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खेती की आधुनिक मशीनें अब आधे दाम पर — सरकार दे रही 40 से 50% तक अनुदान, 15 जुलाई आखिरी तारीखव्यापार
13 जून 2026, 9:38 am (92 दिन पहले)· 1

खेती की आधुनिक मशीनें अब आधे दाम पर — सरकार दे रही 40 से 50% तक अनुदान, 15 जुलाई आखिरी तारीख

कृषि उपकरणों की योजना के तहत किसानों को ट्रैक्टर, थ्रेशर, रोटावेटर और बुवाई मशीनों की खरीद पर 40 से 50 प्रतिशत तक की सीधी सब्सिडी मिल रही है। आवेदन की अंतिम तिथि 15 जुलाई है।

खेती-किसानी को महंगी मशीनों के बोझ से हल्का करने के लिए सरकार ने एक बड़ा रास्ता खोला है। नए और आधुनिक कृषि यंत्रों की खरीद पर अब किसानों को सीधे 40 से लेकर 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जा रहा है। आसान शब्दों में कहें तो जो मशीन बाजार में पूरी कीमत पर मिलती है, वही अब किसान के खेत तक करीब आधे दाम पर पहुंच सकेगी।

क्या है यह पूरी योजना

खेती को आधुनिक, लाभकारी और आत्मनिर्भर बनाने के इरादे से सरकार ने अपनी ‘कृषि उपकरणों की योजना’ को रफ्तार दी है। इसी महत्वाकांक्षी योजना के तहत किसानों को आधुनिक यंत्र खरीदने पर भारी छूट दी जा रही है। मकसद साफ है — जो मशीनें कल तक एक आम किसान के बजट से बाहर थीं, वे किफायती होकर उसकी पहुंच में आ जाएं और खेती में उसे राहत मिले।

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किसान भी इस मौके को देखते हुए अपने खेतों को तैयार करने में जुट गए हैं। कोई जमीन को सुधार रहा है तो कोई उन्नत बीजों का इंतजाम कर रहा है, ताकि इस सीजन में पैदावार बेहतर हो सके।

आधुनिक यंत्रों की जरूरत क्यों

कृषि विशेषज्ञ मानते हैं कि आज के दौर में मशीनों के बिना खेती करना सिर्फ समय की बर्बादी नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से घाटे का सौदा भी है। हाथ से होने वाली पारंपरिक खेती में मेहनत और लागत दोनों कई गुना ज्यादा बैठती है। यही वजह है कि किसानों को नई तकनीक अपनाने की सलाह दी जा रही है, और सरकार खुद अनुदान देकर इस बदलाव को आगे बढ़ा रही है।

किन मशीनों पर और कितना फायदा

पाली कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार इस योजना की असली मंशा किसानों को ज्यादा से ज्यादा आधुनिक खेती की ओर मोड़ना है। ट्रैक्टर, थ्रेशर, रोटावेटर और बुवाई मशीनों जैसे यंत्रों के इस्तेमाल से किसान की मेहनत और समय की बड़ी बचत होगी। इतना ही नहीं, कृषि कार्यों में लगने वाली लागत भी करीब आधी रह जाएगी। जब लागत घटेगी और कम समय में सटीक काम होगा, तो किसान का मुनाफा और उसकी आमदनी दोनों सीधे तौर पर बढ़ेंगे, जिससे उसकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

आवेदन की तारीख और तरीका

विभाग ने योजना का लाभ लेने के लिए समय-सीमा भी तय कर दी है। क्षेत्र के इच्छुक और पात्र किसान आगामी 15 जुलाई तक अपना आवेदन जमा करा सकते हैं। आवेदन के लिए किसान राजकिसान साथी पोर्टल पर जाकर या अपने नजदीकी ई-मित्र केंद्र के जरिए जरूरी दस्तावेजों के साथ ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। विभाग ने अपील की है कि किसान तय समय से पहले आवेदन कर इस सुनहरे अवसर का फायदा उठाएं और अपनी खेती को आधुनिक बनाएं।

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