कोटा को देश का प्रमुख शिक्षण केंद्र माना जाता है, जहां देश भर से युवा पढ़ाई के लिए आते हैं। अब इसी शिक्षा नगरी में विद्यार्थियों को नौकरी तलाशने वाले के बजाय रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। मोदी इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड टेक्नोलॉजी ने राजस्थान सरकार के स्टार्टअप कार्यक्रम आईस्टार्ट के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य युवाओं के भीतर कारोबारी कौशल और नवाचार की भावना को बढ़ावा देना है, ताकि वे अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद खुद के उद्यम खड़े कर सकें।
संस्थान के ग्रुप डायरेक्टर राघव मोदी ने इस पहल के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि कोटा में आने वाले छात्रों के संपूर्ण विकास पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। केवलता किताबों की पढ़ाई तक सीमित रहने से काम नहीं चलता, बल्कि आज के समय में विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, रचनात्मकता और समस्याओं को सुलझाने की क्षमता जैसी कलाओं का होना भी उतना ही आवश्यक है। इसी जरूरत को पूरा करने के लिए शैक्षणिक ज्ञान को व्यावहारिक कौशल के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है ताकि युवा भविष्य की चुनौतियों का सामना आसानी से कर सकें।
युवाओं को मिलेगा सीधा मंच और मेंटरशिप
इस नए समझौते के तहत छात्र अपने नवीन बिजनेस विचारों को आईस्टार्ट मंच पर जाकर सीधे प्रस्तुत कर सकेंगे। सबसे अच्छे और दमदारी वाले विचारों को देश के जाने-माने विशेषज्ञों और उद्योग जगत के मार्गदर्शकों से सीधा मार्गदर्शन प्राप्त होगा। इसके अलावा जो परियोजनाएं पूरी तरह पात्र पाई जाएंगी, उनके लिए शुरुआती पूंजी यानी सीड फंडिंग और वित्तीय सहायता मिलने के रास्ते भी खुल जाएंगे। इससे विद्यार्थियों को केवल कागजी योजना तक सीमित न रहकर अपने आइडिया को जमीन पर उतारने का वास्तविक अनुभव मिलेगा।
इस साझेदारी के जरिए छात्रों को राजस्थान के विशाल स्टार्टअप तंत्र से जुड़ने का मौका मिलेगा, जिससे वे अनुभवी उद्योग विशेषज्ञों से सीख लेकर अपने व्यापारिक सपनों को ऊंची उड़ान दे सकेंगे। इस पूरी व्यवस्था का मकसद युवाओं के शुरुआती विचारों को एक ठोस और व्यावहारिक व्यावसायिक मॉडल में तब्दील करने के लिए सही नेटवर्क और दिशा दिखाना है। राघव मोदी ने इस बात को समझाते हुए एक उदाहरण दिया कि जिस तरह एक छोटे बीज को पेड़ बनने के लिए सही धूप, पानी और खाद की जरूरत होती है, ठीक उसी तरह विद्यार्थियों के कारोबारी ख्यालों को भी एक उपयुक्त मंच और अनुभवी मार्गदर्शक की आवश्यकता होती है। यह संस्था और सरकारी पहल मिलकर युवाओं को यही जरूरी अवसर देने के लिए लगातार काम करेंगे।



















