस्से को पूरा करने के लिए उनकी स्थिति बाजार में बेहद मजबूत और अनुकूल बनी हुई है।
क्षमता विस्तार और आयात पर निर्भरता
काउंसिल ऑन एनर्जी यानी एनवायरनमेंट एंड वॉटर और विभिन्न सरकारी आँकड़ों से इस बात का खुलासा होता है कि भारत में कुल मिलाकर 796 गीगावॉट सोलर ऊर्जा पैदा करने की विशाल क्षमता मौजूद है। इसमें से सबसे बड़ा हिस्सा यानी करीब 637 गीगावॉट केवल घरों की छतों के माध्यम से हासिल किया जा सकता है, जिसमें ग्रामीण इलाकों की हिस्सेदारी 363 गीगावॉट और शहरी क्षेत्रों की हिस्सेदारी 274 गीगावॉट है। बोरोसिल रिन्यूएबल्स की तरफ से ग्राहकों को रूफटॉप सोलर का पूरा एकीकृत समाधान प्रदान किया जा रहा है, जिसमें सोलर पैनल के अलावा इनवर्टर और आधुनिक लिथियम-आयन बैटरी भी शामिल हैं। इनमें से इनवर्टर और बैटरियों को अभी बाहर के देशों से आयात किया जा रहा है, और कंपनी इनकी बिक्री, इंस्टॉलेशन के साथ-साथ बिक्री के बाद की बेहतरीन सेवाएँ भी मुमुहैया कराएगी।
उत्पादन बढ़ाने के लिए नई भट्टियों की स्थापना
कंपनी ने अपने उत्पादन का दायरा बहुत बड़े पैमाने पर बढ़ाने का आधिकारिक ऐलान भी कर दिया है। मौजूदा समय में बोरोसिल रिन्यूएबल्स प्रतिदिन 1,000 टन सोलर ग्लास का उत्पादन करती है, लेकिन 300 टन प्रतिदिन क्षमता वाली दो बिल्कुल नई भट्टियों के लग जाने के बाद यह कुल क्षमता बढ़कर 1,600 टन प्रतिदिन हो जाएगी। कंपनी प्रबंधन को पूरी उम्मीद है कि यह अतिरिक्त क्षमता इसी साल दिसंबर और अगले साल मार्च के बीच सुचारू रूप से चालू हो जाएगी, जिसका पूरा वित्तीय लाभ वर्ष 2027-28 के दौरान देखने को मिलेगा। चेयरमैन प्रदीप कुमार खेरुका ने यह भी स्पष्ट किया कि जब पूरी क्षमता का इस्तेमाल होने लगेगा, तब कंपनी की आय में लगभग 60 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। इसके अलावा, वर्तमान में कंपनी का एबिट्डा करीब 32 प्रतिशत है, और नई भट्टियों के शुरू होने के बाद इसमें भी काफी सुधार आने की संभावना है।
घरेलू बाजार में आयात की स्थिति और पिछला प्रदर्शन
भारत में सोलर ग्लास की कुल जरूरत के मुकाबले घरेलू उत्पादन अभी काफी कम है, जिसके चलते देश को अपनी जरूरत का एक बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करना पड़ता है। देश में हर रोज करीब 8,500 टन सोलर ग्लास का आयात किया जाता है, जबकि स्थानीय स्तर पर केवल 1,700 टन का ही उत्पादन हो पाता है। इस बड़े अंतर को देखते हुए मेड इन इंडिया सोलर ग्लास की माँग बहुत तेजी से ऊपर जा रही है, और जेफरीज की एक हालिया रिपोर्ट में भी यह बात कही गई है कि देश के विकास के अगले चरण को गति देने वाले मुख्य तीन क्षेत्र रक्षा, एयरोस्पेस और सोलर पावर होंगे। दूसरी तरफ, अगर कंपनी के पिछले वित्तीय प्रदर्शन पर नजर डालें तो शेयर पिछले पाँच वर्षों से दबाव के दौर से गुजर रहा है। पिछले 5 वर्षों में कंपनी का कुल रिटर्न करीब 45 प्रतिशत के आसपास रहा है, जबकि पिछले 3 वर्षों के दौरान यह सिमटकर केवल 3 प्रतिशत रह गया है। बीते 2 वर्षों के दौरान रिटर्न शून्य से 10 प्रतिशत नीचे, एक साल में 19 प्रतिशत माइनस और तीन महीने की अवधि में 24 प्रतिशत माइनस में दर्ज किया गया है। एसआईपी के माध्यम से निवेश देखने पर भी पिछले एक साल में 26 प्रतिशत, दो साल में 13 प्रतिशत और तीन साल में 8 प्रतिशत का नकारात्मक रिटर्न देखने को मिला है।

















