गांवों में आधुनिक खेती का चलन तेजी से बढ़ रहा है और किसान उच्च गुणवत्ता वाले बीजों, रासायनिक खाद तथा कीटनाशकों का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर कर रहे हैं। इस बदलाव के कारण ग्रामीण इलाकों में कृषि इनपुट उत्पादों की मांग निरंतर बढ़ रही है। वर्तमान में अनेक गांवों के किसानों को अच्छी किस्म के उर्वरक और बीज खरीदने के लिए दूर स्थित तहसीलों या जिला मुख्यालयों के बाजारों तक जाना पड़ता है। यदि गांव के भीतर ही ऐसी खाद और बीज की प्रामाणिक दुकान खुल जाए, तो किसानों को सुगमता होगी और स्थानीय युवाओं के लिए स्वरोजगार के बेहतरीन द्वार खुलेंगे। इससे दुकान चलाने वाले व्यक्ति को गांव में ही स्थायी ग्राहक मिलेंगे और व्यवसाय निरंतर वृद्धि करेगा।
ऑनलाइन आवेदन करने का तरीका
खाद, बीज तथा कीटनाशक का विक्रय केंद्र शुरू करने के लिए इच्छुक व्यक्ति को विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के तहत लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होता है। जिला कृषि अधिकारी आर.के. वर्मा के अनुसार, इस लाइसेंस के लिए अभ्यर्थियों को ऑनलाइन माध्यम से आवेदन जमा करना पड़ता है। कोई भी आवेदक अपने निकटतम कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), साइबर कैफे से या फिर स्वयं अपने कंप्यूटर व मोबाइल के जरिए विभाग की आधिकारिक वेबसाइट agriculture.up.gov.in पर जाकर पंजीकरण कर सकता है। प्रक्रिया के दौरान आवेदक को अपने सभी जरूरी शैक्षणिक और व्यक्तिगत कागजात ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने होते हैं। इसके पश्चात संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाता है और अर्हता पूरी होने पर लाइसेंस जारी कर दिया जाता है।
विभिन्न लाइसेंस के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता
कृषि विभाग के नियमों के अंतर्गत उर्वरक और बीज बेचने के लिए अलग-अलग शैक्षणिक मानक तय किए गए हैं। खाद या उर्वरक (फर्टिलाइजर) के थोक विक्रेता का लाइसेंस प्राप्त करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के पास विज्ञान संकाय में स्नातक की डिग्री होनी चाहिए, जिसमें रसायन शास्त्र (केमिस्ट्री) एक मुख्य विषय के रूप में शामिल रहा हो। इसके अतिरिक्त, जिन अभ्यर्थियों ने कृषि विज्ञान में स्नातक की उपाधि ली है या जिनके पास एग्रीकल्चर में मान्यता प्राप्त डिप्लोमा मौजूद है, वे भी फर्टिलाइजर लाइसेंस के लिए पूर्ण रूप से पात्र माने जाते हैं। वहीं दूसरी ओर, यदि कोई व्यक्ति केवल बीज बिक्री के लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहता है, तो उसके लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 10वीं पास (हाईस्कूल) निर्धारित की गई है।
आईएनएम योजना के तहत अनिवार्य प्रशिक्षण
लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं होती, बल्कि अभ्यर्थियों के लिए विभाग द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफलतापूर्वक पूरा करना भी जरूरी होता है। कृषि विभाग द्वारा इंटीग्रेटेड न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट यानी आईएनएम (INM) योजना के अंतर्गत उर्वरक विक्रेताओं के लिए विशेष ट्रेनिंग सत्र आयोजित किए जाते हैं। इसके तहत 15 दिनों का एक नियमित प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किया जाता है, जिसके एक बैच में लगभग 30 प्रतिभागियों की मौजूदगी आवश्यक रखी गई है। इसके साथ ही, इसी योजना के तहत 1 वर्ष की अवधि का भी विस्तृत प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जाता है, जिसमें लगभग 40 प्रतिभागियों को शामिल किया जाता है। इस प्रशिक्षण के दौरान खाद और कीटनाशकों के सही भंडारण, सुरक्षा मानकों तथा उचित इस्तेमाल की बारीक जानकारी दी जाती है। इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा करने वाले अभ्यर्थियों को ही दुकान का लाइसेंस प्रदान किया जाता है।
आवश्यक कागजात और संपर्क विवरण
लाइसेंस की आवेदन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए अभ्यर्थियों के पास कुछ मूलभूत पहचान और व्यावसायिक दस्तावेज होने अनिवार्य हैं। इनमें आवेदक का आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी रजिस्ट्रेशन से संबंधित कागजात और हाल ही में खिंचवाई गई पासपोर्ट साइज फोटो शामिल हैं। इसके अलावा शैक्षणिक योग्यता के अंकपत्र व प्रमाण पत्र भी स्कैन करके पोर्टल पर अपलोड करने होते हैं। इस योजना तथा लाइसेंस आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी अतिरिक्त जानकारी या मार्गदर्शन के लिए इच्छुक व्यक्ति अपने संबंधित जिला कृषि अधिकारी कार्यालय में जाकर सीधे संपर्क साध सकते हैं।



















