मोबाइल फोन रिटेल स्टोर नेटवर्क का संचालन करने वाली एसएस रिटेल इंडिया लिमिटेड के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम यानी आईपीओ को बोली के दौरान बाजार से जोरदार प्रतिक्रिया मिली है। तीन दिनों तक चली इस बोली प्रक्रिया में विभिन्न वर्ग के निवेशकों ने उत्साह दिखाया। कंपनी की 500 करोड़ रुपये की यह सार्वजनिक पेशकश 16 सितंबर को खुली थी और 18 सितंबर को बंद हुई थी। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी एनएसई के आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे इश्यू को कुल 103.30 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ है। पेशकश के तहत कुल 87,93,884 इक्विटी शेयर जारी किए जाने थे, जिसके मुकाबले निवेशकों की तरफ से 90,83,98,995 शेयरों के लिए आवेदन जमा किए गए।
विभिन्न श्रेणियों में संस्थागत और खुदरा निवेशकों की मांग
इस निर्गम में सबसे मजबूत रुझान बड़े और संस्थागत बोलीदाताओं की ओर से देखने को मिला। क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी क्यूआईबी श्रेणी में निर्गम 203.61 गुना सब्सक्राइब हुआ। वहीं दूसरी ओर गैर संस्थागत निवेशकों यानी एनआईआई की श्रेणी में 143.32 गुना आवेदन मिले। आम खुदरा निवेशकों के कोटे को भी अच्छा रिस्पॉन्स मिला और यह श्रेणी 36.36 गुना भरी। एसएस रिटेल इंडिया लिमिटेड ने इस निर्गम के लिए 10 रुपये की फेस वैल्यू पर 403 रुपये से लेकर 424 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया था। मांग के भारी दबाव को देखते हुए शेयरों का अलॉटमेंट 424 रुपये के ऊपरी स्तर पर किया गया है। इसके अतिरिक्त, कंपनी के पात्र कर्मचारियों को प्रति शेयर 25 रुपये की विशेष छूट प्रदान की गई है।
लॉट साइज, निवेश सीमा और पूंजी जुटाने की रूपरेखा
आम खुदरा बोलीदाताओं के लिए न्यूनतम लॉट साइज 35 शेयरों की तय की गई थी। इसका सीधा मतलब यह है कि एक लॉट के लिए आवेदन करने वाले निवेशक को न्यूनतम 14,840 रुपये की पूंजी लगानी थी। नियमों के तहत खुदरा निवेशक अधिकतम 13 लॉट यानी कुल 455 शेयरों के लिए बोली लगा सकते थे, जिसके लिए अधिकतम निवेश राशि 1,92,920 रुपये बनती थी। कुल 500 करोड़ रुपये के इस पब्लिक ऑफरिंग ढांचे में 360 करोड़ रुपये मूल्य के 85,08,298 नए शेयर जारी किए जा रहे हैं। शेष 140 करोड़ रुपये की राशि ऑफर फॉर सेल यानी ओएफएस के जरिए जुटाई जा रही है, जिसमें 33,01,884 शेयर शामिल हैं और यह हिस्सेदारी कंपनी के मौजूदा प्रवर्तक बेच रहे हैं।
अलॉटमेंट प्रक्रिया पूरी, बीएसई और एनएसई पर शुरुआत
इश्यू बंद होने के उपरांत सोमवार, 21 सितंबर को सफल आवेदकों के लिए शेयरों का अलॉटमेंट पूरा कर दिया गया। इसके अगले चरण में 22 सितंबर को पात्र निवेशकों के संबंधित डीमैट खातों में शेयर ट्रांसफर कर दिए गए। वहीं जिन बोलीदाताओं को शेयर आवंटित नहीं हो सके, उनके फंड का रिफंड भी 22 सितंबर को ही प्रोसेस कर दिया गया। यह एक मेनबोर्ड पब्लिक इश्यू है, जिसकी औपचारिक लिस्टिंग 23 सितंबर को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई और एनएसई पर एक साथ की जाएगी।
ग्रे मार्केट के रुझान और लिस्टिंग से जुड़ी उम्मीदें
अनौपचारिक सौदों की निगरानी के अनुसार, 22 सितंबर को एसएस रिटेल के शेयर ग्रे मार्केट में 140 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे थे। इश्यू प्राइस 424 रुपये के हिसाब से यह लगभग 33.02 प्रतिशत के लाभ का संकेत देता है। इससे पहले 19 और 20 सितंबर को यह अनौपचारिक प्रीमियम 147 रुपये के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। हालांकि विश्लेषकों का मानना है कि वास्तविक लिस्टिंग के समय बाजार के तात्कालिक सेंटिमेंट और लिक्विडिटी के आधार पर कीमतों में बदलाव संभव है।


















