देश के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के ऋणदाता, एचडीएफसी बैंक ने अपने शीर्ष नेतृत्व में बदलाव की प्रक्रिया को औपचारिक रूप से शुरू कर दिया है। बैंक ने शनिवार को प्रबंध निदेशक (MD) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) के पद के लिए दो संभावित उम्मीदवारों के नाम भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को भेज दिए हैं। इन नामों को वरीयता के क्रम में भेजा गया है और इसके साथ ही उम्मीदवारों के लिए प्रस्तावित वेतन और भत्तों का विवरण भी साझा किया गया है। शेयर बाजारों को दी गई विनियामक जानकारी के अनुसार, नए MD और CEO का कार्यकाल तीन साल की अवधि के लिए तय किया गया है।
नए मुख्य कार्यकारी की खोज के साथ-साथ, एचडीएफसी बैंक ने अपने निदेशक मंडल के ढांचे में भी महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। बैंक के बोर्ड ने अपने पूर्णकालिक निदेशकों की संख्या को तीन से बढ़ाकर चार करने का निर्णय लिया है। इस बदलाव के तहत, बैंक के चीफ क्रेडिट ऑफिसर जिमी टाटा को तीन साल की अवधि के लिए पूर्णकालिक निदेशक और कार्यकारी निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है। जिमी टाटा साल 1994 से ही इस बैंक से जुड़े हुए हैं, जिससे वे बैंक के सबसे अनुभवी अधिकारियों में से एक बन गए हैं और उनके पास क्रेडिट रिस्क मैनेजमेंट का लंबा अनुभव है।
शशिधर जगदीशन के उत्तराधिकारी की खोज
यह पूरी कवायद वर्तमान MD और CEO शशिधर जगदीशन के पद छोड़ने के फैसले के बाद शुरू हुई है। जगदीशन ने बीते 29 अगस्त को अपने कार्यकाल के विस्तार की दौड़ से खुद को अलग रखने का फैसला किया था। उनका वर्तमान कार्यकाल इस साल 26 अक्टूबर को समाप्त होने जा रहा है। ऐसे में बैंक के सुचारू संचालन को बनाए रखने के लिए समय पर नए उत्तराधिकारी की नियुक्ति और उसे नियामक की मंजूरी मिलना बेहद महत्वपूर्ण है।
शनिवार को हुई बैंक के निदेशक मंडल की बैठक में इन दो नामों को अंतिम रूप दिया गया। यह मंजूरी बोर्ड की गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनेरेशन कमेटी की सिफारिशों के आधार पर दी गई है। अब इन नामों पर अंतिम फैसला भारतीय रिजर्व बैंक को लेना है। केंद्रीय बैंक आमतौर पर किसी भी बैंक के शीर्ष पद पर नियुक्ति से पहले उम्मीदवारों की योग्यता, अनुभव और तय मानकों के आधार पर उनका मूल्यांकन करता है। सूत्रों के मुताबिक, भेजे गए दो नामों में एक नाम एचडीएफसी बैंक के मौजूदा डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद एम भरूचा का है, जबकि दूसरा नाम किसी अन्य निजी बैंक के वरिष्ठ कार्यकारी का है।
नेतृत्व क्षमता को मजबूत करने की योजना
इसके अतिरिक्त, बैंक ने अपने शीर्ष प्रबंधन को स्थिरता प्रदान करने के लिए अन्य रणनीतिक कदम भी उठाए हैं। बोर्ड ने एक अन्य पूर्णकालिक निदेशक वी. श्रीनिवास रंगन को उनका मौजूदा कार्यकाल समाप्त होने के बाद 23 नवंबर से एक और साल के लिए फिर से नियुक्त करने का फैसला किया है। इसके साथ ही, बैंक के वर्तमान पूर्णकालिक निदेशकों में डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर कैजाद भरूचा, वी. श्रीनिवास रंगन और नवनियुक्त जिमी टाटा शामिल हो गए हैं।
निदेशक मंडल में बढ़ाए गए चौथे पूर्णकालिक निदेशक का पद फिलहाल खाली रखा जाएगा। एचडीएफसी बैंक ने स्पष्ट किया है कि नए MD और CEO के कार्यभार संभालने के बाद, उनके साथ विचार-विमर्श करके ही इस चौथे पद पर नियुक्ति की जाएगी। इस रणनीति का मुख्य उद्देश्य बैंक के भीतर एक व्यापक और मजबूत नेतृत्व तैयार करना है, ताकि भविष्य में उत्तराधिकार योजना और रणनीतिक विकास को बिना किसी बाधा के आगे बढ़ाया जा सके।



















