नौकरीपेशा हर इंसान का यही सपना होता है कि वह अपने कामकाजी जीवन के दौरान पर्याप्त धन जुटा ले ताकि बुढ़ापा सुकून और आराम से बीते। हालांकि, इस वित्तीय लक्ष्य पर अमल कर पाना हर किसी के बस की बात नहीं होती। यदि आपको भी अपनी कमाई से बचत करने और उसे बढ़ाने में कठिनाई महसूस होती है, तो पुणे के रहने वाले इस युवा की वित्तीय यात्रा आपको जरूर देखनी चाहिए। इस युवक ने महज 13 साल के भीतर अपनी सालाना कमाई में 10 गुना की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की है और साथ ही 4 करोड़ रुपये की भारी-भरकम बचत भी कर डाली है। अब उनकी योजना आने वाले 5 वर्षों के भीतर नौकरी से पूरी तरह संन्यास लेने की है, जिसके बाद उनका इरादा बिना किसी वित्तीय चिंता के जीवन बिताने का है।
शुरुआत फार्मा सेक्टर से और निवेश का सफर
इसे पारंपरिक सफलता की कहानी के बजाय एक बेहद कामयाब और अनुशासित निवेश रणनीति कहा जा सकता है। मूल रूप से पुणे निवासी शुभ पाटिल ने अपने करियर की शुरुआत एक फार्मा एग्जीक्यूटिव यानी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव के रूप में की थी। उन्होंने सरकारी योजनाओं का बुद्धिमानी से इस्तेमाल किया और म्यूचुअल फंड में एसआईपी के माध्यम से लगातार निवेश करके बड़ा धन अर्जित किया। शुभ पाटिल की मौजूदा उम्र 35 वर्ष है और उन्होंने अभी तक विवाह नहीं किया है। शुभ का कहना है कि भविष्य में भी उनका शादी करने का कोई इरादा नहीं है। उनके पिता एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और उन्हें हर महीने 70 हजार रुपये पेंशन के रूप में मिलते हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि शुभ के कंधों पर परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी का कोई बड़ा बोझ नहीं है।
शून्य कर्ज और टाटा हैरियर कार का स्वामित्व
शुभ का स्पष्ट तौर पर कहना है कि उनके ऊपर किसी भी प्रकार का कोई होम लोन नहीं चल रहा है, न ही उनके नाम पर कोई कार लोन है और न ही उन्हें किसी अन्य तरह की ईएमआई का भुगतान करना पड़ता है। वर्तमान समय में उनके पास चलने के लिए टाटा हैरियर कार मौजूद है। पिछले 13 वर्षों की नौकरी के दौरान उन्होंने अपनी सैलरी का एक बड़ा हिस्सा एसआईपी और अन्य वित्तीय योजनाओं में लगाया, जिसके परिणामस्वरूप आज उनके पास करीब 4 करोड़ रुपये का मजबूत फंड इकट्ठा हो चुका है। अब उनका अगला टार्गेट अगले 5 साल में इस फंड को बढ़ाकर सीधे 10 करोड़ रुपये तक ले जाने का है। इसके बाद वे नियमित नौकरी को अलविदा कह देंगे। रिटायरमेंट के बाद उनका प्लान किसी छोटे शहर में शिफ्ट होने का है, जहां वे हर साल 12 लाख रुपये की पैसिव इनकम के सहारे अपना जीवन आराम से गुजारेंगे।
पार्सियों जैसी कंजूसी नहीं, शौक पर भी खुला खर्च
शुभ ने अपने करियर के शुरुआती साल केवल सामान्य नौकरी करते हुए ही नहीं बिताए, बल्कि धन कमाने के साथ-साथ उसे सही जगह निवेश करने पर भी पूरा जोर दिया। हालांकि उनके करियर की शुरुआत महाराष्ट्र के सतारा जैसे अपेक्षाकृत छोटे शहर से हुई थी। उनका मानना है कि उनके परिवार ने उन्हें शुरुआत से ही फिजूलखर्ची से दूर रहने और पैसों की बचत करने की बहुमूल्य सीख दी थी। यही मुख्य कारण है कि उन्हें बहुत कम उम्र से ही धन का सही मूल्य समझ आ गया था। उन्हें अपने पिता से जो धैर्य विरासत में मिला, उसका उन्होंने अपनी वित्तीय यात्रा के दौरान बहुत सही ढंग से उपयोग किया। शुभ का कहना है कि आज के समय में वे केवल पैसे जोड़ने पर ही ध्यान केंद्रित नहीं करते, बल्कि अपने शौक और जीवन की खुशियों पर भी खुलकर खर्च करते हैं। आज की तारीख में उनका सालाना खर्च 14.4 लाख रुपये है। इस कुल खर्च में से 8.4 लाख रुपये मकान के किराए और घर चलाने में खर्च होते हैं, जबकि बाकी के 6 लाख रुपये वे हर साल अपनी ट्रैवलिंग और घूमने-फिरने पर खर्च करते हैं। उनका साफ कहना है कि वे घूमने-फिरने के बेहद शौकीन हैं और रिटायरमेंट के बाद भी अपने इस पसंदीदा शौक को पूरी शिद्दत के साथ जारी रखेंगे।

















