देशभर में राष्ट्रीय हैंडलूम दिवस का आयोजन किया जा रहा है, और इस विशेष अवसर पर औद्योगिक शहर नोएडा से हस्तशिल्प एवं बुनकर उद्योग को लेकर बेहद उत्साहजनक आंकड़े सामने आए हैं। नोएडा के हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट सेक्टर ने पिछले वर्ष के मुकाबले चालू वित्त वर्ष में लगभग 35 से 40 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। इस प्रगति के पीछे केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी नीतियों और स्थानीय उद्यमियों के निरंतर प्रयासों का बड़ा योगदान माना जा रहा है। हालांकि, जहां एक ओर घरेलू बाजार में मांग तेजी से बढ़ रही है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भौगोलिक तनावों ने विदेशी व्यापार की गति को कुछ हद तक धीमा किया है।
सरकारी नीतियों का संबल और बढ़ता घरेलू बाजार
नोएडा हैंडलूम हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स वेलफेयर एसोसिएशन (HHEWA) के अध्यक्ष सीपी शर्मा ने उद्योग की वर्तमान स्थिति पर प्रकाश डालते हुए बताया कि वर्ष 2014 के बाद से सूक्ष्म, लघु और मध्यम श्रेणी के उद्यमियों को सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं से बहुत बड़ा लाभ मिला है। इन योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से इस क्षेत्र में नए उद्यमियों का रुझान तेजी से बढ़ा है। हाल ही में आयोजित इंडिया गिफ्ट फेयर में इस सकारात्मक बदलाव का असर साफ देखने को मिला, जहां हैंडलूम और हस्तशिल्प से जुड़ी वस्तुओं के 850 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे। इस आयोजन में देश और दुनिया भर से आए खरीदारों ने काफी रुचि दिखाई। वर्तमान में पारंपरिक उत्पादों के अलावा प्रमोशनल गिफ्ट, वेडिंग गिफ्ट, राजनीतिक उपहार और धार्मिक उपहार जैसी नई श्रेणियों की मांग में जबरदस्त इजाफा हुआ है, जिससे स्थानीय विनिर्माताओं के लिए कमाई के नए रास्ते खुले हैं।
उत्तर प्रदेश के कुल निर्यात में नोएडा की बड़ी हिस्सेदारी
निर्यात के मामले में नोएडा उत्तर प्रदेश का सबसे प्रमुख औद्योगिक केंद्र बनकर उभरा है। वर्तमान आंकड़ों के अनुसार, भारत के कुल राष्ट्रीय निर्यात में उत्तर प्रदेश की हिस्सेदारी लगभग 12 प्रतिशत है। वहीं, उत्तर प्रदेश से होने वाले कुल निर्यात का अकेले 30 से 35 प्रतिशत हिस्सा नोएडा से आता है। इस शहर में वर्तमान में लगभग 16 हजार औद्योगिक इकाइयां कार्यरत हैं, जिनमें से करीब 8 हजार से 9 हजार उद्योग सीधे तौर पर हैंडलूम और हैंडीक्राफ्ट के निर्यात कारोबार में जुड़े हुए हैं। सरकार की एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना ने स्थानीय हस्तशिल्प को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में केंद्रीय भूमिका निभाई है। इसी सफलता को आगे बढ़ाते हुए सरकार द्वारा शुरू की गई एक जिला एक व्यंजन पहल से भी हस्तशिल्प और खानपान से जुड़े उद्यमियों को नए व्यापारिक अवसर मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
वैश्विक संघर्ष और हॉर्मुज जलडमरूमध्य तनाव का असर
स्थानीय स्तर पर मजबूत प्रदर्शन के बावजूद, अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां निर्यातकों के लिए चुनौतियां खड़ी कर रही हैं। एसोसिएशन अध्यक्ष सीपी शर्मा के अनुसार, ईरान और इजराइल के बीच जारी सैन्य संघर्ष तथा हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े समुद्री मार्ग तनाव के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है। इस अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता का सीधा असर नोएडा सहित पूरे भारत के निर्यात कारोबार पर पड़ा है, जिससे विदेशी खरीदारों के ऑर्डरों में लगभग 10 से 15 प्रतिशत तक की कमी दर्ज की गई है। इसके बावजूद उद्योग विशेषज्ञों को पूरा भरोसा है कि वैश्विक परिस्थितियां सामान्य होते ही और निरंतर सरकारी सहयोग के बल पर यह क्षेत्र जल्द ही अपनी पुरानी तेज रफ्तार हासिल कर लेगा।



















