सरकार के लिए टैक्स के मोर्चे से बड़ी खुशखबरी आई है। बुधवार को जारी सरकारी आंकड़ों में सामने आया कि जून के महीने में माल एवं सेवा कर यानी जीएसटी की कुल वसूली बीते साल के मुकाबले 13.9 फीसदी बढ़कर 1.95 लाख करोड़ रुपये पर जा पहुंची। यह अपने आप में एक रिकॉर्ड आंकड़ा है और बीते 13 महीनों में जीएसटी संग्रह की सबसे तेज उछाल भी है।
सबसे खास बात यह रही कि इस बार सरकारी खजाना भरने में विदेश से मंगाए गए सामान का सबसे बड़ा योगदान रहा। आयात से मिलने वाले राजस्व में जबरदस्त 34.6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज हुई और सिर्फ आयातित सामानों से ही सरकार के पास 60,038 करोड़ रुपये का टैक्स आया। वहीं देश के भीतर होने वाले लेनदेन से सरकार को करीब 1.35 लाख करोड़ रुपये का जीएसटी हासिल हुआ, जो पिछले साल के मुकाबले 6.5 फीसदी ज्यादा है।
रिफंड बांटने के बाद भी नेट कलेक्शन में उछाल
जून में कारोबारियों को मोटी रकम रिफंड के तौर पर लौटाने के बावजूद सरकार का शुद्ध जीएसटी राजस्व 11.2 फीसदी बढ़कर 1.62 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। रिफंड का भुगतान भी इस बार काफी ऊंचे स्तर पर रहा। जून में कुल जीएसटी रिफंड सालाना आधार पर 29.1 फीसदी बढ़कर 32,436 करोड़ रुपये रहा।
उत्तर प्रदेश ने मारी बाजी
राज्यों की बात करें तो जून में सबसे दमदार प्रदर्शन उत्तर प्रदेश का रहा। यूपी का जीएसटी संग्रह सालाना आधार पर रिकॉर्ड 19 फीसदी उछलकर 9,165 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि पिछले साल इसी दौरान यह आंकड़ा 7,675 करोड़ रुपये था। यूपी के बाद असम में 17 फीसदी, पंजाब में 14 फीसदी और गुजरात में 12 फीसदी की बढ़त दर्ज की गई।
टैक्स देने में महाराष्ट्र फिर सबसे आगे
जीएसटी राजस्व में हमेशा की तरह सबसे बड़ा हिस्सा देने वाले महाराष्ट्र का रुतबा इस बार भी बरकरार रहा। महाराष्ट्र का जीएसटी संग्रह 9 फीसदी बढ़कर 30,714 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। इसके अलावा कर्नाटक में 10 फीसदी और दिल्ली में जीएसटी कलेक्शन में 8 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली।
इन बड़े राज्यों में लुढ़का कलेक्शन
दूसरी तरफ कुछ बड़े राज्यों की तस्वीर इस बार कमजोर रही और वहां जीएसटी संग्रह घट गया। टैक्स वसूली के मामले में सबसे बड़ी गिरावट झारखंड में देखी गई, जहां कलेक्शन 16 फीसदी तक लुढ़क गया। राजस्थान और मध्य प्रदेश में जीएसटी संग्रह 5-5 फीसदी घट गया, जबकि तमिलनाडु में भी इस बार वसूली सालाना आधार पर 2 फीसदी कम रही।













