सिंह राशिफल 28 अक्टूबर: उच्च के गुरु और अष्टम शनि के बीच खर्च पर नियंत्रण और काम में स्पष्टता रखेंनथिंग के ओवर-ईयर हेडफ़ोन पर अमेज़न पर भारी छूट, अब 55 डॉलर में उपलब्धत्योहारी सीजन में ऐपल के आईफोन की मांग में भारी गिरावट, क्या भारत में कम हो रहा है क्रेजकन्या राशि राशिफल 28 अक्टूबर: इन बातों का रखें विशेष ध्यान, जानें करियर और आर्थिक स्थितिअमेरिका समंदर की गहराइयों में क्यों उतार रहा है पुराने जहाज और गैस टैंककॉमनवेल्थ कबड्डी चैंपियनशिप: भारत ने तंजानिया को 48-20 से रौंदकर सेमीफाइनल में पक्का किया स्थानपाठक नहीं अब बॉट्स के लिए खबरें लिख रहे प्रकाशक, एक्सियोस और एवरी ने बदला डिजिटल मीडिया का फॉर्मेटतुला राशि राशिफल 28 अक्टूबर: शनि की दृष्टि से पूरे होंगे पेंडिंग काम, जानिए क्या कहती है आपकी चंद्र राशिसिग्मा रिव्यू (2026): नेटफ्लिक्स पर आ रही है थलापति विजय के बेटे जेसन संजय की डेब्यू फिल्ममानसा में युवक की संदिग्ध मौत पर कोहराम, शव धरने पर ले जाने को लेकर पुलिस से भिड़े ग्रामीण
ईंधन निर्यातकों को केंद्र से राहत, डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क में कटौती लागूव्यापार
1 अक्तू॰ 2026, 7:44 am (27 दिन पहले)· 0

ईंधन निर्यातकों को केंद्र से राहत, डीजल और एटीएफ पर निर्यात शुल्क में कटौती लागू

केंद्र सरकार ने डीजल के निर्यात शुल्क में 4 रुपये और विमान ईंधन में 4.5 रुपये प्रति लीटर की कटौती कर दी है, जबकि पेट्रोल पर दरें पहले जैसी रहेंगी।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल के दामों में हलचल और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक हालात के बीच केंद्र सरकार ने तेल शोधन कंपनियों को बड़ी रियायत दी है। केंद्र ने पेट्रोलियम उत्पादों के निर्यात पर लगने वाले विशेष लेवी में संशोधन करते हुए डीजल और विमान ईंधन यानी एटीएफ की दरों को काफी नीचे ला दिया है। यह नई व्यवस्था आज से प्रभावी मानी जाएगी, जिससे विदेशी बाजारों में ईंधन बेचने वाले रिफाइनर्स का मार्जिन बेहतर होने की उम्मीद है। वहीं दूसरी ओर मोटर स्पिरिट यानी पेट्रोल पर लागू स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में किसी भी तरह का फेरबदल नहीं किया गया है।

संशोधित निर्यात दरों का पूरा ब्योरा

वित्त मंत्रालय की ओर से जारी ताजा अधिसूचना के तहत आगामी पखवाड़े के लिए निर्यात शुल्कों की नई सूची तय की गई है। इसके तहत डीजल के बाहरी लदान पर देय स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी और सेस के योग को 20 रुपये प्रति लीटर से कम करके 16 रुपये प्रति लीटर निर्धारित किया गया है, जिसका सीधा मतलब कंपनियों के लिए 4 रुपये प्रति लीटर की बचत है।

ये भी पढ़ें

हवाई जहाजों में इस्तेमाल होने वाले जेट ईंधन यानी एटीएफ के विदेशी शिपमेंट पर लगने वाले शुल्क को पूर्व के 15 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 10.5 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। इस समायोजन के जरिए एयर टरबाइन फ्यूल निर्यातकों को प्रति लीटर 4.5 रुपये की स्पष्ट राहत प्राप्त हुई है। पेट्रोल के निर्यात शुल्क में कोई बदलाव नहीं हुआ है और यह पहले की तरह 0.5 रुपये यानी 50 पैसे प्रति लीटर पर स्थिर बना हुआ है।

घरेलू खुदरा बाजार और उपभोक्ताओं पर प्रभाव

निर्यात शुल्क में हुई इस कमी का भारत के भीतर आम गाड़ियों में डलने वाले तेल की कीमतों पर कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। वित्त मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह फेरबदल केवल अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पार भेजे जाने वाले कार्गो पर लागू होता है। देश के आंतरिक ईंधन पंपों पर बिकने वाले पेट्रोल और डीजल पर लगने वाली केंद्रीय एक्साइज ड्यूटी पूरी तरह अपरिवर्तित है। इसलिए आम नागरिकों को मिलने वाले खुदरा दामों में इसके चलते कोई प्रतिकूल वृद्धि या बदलाव देखने को नहीं मिलेगा।

विंडफॉल टैक्स लगाने की वजह और प्रक्रिया

यह विशेष निर्यात शुल्क मूल रूप से उस समय अस्तित्व में आया था जब वैश्विक तनाव और पश्चिम एशिया के संकट के चलते कच्चे तेल की कीमतें अचानक चढ़ गई थीं। उस दौर में घरेलू रिफाइनरियां स्थानीय जरूरतों की अनदेखी कर विदेशी मंडियों में तेल बेचकर अप्रत्याशित मुनाफा कमाने लगी थीं। आंतरिक आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और कंपनियों के अतिरिक्त मुनाफे को संतुलित करने के लिए सरकार ने 27 मार्च को डीजल व एटीएफ पर और 16 मई से पेट्रोल पर यह टैक्स शुरू किया था। केंद्र सरकार हर 15 दिनों में अंतरराष्ट्रीय ईंधन बेंचमार्क की समीक्षा करती है और उसी आधार पर इन दरों को नियमित रूप से घटाती या बढ़ाती रहती है।

सवाल-जवाब

डीजल के निर्यात शुल्क में कितनी कटौती की गई है?
डीजल के निर्यात पर लगने वाले टैक्स को 20 रुपये से घटाकर 16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, यानी इसमें 4 रुपये की कमी हुई है।
हवाई ईंधन (ATF) के निर्यात पर क्या नई दरें तय हुई हैं?
एटीएफ पर लगने वाले शुल्क को 15 रुपये से घटाकर 10.5 रुपये प्रति लीटर तय किया गया है, जिससे 4.5 रुपये प्रति लीटर की राहत मिली है।
क्या पेट्रोल के निर्यात शुल्क में भी कोई बदलाव किया गया है?
नहीं, पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाला शुल्क 0.5 रुपये (50 पैसे) प्रति लीटर पर पहले की तरह ही बरकरार रखा गया है।
क्या इस फैसले से घरेलू पेट्रोल-डीजल के दाम घटेंगे या बढ़ेंगे?
नहीं, यह शुल्क केवल विदेशी निर्यात पर लागू होता है और घरेलू बाजार में बिकने वाले ईंधन की खुदरा कीमतों पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
यह टैक्स कब लागू हुआ था और इसकी समीक्षा कब होती है?
यह टैक्स 27 मार्च को डीजल व एटीएफ और 16 मई से पेट्रोल पर लगाया गया था, जिसकी समीक्षा सरकार हर 15 दिनों में करती है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp