केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारी और पेंशनभोगी एक बार फिर अपनी कमाई में इजाफे का इंतजार कर रहे हैं। इस बार AICPI के ताजा आंकड़ों को देखते हुए महंगाई भत्ते यानी DA में करीब 3 से 4 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। खास बात यह है कि यह भत्ता महज हाथ में आने वाली रकम नहीं बढ़ाता, बल्कि आपकी पूरी सैलरी का गणित ही पलट देता है।
आखिर क्यों दिया जाता है यह भत्ता
बढ़ती कीमतों का बोझ अपने कर्मचारियों और पेंशनर्स पर कम पड़े, इसके लिए सरकार बेसिक सैलरी के ऊपर अलग से महंगाई भत्ता जोड़कर देती है। इसका मकसद सीधा है, ताकि महंगाई बढ़ने पर भी आम कर्मचारी की जेब पर उतना असर न पड़े। हर छह महीने में इसकी पड़ताल होती है, यानी एक साल के भीतर दो बार इस भत्ते के जरिए वेतन ऊपर जा सकता है।
पेंशनर्स के लिए अलग व्यवस्था
जिस तरह नौकरी कर रहे लोगों को DA का लाभ मिलता है, ठीक उसी तर्ज पर रिटायर हो चुके लोगों को महंगाई राहत यानी डियरनेस रिलीफ (DR) दी जाती है। यही रकम पेंशनर्स को हर महीने बढ़ते खर्च से जूझने में सहारा देती है।
सिर्फ जेब में आने वाली रकम नहीं बदलती
यहां समझने वाली बात यह है कि इस भत्ते का असर केवल टेक-होम सैलरी तक सीमित नहीं रहता। दरअसल बेसिक पे के साथ-साथ DA भी वेतन ढांचे का वह हिस्सा है, जिसके आधार पर PF, पेंशन और ग्रेच्युटी की गणना होती है। इसलिए जब भी यह भत्ता ऊपर जाता है, तो कर्मचारी की पूरी वित्तीय तस्वीर पर उसका असर दिखता है।
साल में दो बार होती है पड़ताल
सरकार हर साल दो मौकों पर DA और DR की समीक्षा करती है, और यह पूरी कवायद अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (AICPI) के आंकड़ों पर टिकी होती है। समीक्षा जनवरी और जुलाई में की जाती है, जबकि इसका ऐलान क्रमशः मार्च और अक्टूबर में होता है। हालांकि यह जरूरी नहीं कि हर बार वेतन में बदलाव किया ही जाए।
पिछली दफा कितनी राहत मिली
बीते दौर में सरकार ने इस भत्ते में दो फीसदी की बढ़त दी थी, जिससे यह 58 फीसदी से बढ़कर 60 फीसदी पर पहुंच गया था। उस फैसले का सीधा फायदा 58 लाख कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों को हुआ था। अब ताजा आंकड़ों के आधार पर 3 से 4 फीसदी और बढ़ने की चर्चा जोरों पर है।
राज्यों में क्या चल रहा है
यह मामला अकेले केंद्र तक सीमित नहीं है। असम, अरुणाचल प्रदेश, तमिलनाडु, ओडिशा और उत्तर प्रदेश अपने कर्मचारियों का DA बढ़ाकर 60 फीसदी कर चुके हैं। वहीं पश्चिम बंगाल ने अक्टूबर से इसमें 20 फीसदी की बढ़ोतरी कर इसे 38 फीसदी तक पहुंचा दिया है। दूसरी ओर महाराष्ट्र ने DA के पुराने बकाया के भुगतान के लिए 800 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम मंजूर की है।
बैंक और रेलवे वालों को भी लाभ
महंगाई भत्ते की राहत सिर्फ केंद्र या राज्य के कर्मचारियों तक नहीं रुकती। रेलवे और बैंकों में काम करने वालों को भी इसका सीधा फायदा मिलता है। भारतीय बैंक संघ ने अपने कर्मचारियों के लिए DA बढ़ाने का ऐलान किया है, तो वहीं रेलवे ने भी इसे दो फीसदी बढ़ा दिया है।
टैक्स का पेच और आगे की उम्मीद
ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि कर्मचारियों को मिलने वाला DA पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है और इसे इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) में अलग से दिखाना पड़ता है। इसके साथ ही सरकार साफ कर चुकी है कि फिलहाल इस भत्ते को बेसिक पे में मिलाने की कोई योजना नहीं है, भले ही यह 60 फीसदी के पार चला जाए। अब सभी की निगाहें आठवें वेतन आयोग पर टिकी हैं कि इस मुद्दे पर उसकी सिफारिशें क्या रुख अपनाती हैं।



















