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कच्चे माल की बढ़ती लागत और मांग से उछला स्टील, चार साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दामव्यापार
22 सित॰ 2026, 3:07 pm (57 मिनट पहले)· 0

कच्चे माल की बढ़ती लागत और मांग से उछला स्टील, चार साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे दाम

कोकिंग कोल और लौह अयस्क की कीमतों में भारी उछाल तथा मानसून के बाद मजबूत मांग के चलते देश में स्टील की कीमतें चार साल के शीर्ष पर पहुंच गई हैं।

घरेलू बाजार में स्टील की कीमतों में तेज उछाल देखा जा रहा है, जिससे इसके भाव चार साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं। उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले जरूरी कच्चे माल की बढ़ती लागत और मानसून का सीजन खत्म होते ही बाजार में लौटी मांग इस तेजी की मुख्य वजह बनकर उभरी है। बाजार शोध फर्म बिगमिंट के ताजा विश्लेषण के अनुसार, निर्माण और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निरंतर गतिविधियों के कारण चालू वित्त वर्ष की आगामी तिमाहियों में भी कीमतों में यह तेजी बरकरार रहने का अनुमान है।

चार साल के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचे फ्लैट स्टील उत्पाद

बाजार के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में हॉट रोल्ड कॉइल (HRC) के भाव 64,000 रुपये प्रति टन तक पहुंच गए हैं। वहीं कोल्ड रोल्ड कॉइल (CRC) की कीमतें 75,000 रुपये प्रति टन के स्तर को छू चुकी हैं। ये दोनों उत्पाद बुनियादी औद्योगिक जरूरतों और विनिर्माण क्षेत्र में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किए जाने वाले फ्लैट स्टील आइटम हैं। घरेलू बाजार में इससे पहले स्टील की कीमतों में ऐसा उच्च स्तर जून 2022 में दर्ज किया गया था, जिसके बाद से भाव अपेक्षाकृत संतुलित बने हुए थे।

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अगस्त से अब तक दर्ज हुई भारी बढ़ोतरी

हालिया हफ्तों में स्टील की कीमतों का ग्राफ तेजी से ऊपर चढ़ा है। 1 अगस्त से लेकर अब तक हॉट रोल्ड कॉइल की कीमतों में 6,000 रुपये प्रति टन का बड़ा इजाफा हुआ है। इसी अवधि के दौरान कोल्ड रोल्ड कॉइल के दाम में 8,500 रुपये प्रति टन की जोरदार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। तुलनात्मक रूप से देखें तो इस साल अगस्त की शुरुआत में हॉट रोल्ड कॉइल 58,000 रुपये प्रति टन और कोल्ड रोल्ड कॉइल 66,500 रुपये प्रति टन के स्तर पर बिक रहे थे।

कोकिंग कोल और लौह अयस्क हुआ महंगा

स्टील के दामों में आई इस अचानक तेजी के पीछे कच्चे माल की लागत में भारी वृद्धि प्रमुख कारण रही है। आयात किए जाने वाले कोकिंग कोल की कीमत में महज एक महीने के भीतर लगभग 65 डॉलर प्रति टन का उछाल आया है, जिससे इसके अंतरराष्ट्रीय भाव 305 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गए हैं। इसके अलावा, घरेलू स्तर पर आयरन ओर फाइन्स के दामों में भी 200 से 250 रुपये प्रति टन की वृद्धि हुई है, जिसके बाद इसका भाव बढ़कर 4,500 रुपये प्रति टन हो गया है।

फिलहाल राहत की गुंजाइश नहीं

ब्लास्ट फर्नेस तकनीक के जरिए स्टील उत्पादन की कुल लागत में अकेले कोकिंग कोल की हिस्सेदारी 30 प्रतिशत से भी अधिक होती है, ऐसे में कच्चे माल का महंगा होना सीधे तैयार उत्पाद के दाम बढ़ा देता है। दूसरी तरफ खपत में भी मजबूती बनी हुई है। वित्त वर्ष 2027 में अप्रैल से अगस्त के दौरान देश में स्टील की खपत 70 MT दर्ज की गई, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 7 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि दर्शाती है। बुनियादी ढांचा और निर्माण क्षेत्र की निरंतर मांग को देखते हुए चालू वित्त वर्ष की बची हुई तिमाहियों में स्टील की कीमतों में नरमी आने की संभावना बेहद कम नजर आ रही है।

सवाल-जवाब

वर्तमान में हॉट रोल्ड कॉइल और कोल्ड रोल्ड कॉइल की कीमतें क्या हैं?
घरेलू बाजार में हॉट रोल्ड कॉइल की कीमत 64,000 रुपये प्रति टन और कोल्ड रोल्ड कॉइल की कीमत 75,000 रुपये प्रति टन पर पहुंच गई है।
अगस्त से अब तक स्टील के दामों में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
1 अगस्त से हॉट रोल्ड कॉइल के दाम में 6,000 रुपये प्रति टन और कोल्ड रोल्ड कॉइल में 8,500 रुपये प्रति टन का इजाफा हुआ है।
कोकिंग कोल की कीमतों में कितना उछाल आया है?
एक महीने के भीतर आयातित कोकिंग कोल के दाम करीब 65 डॉलर प्रति टन बढ़कर 305 डॉलर प्रति टन के स्तर पर पहुंच गए हैं।
अप्रैल से अगस्त के दौरान देश में स्टील की कितनी खपत हुई?
वित्त वर्ष 2027 के अप्रैल-अगस्त के दौरान भारत में स्टील की खपत 70 MT रही, जिसमें सालाना आधार पर 7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
क्या आने वाले समय में स्टील के दाम कम होने की उम्मीद है?
बिगमिंट के अनुसार, निर्माण और बुनियादी ढांचा क्षेत्र से मजबूत मांग बने रहने के कारण चालू वित्त वर्ष की बाकी तिमाहियों में कीमतों में कमी आने की संभावना नहीं है।
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