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एथेनॉल वाले पेट्रोल की गुणवत्ता पर HPCL ने देशभर में की सघन जांच, हर जगह मिला मानकों पर खरा ईंधनव्यापार
14 जुल॰ 2026, 11:59 pm (45 दिन पहले)· 2

एथेनॉल वाले पेट्रोल की गुणवत्ता पर HPCL ने देशभर में की सघन जांच, हर जगह मिला मानकों पर खरा ईंधन

एथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों के बीच सरकारी तेल कंपनी HPCL ने देशभर के 3500 से ज्यादा जगहों पर ईंधन की गुणवत्ता जांची और बताया कि कहीं भी मिलावट या खराबी नहीं मिली।

एथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर देश में जारी बहस के बीच सरकारी तेल कंपनी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने अपने ईंधन की गुणवत्ता को लेकर एक विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने रखी है। कंपनी का दावा है कि ग्राहकों तक सही और भरोसेमंद पेट्रोल पहुंचे, यह पक्का करने के लिए देशभर के पेट्रोल पंपों पर बड़े पैमाने पर पड़ताल की गई। इस पूरी कवायद का साफ नतीजा यह रहा कि किसी भी जगह पेट्रोल में मिलावट, घटिया गुणवत्ता या किसी तरह की गंभीर गड़बड़ी नहीं पकड़ी गई। कंपनी के मुताबिक एथेनॉल मिला पेट्रोल तय मानकों पर पूरी तरह खरा उतरा और इसकी गुणवत्ता पर लगातार नजर रखी जा रही है।

इस जांच का दायरा कितना बड़ा था, यह आंकड़ों से साफ हो जाता है। कंपनी ने बताया कि 7 जुलाई से 13 जुलाई 2026 के बीच उसके अधिकारियों ने देश के 2,173 पेट्रोल पंपों पर बिना पहले से बताए, अचानक पहुंचकर जांच की। इन औचक निरीक्षणों का मकसद यही देखना था कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल तय नियमों के हिसाब से बेचा जा रहा है या नहीं। इसके साथ ही 3 जुलाई से 13 जुलाई के बीच कंपनी के नियमित गुणवत्ता अभियान के तहत 1,385 और निरीक्षण किए गए। दोनों को जोड़ दें तो कंपनी ने कुल मिलाकर 3500 से ज्यादा जगहों पर ईंधन की गुणवत्ता की परख की।

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नमूनों की जांच में भी कुछ गलत नहीं निकला

पंपों के निरीक्षण के अलावा कंपनी की क्वालिटी एश्योरेंस सेल ने 93 और जगहों पर पड़ताल की। इतना ही नहीं, चलती-फिरती मोबाइल लैब के जरिए 49 ईंधन नमूनों की भी बारीकी से जांच की गई। HPCL के अनुसार इन तमाम जांचों में पेट्रोल हर बार तय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप ही मिला। कहीं भी ईंधन में मिलावट, खराबी या गुणवत्ता से जुड़ी कोई बड़ी दिक्कत सामने नहीं आई।

आखिर एथेनॉल वाले पेट्रोल पर बहस क्यों

देश में एथेनॉल मिले पेट्रोल को लेकर पिछले कुछ समय से लोगों के मन में कई सवाल हैं। बहुत से वाहन चालक इसके इस्तेमाल, गाड़ी के माइलेज और इंजन पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जता रहे हैं। इसी माहौल में तेल कंपनियां बार-बार यह भरोसा दिला रही हैं कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल तय मानकों के हिसाब से ही तैयार किया जा रहा है और इसकी क्वालिटी बनाए रखने के लिए समय-समय पर जांच होती रहती है। HPCL की यह ताजा रिपोर्ट भी इसी भरोसे को मजबूत करने की कोशिश मानी जा रही है।

कई स्तरों पर होती है गुणवत्ता की परख

कंपनी का कहना है कि ईंधन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एक नहीं, बल्कि कई परतों में जांच की जाती है। इसमें पेट्रोल पंपों पर होने वाली नियमित जांच, अचानक किए जाने वाले औचक निरीक्षण, ईंधन के नमूनों की लैब जांच और लगातार निगरानी शामिल है। HPCL के मुताबिक इस पूरी प्रक्रिया के पीछे एक ही सोच है कि ग्राहक की गाड़ी में जो ईंधन जाए, वह सुरक्षित भी हो और बेहतर गुणवत्ता वाला भी।

ग्राहकों का भरोसा ही सबसे बड़ा लक्ष्य

कंपनी ने साफ कहा है कि वह देशभर के अपने सभी पेट्रोल पंपों पर ग्राहकों को भरोसेमंद और सही गुणवत्ता वाला ईंधन देने के लिए प्रतिबद्ध है। HPCL के अनुसार ईंधन की क्वालिटी पर नजर रखने वाला यह निगरानी अभियान आगे भी लगातार चलता रहेगा, ताकि लोगों का कंपनी पर भरोसा बना रहे और एथेनॉल वाले पेट्रोल को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब आंकड़ों के साथ दिया जा सके।

सवाल-जवाब

HPCL ने कुल कितनी जगहों पर पेट्रोल की जांच की?
कंपनी ने देशभर में कुल मिलाकर 3500 से ज्यादा जगहों पर पेट्रोल की गुणवत्ता की जांच की।
औचक जांच कब और कितने पंपों पर हुई?
7 जुलाई से 13 जुलाई 2026 के बीच 2,173 पेट्रोल पंपों पर अचानक जांच की गई।
जांच में क्या मिलावट या गड़बड़ी मिली?
नहीं, किसी भी जगह पेट्रोल में मिलावट, खराब गुणवत्ता या गंभीर गड़बड़ी नहीं मिली और ईंधन मानकों पर खरा पाया गया।
मोबाइल लैब से कितने नमूने जांचे गए?
मोबाइल लैब के जरिए 49 ईंधन नमूनों की जांच की गई, इसके अलावा क्वालिटी एश्योरेंस सेल ने 93 और जगहों पर पड़ताल की।
एथेनॉल मिले पेट्रोल पर बहस क्यों हो रही है?
कई लोग इसके इस्तेमाल, माइलेज और गाड़ियों के इंजन पर असर को लेकर सवाल उठा रहे हैं, जिस पर तेल कंपनियां मानकों के मुताबिक तैयारी का भरोसा दिला रही हैं।
क्या यह निगरानी आगे भी जारी रहेगी?
हां, HPCL के मुताबिक ईंधन की गुणवत्ता पर नजर रखने वाला निगरानी अभियान आगे भी लगातार चलता रहेगा।
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