सूडान में पिछले कई महीनों से जारी भीषण गृहयुद्ध के बीच रक्षा उपकरणों की नई खेप पहुंचने के दावों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। बालोच पीपुल्स कांग्रेस (BPC) सहित बालोच, पश्तून और सिंधी कार्यकर्ताओं के अग्रणी समूहों ने दावा किया है कि पाकिस्तानी सेना सूडान को आधुनिक हथियार और सैन्य गाड़ियां आपूर्ति कर रही है। इस आपूर्ति से अफ्रीकी देश सूडान में जारी हिंसा के और अधिक गंभीर होने का खतरा पैदा हो गया है। इसके साथ ही, रक्षा बिक्री से प्राप्त होने वाले धन का इस्तेमाल पाकिस्तान के भीतर स्थानीय समुदायों पर दबाव बढ़ाने के लिए किए जाने की आशंका भी जताई गई है।
सूडानी सैन्य परेड में दिखा पाकिस्तानी मोहाफिज-वी वाहन
इस पूरे मामले का खुलासा उस समय हुआ जब सूडान में आयोजित एक सैन्य परेड के दौरान पाकिस्तान में निर्मित मोहाफिज-वी (Mohafiz-V) बख्तरबंद गाड़ियां सार्वजनिक रूप से दिखाई दीं। बालोच पीपुल्स कांग्रेस का कहना है कि सूडान के सैन्य मोर्चे पर इस विशिष्ट वाहन की मौजूदगी पहली बार आधिकारिक या सार्वजनिक तौर पर रिकॉर्ड की गई है। यह बख्तरबंद गाड़ी पाकिस्तान की सरकारी रक्षा निर्माता कंपनी हेवी इंडस्ट्रीज टैक्सिला (HIT) की सहायक इकाई एचआईटी आर्मर (HIT Armour) द्वारा तैयार की जाती है।
सैन्य विश्लेषकों और अधिकार समूहों के अनुसार, मोहाफिज-वी का सूडान पहुंचना केवल एक अकेला सौदा नहीं है, बल्कि यह एक व्यापक रक्षा सहयोग समझौते की कड़ी प्रतीत होता है। इस संभावित सौदे के तहत पाकिस्तान से सूडान को YIHA-III आत्मघाती ड्रोन, शाहपर-2 (Shahpar-2) टोही और हमलावर ड्रोन, के-8 (K-8) कराकोरम लड़ाकू प्रशिक्षण विमान और चीन निर्मित अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम की आपूर्ति शामिल होने की बात कही गई है। प्रारंभिक जानकारियों से संकेत मिलता है कि इन सैन्य साजोसामान की खेप सऊदी अरब के समुद्री या हवाई मार्गों के माध्यम से सूडान तक पहुंचाई गई है, हालांकि इस पूरे लेन-देन के कुल बजट और वित्तीय स्रोतों का विस्तृत ब्योरा अभी सार्वजनिक नहीं हुआ है।
$1.5 अरब के प्रस्तावित रक्षा सौदे की वित्तीय पहेली
रक्षा मामलों के अध्ययन से जुड़े ब्योरों के अनुसार, पाकिस्तान और सूडान के बीच लगभग 1.5 अरब अमेरिकी डॉलर (USD) का एक बड़ा हथियार समझौता प्रस्तावित किया गया था। शुरुआत में इस सौदे की वित्तीय व्यवस्था सऊदी अरब द्वारा समर्थित होने की चर्चा थी, लेकिन बाद में सऊदी अरब द्वारा वित्तीय बैकअप वापस ले लिए जाने के कारण यह सौदा रुक गया था। इसके बावजूद, हाल ही में सूडान की सड़कों और सैन्य परेडों में पाकिस्तानी रक्षा उपकरणों की सीधी मौजूदगी इस बात का संकेत देती है कि उस प्रस्तावित समझौते का कुछ हिस्सा जमीन पर लागू किया जा चुका है।
बालोच, पश्तून और सिंधी समुदायों पर असर की चेतावनी
बालोच पीपुल्स कांग्रेस ने इस रक्षा निर्यात के मानवाधिकार पहलुओं पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि पाकिस्तानी सैन्य प्रतिष्ठान अतीत में भी बालोच, पश्तून और सिंधी बहुल इलाकों में आम नागरिकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के खिलाफ आधुनिक हथियारों का इस्तेमाल करता रहा है। संगठन ने चेतावनी दी है कि सूडान जैसे संघर्षग्रस्त देशों को हथियार बेचकर जो राजस्व कमाया जाएगा, उसका उपयोग पाकिस्तान के आंतरिक क्षेत्रों में मानवाधिकार उल्लोंघनों और दमनकारी अभियानों को वित्तपोषित करने में किया जा सकता है।
सूडान में गहराता मानवीय संकट और अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग
सूडान की स्थिति अप्रैल 2023 से लगातार बिगड़ रही है, जब देश की सेना और प्रतिद्वंद्वी अर्धसैनिक बलों के बीच पूर्ण पैमाने पर सशस्त्र संघर्ष छिड़ गया था। इस गृहयुद्ध के कारण अब तक हजारों निर्दोष नागरिकों की जान जा चुकी है, जबकि लाखों लोग बेघर होकर विस्थापित जीवन जीने पर मजबूर हैं। हाल ही में सूडान के कोर्डोफान (Kordofan) क्षेत्र में हुए सिलसिलेवार घातक ड्रोन हमलों में कम से कम 77 लोगों की मौत दर्ज की गई थी।
बालोच पीपुल्स कांग्रेस ने कहा है कि बाहरी देशों द्वारा सूडान में हथियारों की निरंतर आपूर्ति से वहां शांति स्थापित करने के सभी कूटनीतिक प्रयास विफल हो सकते हैं। संगठन ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, संयुक्त राष्ट्र और वैश्विक मानवाधिकार निकायों से अपील की है कि वे सूडान को होने वाली कथित पाकिस्तानी हथियार आपूर्ति पर तुरंत रोक लगाएं। इसके अलावा, इस पूरे सैन्य समझौते, इसकी वित्तीय कड़ियों और इसमें शामिल बिचौलियों की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच कराने की पुरजोर मांग की गई है।


















