संसद के निचले सदन यानी लोकसभा में एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। कार्यवाही के दौरान कई मुद्दों पर गरमागरम चर्चा हुई और विभिन्न दलों के नेताओं ने अपनी बात रखी। इसी कड़ी में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने भी इस महत्वपूर्ण विषय पर सदन को संबोधित किया और परीक्षा प्रणाली से जुड़े कई अहम बिंदुओं पर प्रकाश डाला।
सदन में क्या बोले शशि थरूर
शशि थरूर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने संबोधन के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि उन्हें लोकसभा में इस विधेयक पर बोलने का मौका रात 10:40 बजे मिला। समय की कमी के चलते उन्हें अपने भाषण को काफी छोटा करना पड़ा, फिर भी उन्होंने मिले हुए नौ मिनट के समय में कुछ बेहद महत्वपूर्ण बातें सदन के सामने रखीं। इस दौरान पीठासीन अधिकारी द्वारा लगातार घंटी बजाए जाने और अन्य तकनीकी बाधाओं के बीच भी उन्होंने अपनी बात पूरी की।
विधेयक और संसद में गरमागरम बहस
यह पूरी बहस ऐसे समय में हुई जब देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने की घटनाओं को लेकर गंभीर चिंताएं जताई जा रही हैं। विपक्षी दलों ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए और इसे व्यवस्था की नाकामी करार दिया। वहीं सत्ता पक्ष ने इन आरोपों का कड़ा जवाब देते हुए कहा कि सरकार ऐसे मामलों से निपटने के लिए बेहद सख्त प्रावधान लेकर आ रही है ताकि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों पर नकेल कसी जा सके।
विधेयक पर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
संसदीय बहस के दौरान कई अन्य प्रमुख नेताओं ने भी अपनी राय रखी। जहां कुछ नेताओं ने इस विधेयक को केवल एक ऊपरी उपाय बताया और कहा कि सजा बढ़ाने से ज्यादा जरूरी व्यवस्था की खामियों को दूर करना है, वहीं कुछ अन्य वक्ताओं ने कड़े कानूनों का समर्थन किया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान संसद के भीतर और बाहर जनरेशन ज़ेड की शब्दावली से लेकर विभिन्न तीखे बयानों की भी चर्चा रही, जिससे यह सत्र काफी हंगामेदार और सुर्खियों में रहा।
जनता की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया और सार्वजनिक मंचों पर इस बहस को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। जहां कई समर्थकों ने उनके भाषण की सराहना की, वहीं कुछ लोगों ने पुरानी घटनाओं का हवाला देते हुए व्यवस्था में और अधिक सुधार की मांग की।

























