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अमेरिका-ईरान तनाव का असर, भारत ने डीजल और जेट फ्यूल के निर्यात पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स, पेट्रोल पर राहतव्यापार
16 जुल॰ 2026, 8:05 am (45 दिन पहले)· 3

अमेरिका-ईरान तनाव का असर, भारत ने डीजल और जेट फ्यूल के निर्यात पर बढ़ाया विंडफॉल टैक्स, पेट्रोल पर राहत

ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें चढ़ने के बाद सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स 7 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिया है, जबकि पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी घटा दी है। नई दरें 16 जुलाई से लागू हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम अचानक चढ़ने का सीधा असर अब भारत के फ्यूल एक्सपोर्ट पर दिखने लगा है। सरकार ने डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी जेट फ्यूल के निर्यात पर लगने वाले विंडफॉल टैक्स में 7 रुपये प्रति लीटर की भारी बढ़ोतरी कर दी है। दिलचस्प बात यह है कि इसी दौरान पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी में कटौती भी की गई है।

किस फ्यूल पर कितना बदला टैक्स

सरकारी नोटिफिकेशन के मुताबिक डीजल के निर्यात पर लगने वाली ड्यूटी को 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर सीधे 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इसी तरह एविएशन टर्बाइन फ्यूल के एक्सपोर्ट पर टैक्स 7.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर पहुंचा दिया गया है। दूसरी ओर पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी को 4 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। ये नई दरें आज यानी 16 जुलाई से लागू हो गई हैं।

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सरकार ने यह कदम क्यों उठाया

असल में इस पूरे फैसले की जड़ अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है। इस हफ्ते दोनों देशों के बीच टकराव तेज होने के बाद ग्लोबल स्तर पर तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल आया। बुधवार को दाम पहले चढ़े और फिर थोड़े नरम पड़े, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू कर दी। जवाब में ईरान ने इलाके में मौजूद अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर पलटवार किया। कच्चे तेल के दाम चढ़ने की इसी स्थिति को देखते हुए सरकार ने डीजल और जेट फ्यूल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाने का फैसला लिया है।

सवाल-जवाब

डीजल के निर्यात पर टैक्स कितना बढ़ाया गया है?
डीजल के निर्यात पर ड्यूटी को 8.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 15.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
जेट फ्यूल यानी एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर नई दर क्या है?
जेट फ्यूल के निर्यात पर टैक्स 7.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 14.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
पेट्रोल के निर्यात पर क्या बदलाव हुआ?
पेट्रोल के निर्यात पर ड्यूटी को 4 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 2.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
नई दरें कब से लागू होंगी?
नई दरें आज यानी 16 जुलाई से लागू हो गई हैं।
सरकार ने यह फैसला क्यों लिया?
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने से ग्लोबल क्रूड ऑयल की कीमतें चढ़ गईं, जिसे देखते हुए सरकार ने डीजल और जेट फ्यूल के निर्यात पर विंडफॉल टैक्स बढ़ाया।
तेल की कीमतें अचानक क्यों बढ़ीं?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सभी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी दोबारा लागू कर दी और ईरान ने इलाके में अमेरिकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर पलटवार किया, जिससे कीमतों में उछाल आया।
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