लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक पर चर्चा, शशि थरूर ने रखी अपनी बातदिवंगत अभिनेता देवानंद की संतान सुनील आनंद नहीं रहे, 70 वर्ष की आयु में कार्डिएक अरेस्ट से लंदन में हुआ निधनवियो ने पेश किया नया इलेक्ट्रिक ट्राईसाइकिल रोवर, साझा गतिशीलता बाजार में बड़ी छलांग की तैयारीबेलेघाटा से तृणमूल कांग्रेस नेता राजू नस्कर पुलिस कस्टडी में, रंगदारी और धमकी के आरोपों पर बड़ा एक्शनसिर्फ तीन चीजों से किचन में बनाएं बाजार जैसा कस्टर्ड पाउडर, 6 महीने तक रहेगा तरोताजाआषाढ़ पूर्णिमा पर लक्ष्मी नारायण की विशेष आराधना से दूर होगी आर्थिक तंगी, जानें आचार्य इंदु प्रकाश के आठ सिद्ध उपायडोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, अमेरिकी फुटबॉल के लिए ऐतिहासिक रहा विश्व कप का आयोजनमहाभारत में अर्जुन का किरदार निभाने के बाद भी शहीर शेख को क्यों झेलनी पड़ी थी बेरोजगारीतेल बाजार में भारी गिरावट, क्या निवेशक कर रहे हैं जल्दबाजी या मध्य पूर्व की उम्मीदें हैं अतिरेकघर में रखा सोना अब भारत में उधार लेने का पसंदीदा जरिया बनता जा रहा है
बुलेट ट्रेन सिर्फ रफ्तार नहीं, बदल देगी पूरे रूट की तकदीर: जमीन के दाम और नौकरियां दोनों भरेंगी उड़ानव्यापार
13 जून 2026, 1:10 am (46 दिन पहले)· 0

बुलेट ट्रेन सिर्फ रफ्तार नहीं, बदल देगी पूरे रूट की तकदीर: जमीन के दाम और नौकरियां दोनों भरेंगी उड़ान

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कॉरिडोर सिर्फ सफर छोटा नहीं करेगा, बल्कि रूट के शहरों में रियल एस्टेट की कीमतों और रोजगार के अवसरों में जबरदस्त उछाल ला सकता है।

Mumbai-Ahmedabad Bullet Train: देश की पहली हाई-स्पीड रेल यानी मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को सिर्फ दो बड़े शहरों के बीच फासला घटाने वाला साधन समझना भूल होगी। असल में यह पूरे रूट पर बसे शहरों की आर्थिक तस्वीर पलट देने वाला सबसे बड़ा ‘गेम चेंजर’ बन सकती है। तकरीबन 508 किलोमीटर लंबा यह कॉरिडोर एक ओर जहां यात्रा को बेहद आसान और सुपरफास्ट बना देगा, वहीं दूसरी ओर गुजरात और महाराष्ट्र के एक विशाल हिस्से में रियल एस्टेट, उद्योग और रोजगार के मोर्चे पर नया इतिहास लिखने की तैयारी में है।

रेल मंत्रालय और नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन का कहना है कि बुलेट ट्रेन का काम बहुत तेज रफ्तार से चल रहा है। समय-सीमा की बात करें तो रेल मंत्री पहले ही इशारा कर चुके हैं कि गुजरात के सूरत-बिलिमोरा सेक्शन पर 2027 तक बुलेट ट्रेन दौड़ने लगेगी, जबकि पूरा मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर 2028-29 तक चालू हो जाने की उम्मीद है।

ये भी पढ़ें

रियल एस्टेट बाजार में ‘सुनामी’

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन रूट पर कुल 12 स्टेशन बनेंगे। इनमें मुंबई (बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स), ठाणे, विरार, बोइसर, वापी, बिलिमोरा, सूरत, भरूच, वडोदरा, आनंद, अहमदाबाद और साबरमती शामिल हैं। जैसे-जैसे इन स्टेशनों का ढांचा आकार ले रहा है, वैसे-वैसे इन शहरों के प्रॉपर्टी बाजार में बड़ा उछाल दिखने लगा है। खासकर वापी, बिलिमोरा, भरूच और आनंद जैसे टियर-2 और टियर-3 शहरों में कमर्शियल और रेजिडेंशियल संपत्ति की मांग तेजी से बढ़ी है। बिल्डर बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिक्स पार्क, मॉल, होटल और टाउनशिप परियोजनाएं बनाने की योजना बना रहे हैं। माना जा रहा है कि आने वाले कुछ ही वर्षों में इन इलाकों में जमीन-मकान के दाम दोगुने से तीन गुने तक पहुंच सकते हैं।

इस विशाल परियोजना ने अपने निर्माण के दौर में ही हजारों इंजीनियरों, तकनीशियनों और श्रमिकों को सीधा रोजगार दिया है। लेकिन असली बदलाव तो ट्रेन के चालू होने के बाद आएगा। स्टेशनों के रखरखाव, ट्रेन संचालन, सुरक्षा और तकनीकी विभागों में हजारों युवाओं को नौकरी मिलने का रास्ता खुलेगा। हाई-स्पीड कनेक्टिविटी बढ़ने से इस रूट पर पर्यटन, हॉस्पिटैलिटी और रिटेल सेक्टर को भी जबरदस्त रफ्तार मिलेगी।

बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद वापी और सूरत जैसे शहरों के कारोबारियों के लिए मुंबई की दूरी महज मिनटों में सिमट जाएगी। इससे व्यापारिक सौदे आसान होंगे, नए स्टार्टअप्स को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के लाखों नए मौके पैदा होंगे।

संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR