मध्य बुल्गारिया में एक निजी रक्षा कंपनी के गोला-बारूद डिपो में रात के समय भीषण आग लग गई, जिसके बाद वहां एक के बाद एक कई जोरदार धमाके हुए। इस घटना के बाद देश में सुरक्षा को लेकर हड़कंप मच गया है और सरकार ने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। यह संयंत्र एक प्रमुख निजी रक्षा ठेकेदार द्वारा संचालित किया जाता है, जो यूक्रेन को हथियारों की आपूर्ति करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। हालांकि इस दुर्घटना में किसी के हहत होने की खबर नहीं है, लेकिन जिस तरह से यह धमाके हुए हैं, उसने इस पूरे क्षेत्र में सैन्य बुनियादी ढांचे की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गोरनी वारपिसटा में रात का कोहराम
यह भीषण आग मध्य बुल्गारिया के एक शांत इलाके गोरनी वारपिसटा गांव के पास स्थित भंडारण स्थल पर लगी। यह स्थान देश की राजधानी सोफिया से लगभग 170 किलोमीटर (106 मील) पूर्व में स्थित है। रात के अंधेरे में लगी इस आग ने जल्द ही विकराल रूप धारण कर लिया और गोदाम में रखे गोला-बारूद में सिलसिलेवार धमाके होने लगे। इन विस्फोटों के कारण आसमान में धुएं और आग की ऊंची लपटें देखी गईं, जिससे आस-पास के ग्रामीण इलाकों में दहशत फैल गई। आपातकालीन सेवाओं ने पुष्टि की है कि इस घटना के समय वहां कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ा जानी नुकसान होने से बच गया।
धमाकों के तुरंत बाद बुल्गारिया की सरकार ने इस मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं। देश के गृह मंत्री इवान देमिरधीव ने इस घटना पर बयान देते हुए स्पष्ट किया कि प्रशासन इस मामले में किसी भी बाहरी हस्तक्षेप या विदेशी साजिश की संभावना से इनकार नहीं कर रहा है। सुरक्षा एजेंसियां इस घटना के पीछे के सभी संभावित कारणों की जांच कर रही हैं। वर्तमान में सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मलबे की जांच करने के लिए तापमान कम होने का इंतजार कर रही है।
मानवीय भूल से इनकार, कंपनी ने लगाया तोड़फोड़ का आरोप
इस डिपो का संचालन करने वाली निजी रक्षा कंपनी इमको ने घटना के तुरंत बाद एक कड़ा बयान जारी किया। कंपनी के अधिकारियों ने आंतरिक लापरवाही या तकनीकी खराबी के दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि इस हादसे में किसी भी तरह की मानवीय भूल की आशंका शून्य है। इमको के अनुसार, जिस वेयरहाउस में यह आग लगी, वह पिछले कई महीनों से पूरी तरह से निष्क्रिय था और वहां किसी भी तरह का काम नहीं चल रहा था। ऐसे खाली पड़े गोदाम में अचानक आग लग जाना सामान्य दुर्घटना नहीं हो सकता।
कंपनी ने यह भी खुलासा किया कि इस भंडारण स्थल की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर केवल 20 दिन पहले ही एक कड़ा निरीक्षण किया गया था। इस जांच के दौरान यह पाया गया था कि डिपो पूरी तरह से सुरक्षित है और सभी सरकारी मानकों का पालन कर रहा है। इमको का तर्क है कि जब डिपो में कोई गतिविधि नहीं हो रही थी और वह पूरी तरह से मानकों के अनुरूप था, तो वहां स्वतः ही आग लगना असंभव है। ऐसे में यह केवल बाहरी तत्वों द्वारा की गई सुनियोजित तोड़फोड़ ही हो सकती है।
साल 2011 से जारी है संदिग्ध धमाकों का सिलसिला
इमको कंपनी का मानना है कि यह घटना कोई पहली बार नहीं हुई है, बल्कि यह बुल्गारिया के रक्षा क्षेत्र को निशाना बनाकर किए जा रहे एक बड़े अभियान का हिस्सा है। पिछले महीने ही इसी क्षेत्र में स्थित इमको के एक अन्य गोला-बारूद गोदाम में भी इसी तरह आग लगी थी और धमाके हुए थे। इतने कम समय में एक ही कंपनी के दो अलग-अलग ठिकानों पर हुए इन हादसों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरत में डाल दिया है।
कंपनी ने अपने बयान में इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि साल 2011 से ही बुल्गारिया की विभिन्न रक्षा कंपनियों में इस तरह की रहस्यमयी घटनाएं और आगजनी दर्ज की गई हैं। इमको का कहना है कि गोरनी वारपिसटा के पास हुई यह ताजा घटना भी बुल्गारिया के रक्षा उद्योग के खिलाफ लंबे समय से जारी तोड़फोड़ की श्रृंखला का ही एक हिस्सा है। कंपनी ने सरकार से मांग की है कि इन हमलों को गंभीरता से लिया जाए और देश के महत्वपूर्ण उद्योगों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएं।
EU और NATO से सामूहिक प्रयास की मांग
इस खतरे के अंतरराष्ट्रीय पहलुओं को देखते हुए, इमको ने कहा कि बुल्गारिया इस तरह की गुप्त साजिशों से सबसे अधिक प्रभावित होने वाला EU और NATO सदस्य देश है। कंपनी ने बुल्गारियाई सरकार से अपील की है कि वह इस मुद्दे को अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के समक्ष उठाए। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस तरह के परिष्कृत और गुप्त हमलों को रोकने और उनका मुकाबला करने के लिए EU और NATO के स्तर पर एक साझा सुरक्षा तंत्र का होना बेहद आवश्यक है।
इस कंपनी के मालिक बुल्गारिया के एक जाने-माने हथियार डीलर एमिलियन गेब्रेव हैं। बुल्गारिया के सरकारी अभियोजक पहले भी यह आरोप लगा चुके हैं कि एमिलियन गेब्रेव और उनकी कंपनी विदेशी खुफिया एजेंटों के निशाने पर रही है। साल 2015 में एमिलियन गेब्रेव, उनके बेटे और कंपनी के एक अन्य वरिष्ठ अधिकारी को जहर देकर मारने की कोशिश की गई थी। इस मामले में बाद में तीन रूसी नागरिकों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया गया था, जो फिलहाल फरार हैं।
यूक्रेन युद्ध और निजी रक्षा निर्यात का समीकरण
इस घटना के तार सीधे तौर पर यूक्रेन के चल रहे युद्ध से जुड़े हैं, जो साल 2022 में रूस के आक्रमण के बाद शुरू हुआ था। बुल्गारिया सोवियत काल के हथियारों और गोला-बारूद का एक बहुत बड़ा उत्पादक रहा है, जिसके कारण उसकी रक्षा कंपनियों की वैश्विक मांग बहुत अधिक है। हालांकि बुल्गारिया की सरकार ने हाल ही में यूक्रेन को सरकारी स्तर पर हथियारों की सीधे आपूर्ति रोकने का फैसला किया था, लेकिन वहां का निजी क्षेत्र अभी भी सक्रिय है।
इमको जैसी बुल्गारिया की निजी रक्षा कंपनियां लगातार यूक्रेन को आवश्यक हथियारों और गोला-बारूद की आपूर्ति कर रही हैं। इस वजह से ये कंपनियां उन ताकतों के निशाने पर आ गई हैं जो यूक्रेन तक पहुंचने वाली रसद और हथियारों की खेप को रोकना चाहती हैं। इस ताजा धमाके को भी इसी आपूर्ति श्रृंखला को बाधित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
यूरोप में गुप्त युद्ध की आहट
सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि बुल्गारिया की यह घटना पूरे यूरोप में चल रहे संदिग्ध हमलों के पैटर्न से मेल खाती है। हाल ही में जर्मनी ने दावा किया था कि अगस्त के महीने में लीपज़िग हवाई अड्डे पर हुए एक ड्रोन हमले के पीछे रूस का हाथ था। हालांकि मॉस्को ने जर्मनी के इन आरोपों को पूरी तरह से बेतुका और निराधार बताया था, लेकिन यूरोपीय देशों में डर का माहौल बना हुआ है।
जर्मनी और बुल्गारिया के अलावा, इटली से लेकर एस्टोनिया तक कई अन्य यूरोपीय देशों में भी रक्षा और रसद से जुड़े ठिकानों पर रहस्यमयी आग लगने की घटनाएं सामने आई हैं। इन देशों की सरकारों ने सीधे तौर पर विदेशी खुफिया एजेंसियों पर आरोप लगाया है कि वे पश्चिमी देशों को अस्थिर करने और यूक्रेन के प्रति उनके समर्थन को कमजोर करने के लिए यह गुप्त युद्ध लड़ रहे हैं।


















